Tag Archives: #दीनीतालीम
दरूद शरीफ का बयान
नमाज़ के मसायल
दीनी मालूमात के लिए हमे फ्लो जरूर करेयूट्यूब youtube link :-https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9gफेसबुक facebook link:-https://www.facebook.com/jamalinoorirazvi/ वेबसाइट website link :-https://dinitalim.data.blog/ टेलीग्राम telegram link :-https://t.me/jamlinooriसभी से गुजारिश मेरे न्यू चैनल vice of jamal e millat यूट्यूब को subscribe करे लाइक करे शेयर करे jamalraza #hujurmuftieaazam ttsbarelvi voiceofjamalemillat mujadid_ibne_mujaddid_mufti_e_aazam
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ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही
मकरूहे तन्ज़ीही : – जिसका करना शरीअत को पसंद नहीं मगर इस हद तक नहीं कि उस पर अज़ाब की वईद आये यह सुन्नते ग़ैर मुअक्किदा के मुकाबिल है । ख़िलाफ़ औला – वह कि जिसका न करना बेहतर था अगर किया तो कुछ हरज और अजाब नहीं । यह मुस्तहब का मुकाबिल है ।Continue reading “ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही”
मकरूहे तहरीमी व इसाअत
मकरूहे तहरीमी : – यह वाजिब का मुकाबिल है । इसके करने से इबादत नाकिस यानी अधूरी हो जाती है और करने वाला गुनाहगार होता है अगरचे इसका गुनाह हराम से कम है और चन्द बार इसका करना गुनाहे कबीरा है । : इसाअत जिसका करना बुरा और कभी कभी करने वाला इताबे इलाही काContinue reading “मकरूहे तहरीमी व इसाअत”
मुस्तहब व मुबाह
मुस्तहब : – वह कि शरीअत की नज़र में उसका करना पसन्द हो मगर उसके छोड़ने पर कुछ नापसन्दी न हो चाहे हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने उसे किया या करने के लिये फ़रमाया या आंलिमों ने पसंद किया हो अगरचे उसका ज़िक हदीस में न आया हो फिर भी उसका करना औरContinue reading “मुस्तहब व मुबाह”
सुन्नते गैर मुअक्कदा
सुन्नते गैर मुअक्कदा : – वह है कि शरीअत की नज़र में ऐसी चीज़ हो कि उसके छोड़ने को नापसन्द रखे मगर इस हद तक नहीं कि शरीअत उस पर अज़ाब की वईद फ़रमाये । इस बात से आम है कि हुजूर ने उसको हमेशा किया है या नहीं । उस का करना सवाब औरContinue reading “सुन्नते गैर मुअक्कदा”
सुन्नते मुअक्कदा
सुन्नते मुअक्कदा : – वह जिस को हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हमेशा किया हो अलबत्ता बयाने जवाज़ ( जाइज़ होने के बयान ) के वास्ते कभी छोड़ भी दिया हो या वह कि उस के करने की ताकीद की हो मगर छोड़ने का रास्ता बिल्कुल बन्द न किया हो इसी सुन्नते मुअक्कदाContinue reading “सुन्नते मुअक्कदा”
वजू के मसायल
मसला : – जिस के सर के अगले हिस्से के बाल गिर गये या जमे नहीं उस पर वहीं तक मुँह धोना फ़र्ज़ है जहाँ तक आदत के मुवाफिक बाल होते हैं और अगर आदत के ख़िलाफ़ किसी के नीचे तक बाल जमे हों तो उन ज़्यादा बालों का जड़ तक धोना फ़र्ज़ है ।Continue reading “वजू के मसायल”
फजाईले जुमा हदीस
हदीस न .20 : – मुस्लिम व अबू दाऊद व तिर्मिज़ी वं इब्ने माजा अबू हुरैरह रदियल्लाहु तआला अन्हु से रावी हुजूरे अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं जिसने अच्छी तरह वुजू किया फिर जुमे को आया ( खुतबा सुना और चुप रहा उसके लिए मगफिरत हो जायेगी उन गुनाहों की जो इस जुमेContinue reading “फजाईले जुमा हदीस”
मीज़ान क्या है :-
अल जवाब :- अकीदा : – मीज़ान हक़ है उस पर लोगों के अच्छे बुरे आमाल तौले जायेंगे । दुनिया में पल्ला भारी होने का मतलब यह होता है कि नीचे को पल्ला झुकता है । लेकिन वहाँ उस का उल्टा होगा और जिसका पल्ला भारी होगा ऊपर को उठ जायेंगा । हवाला :- बहारेContinue reading “मीज़ान क्या है :-“
इन्ना अहसनल हदीसे किताबुल्लाही
और ऐ ईमान वालो होशियारी से काम लो ( ७ ) फिर दुश्मन की तरफ़ थोड़े थोड़े होकर निकलो या इकट्ठे चलो (७१) तुम में कोई वह है कि ज़रूर देर लगाएगा ( २ ) फिर अगर तुमपर कोई मुसीबत पड़े तो कहे खुदा का मुझपर एहसान था कि मैं उनके साथ हाज़िर न थाContinue reading “इन्ना अहसनल हदीसे किताबुल्लाही”
मुहर्रम 1 कूफियो के खत
शहर की बुनिया उस वक्त पड़ी जबकि 14 हिजरी से 16 हिं 0 तक कादसिया वगैरा में फुतूहात के बाद मुसलमानों की फौज ने इराक में सुकूनत इख्तियार की और मदाइन की आबो – हवा उन के मुवाफिक न हुई तो सहाबिए रसूल हज़रत सअद बिन वकास रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के हुक्म से यह जगहContinue reading “मुहर्रम 1 कूफियो के खत”
आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की
इसे पढ़ने वाला ख़ुशनसीब ही होगा👇👇👇राहे ख़ुदा में ख़र्च करने के बारे क़ुरआन की आयते मुबारका👇👇👇 “तुम हरगिज़ भलाई को न पहुँचोगे जब तक राहे ख़ुदा में अपनी प्यारी चीज़ ना खर्च करो और तुम जो कुछ ख़र्च करो अल्लाह को मालूम है”(सुरः आले इमरान आयत नं.92) “हज़रत अबु तल्हा अंसारी मदीने में बड़े मालदारContinue reading “आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की”
माले जकात किन लोगों में सर्फ (तकसीम) की जाए ???
मसला : – ज़कात के मसारिफ सात हैं यअनी सात किस्म के लोगों को ज़कात दे सकते हैं 1. फकीर 2. मिस्कीन 3. आमिल 4. रिकाब 5. गारिम 6. फीसबीलिल्लाह 7. इनुस्सबील । मसला : – फकीर वह शख्स है जिस के पास कुछ हो मगर न इतना कि निसाब को पहुँच जाये या निसाबContinue reading “माले जकात किन लोगों में सर्फ (तकसीम) की जाए ???”
रोज़े की वह सूरते जिनमे कफ़्फ़ारा लाज़िम हो जाता है
उन सूरतों का बयान जिन में कफ्फारा भी लाज़िम है मसाला : – रमज़ान में रोज़ादार मुकल्लफ मुकीम ने कि अदाए रमज़ान के रोजे की नियत से रोज़ा रखा और किसी आदमी के साथ जो काबिले शहवत है उसके आगे – पीछे के मकाम में जिमा किया इन्जाल हुआ हो या नहीं या उस रोज़ादारContinue reading “रोज़े की वह सूरते जिनमे कफ़्फ़ारा लाज़िम हो जाता है”
रोज़ा के अहम मसाइल #5??
ऐ मुसलमानों अल्लाह और रसूल के लिए अपने आप को अपने खानदान और मालोज़र को कुर्बान करने हमेशा तैयार रहो मसअला :- गुस्ल किया और पानी की खुनकी अन्दर महसूस हुई या कुल्ली की और पानी बिल्कुल फेंक दिया सिर्फ कुछ तरी मुँह में बाकी रह गयी थी थूक के साथ उसे निगल गया याContinue reading “रोज़ा के अहम मसाइल #5??”
किन काम से रोज़ा नही जाता ??
हदीस न .1 : – सही बुख़ारी मुस्लिम में अबू हुरैरा रदियल्लाहु तआला अन्हु से मरवी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं रोज़ादार ने भूलकर खाया या पिया वह अपने रोज़े को पूरा करे कि उसे अल्लाह ने खिलाया और पिलाया । हवाला बहारे शरीयत तम्बीह : – इस बाब में उन चीजों काContinue reading “किन काम से रोज़ा नही जाता ??”
क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?
अपने माल की पूरी जकात अदा जरूर करे । अवाम में कुछ लोग ऐसा ख्याल करते हैं हालांकि यह उनकी गलतफहमी है । माहे रमज़ान में इफ़्तार के वक़्त से सहरी तक रात में जिस तरह खाना पीना जाइज़ है , उसी तरह बीवी और शौहर का हमबिस्तर होना और सुहबत व मुजामअत बिला शकContinue reading “क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?”