आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की

इसे पढ़ने वाला ख़ुशनसीब ही होगा👇👇👇राहे ख़ुदा में ख़र्च करने के बारे क़ुरआन की आयते मुबारका👇👇👇 “तुम हरगिज़ भलाई को न पहुँचोगे जब तक राहे ख़ुदा में अपनी प्यारी चीज़ ना खर्च करो और तुम जो कुछ ख़र्च करो अल्लाह को मालूम है”(सुरः आले इमरान आयत नं.92) “हज़रत अबु तल्हा अंसारी मदीने में बड़े मालदारContinue reading “आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की”

माले जकात किन लोगों में सर्फ (तकसीम) की जाए ???

मसला : – ज़कात के मसारिफ सात हैं यअनी सात किस्म के लोगों को ज़कात दे सकते हैं 1. फकीर 2. मिस्कीन 3. आमिल 4. रिकाब 5. गारिम 6. फीसबीलिल्लाह 7. इनुस्सबील । मसला : – फकीर वह शख्स है जिस के पास कुछ हो मगर न इतना कि निसाब को पहुँच जाये या निसाबContinue reading “माले जकात किन लोगों में सर्फ (तकसीम) की जाए ???”

रोज़ा तोड़ने वाली चीजों का बयान ??

मसअला : – खाने – पीने जिमा करने से रोज़ा जाता रहता जबकि रोज़ादार होना याद हो । ( आम्लए कुतुब ) मसला : – हुक्का सिगार , सिगरेट , चर्स पीने से रोज़ा जाता रहता है अगर्चे अपने ख्याल में हल्क तक धूआँ न पहुँचाता हो बल्कि पान या सिर्फ तम्बाकू खाने से भीContinue reading “रोज़ा तोड़ने वाली चीजों का बयान ??”

रोज़ा के अहम मसाइल #5??

ऐ मुसलमानों अल्लाह और रसूल के लिए अपने आप को अपने खानदान और मालोज़र को कुर्बान करने हमेशा तैयार रहो मसअला :- गुस्ल किया और पानी की खुनकी अन्दर महसूस हुई या कुल्ली की और पानी बिल्कुल फेंक दिया सिर्फ कुछ तरी मुँह में बाकी रह गयी थी थूक के साथ उसे निगल गया याContinue reading “रोज़ा के अहम मसाइल #5??”

रोज़े के मुताल्लिक जानकारी और मसले

हदीस :- इने माजा हज़रते अनस रदियल्लाहु तआला अन्हु से रावी कहते हैं रमज़ान आया तो हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फरमाया यह महीना आया इसमें एक रात हज़ार महीनों से बेहतर है जो इससे महरूम रहा हर चीज़ से महरूम रहा और उसकी खैर से वही महरूम होगा जो पूरा महरूम है ।Continue reading “रोज़े के मुताल्लिक जानकारी और मसले”

क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?

अपने माल की पूरी जकात अदा जरूर करे । अवाम में कुछ लोग ऐसा ख्याल करते हैं हालांकि यह उनकी गलतफहमी है । माहे रमज़ान में इफ़्तार के वक़्त से सहरी तक रात में जिस तरह खाना पीना जाइज़ है , उसी तरह बीवी और शौहर का हमबिस्तर होना और सुहबत व मुजामअत बिला शकContinue reading “क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?”

बाद तौबा मुरतद और बदमज़हब से निकाह क्या हुकुम है ??जब कोई नाम निहाद सुन्नी किसी मुरतद के यहाँ रिश्ता करना चाहता है तो दुनियादार मौलवी शैतानी फरेब से काम लेता है यानी तौबा कर के निकाह पढ़ा देता है और पैसा लेकर अपना रास्ता पकड़ता है, और तौबा करने वाला मुरतद पहले की तरह ही अपने रास्ते पर रहता हैइस लिए शरीयत का यह हुकुम है कि तौबा के फौरन बाद उससे निकाह नही किया जायेगाबल्कि कुछ दिनों उसे देखा जाएगा कि अपनी तौबा पर क़ायम है या नही ??जैसे कि फ़ासीके मोअलिन तौबा के फौरन बाद इमाम नही बना दिया जाताफतावा रजविया जिल्द 3 सफह 213 में है कि फतावा काज़ी खां फिर फतावा आलमगीरी में है किफ़ासिक़ तौबा कर ले फिर भी उसकी गवाही ना मानी जाएगी जब तक की इतना वक़्त ना गुजर जाये की उसकी तौबा का असर जाहिर होऔर आला हजरत इमाम अहले सुन्नत फ़ाज़िले बरेलवी लिखते है की अमीरुल मोमिनिन हज़रत फारुके आज़म रज़ियल्लाहु अन्हु ने जब “सुबैग” से जिस पर से बवजहे बहस मुतशाबिहात बद मज़हबी का अंदेशा था बाद जरबे शदीद तौबा कर ली । हज़रत अबु मूसा अशअरी रज़ियल्लाहु के पास फरमान भेजा कि “मुसलमान उसके पास ना बैठे” “उसके साथ खरीद व फरोख्त ना करे” ‘बीमार पड़े तो उसकी अयादत को ना जये’ “और मर जाये तो उसके जनाजे में हाज़िर ना हो”बतामिले हुक्मे अहकाम (इस बड़े हुकुम को मानने के साथ) एक मुद्दत तक यही हाल रहा की सौ आदमी बैठे होते और वह आता सब मुतफ़र्रिक ( तितर बितर) हो जातेजब हज़रत अबु मूसा अशअरी ने अर्ज़ी भेजी की अब उसका हाल अच्छा हो गया है तब इज़ाज़त फरमाई , फतावा रजविया जिल्द 3 सफह 213आला हजरत मुज़दिदे दिनों मिल्लत ने इस वाकिये के सबूत में 5 हदीसे को नकल फरमाया हैदेखिये सुबैग यानी आयते मुतशाबिहात के मिसल में बहस किया करता था जबकि वह मुरतद नही था बल्कि उसके बद मज़हब होने का डर था मगर उसके बावजूद हज़रत उमर फारूक रज़ियल्लाहु अन्हु ने तौबा के बाद भी सख्त बायकाट किया जब तक कि इत्मिनान नही हो गयालिहाज़ा मुरतद और बद मज़हब के तौबा करने के बाद बदर्जये औला (जरूर) कई बरस तक देखा जाएगा जब तक उसकी बात चीत और तौर तरीकों से खूब इत्मिनान ना हो जाये की वह अहले सुन्नत व जमात का हो गया तब उसके साथ निकाह किया जाएगा वरना नहीलिहाज़ा जो सख्स मुरतद या मुरतद्दह को तौबा करने के बाद फौरन उनके साथ अपने लड़के लड़की की शादी करे या जो मौलवी निकाह पढे मुसलमानो को चाहिए कि इनका मज़हबी बायकाट करे । ऐसे दुनियादार मौलवी के पीछे नमाज़ ना पढेबहवाला :- बद मजहबो से रिश्तेसफह :-19 व 20लेखक :- मुफ़्ती जलालुद्दीन अहमद अमज़दी

इस्लाही पोस्ट नमाज़ के अहम मसले

📝सवाल अस्र या इशा के फ़र्ज़ों से पहले जो चार रक़अ्त सुन्नत गैर मुअक्क़दह पढ़ी जाती हैं उनके क़अदए ऊला में अत्तहिय्यात के बाद दुरूद शरीफ़ पढ़ना चाहिये या नहीं ? अकसर लोग अत्तहिय्यात पढ़ कर तीसरी रक़अ्त के लिये खड़े हो जाते हैं ?✍🏻जवाब : सुन्नते गैर मुअक्क़दह और नवाफ़िल के क़दए ऊला मेंContinue reading “इस्लाही पोस्ट नमाज़ के अहम मसले”

अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??

अल्लाह को हाज़िर नाज़िर नही कहना चाहिए क्योंकि अल्लाह जगह और मकान से पाक है हकीमुल उम्मत मुफ़्ती अहमदयार खान नईमी फरमाते है हर जगह हाज़िर नाज़िर होना खुद की सिफ़त हरगिज़ नही खुदा जगह और मकान से पाक है हवाला :- जाअल हक आप से पुरखुलुस गुजारिश पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुसलमानContinue reading “अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??”

वसीयत के मुताल्लिक सवाल जवाब ●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•●💚❇️ फ़िक़्ही मसाइल ❇️💚हदीस शरीफ महफूमइब्ने माज़ा हज़रत जाबिर रदियल्लाहो ताअला अन्हु रिवायत करते है कि रसूलुल्लाह सल्लाहु ताअला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जिसकी मौत वसीयत पर हो यानी (वसीयत के बाद इंतेक़ाल करे) वह अज़ीम सुन्नत पर मरा और उसकी मौत तक़वा और शाहदत पर हुआ और इस हालत में मरा की उसकी मगफिरत हो गयीबहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदी हदीस न 06🌲 सवाल 1) वसीयत करना क्या हैजवाब 1) मुस्तहब हैवसीयत करना मुस्तहब है । जब कि उस पर हूकूकुल्लाह की अदायगी बाकी ना हो , अगर उस पर हूकूकुल्लाह की अदा करना बाकी है यानी उस पर कुछ नमाज़ की अदायगी बाकी है या हज फ़र्ज़ था अदा ना किया, रोज़ा रखना था रोज़ा ना रखा ऐसी सूरतो में वसीयत करना वाज़िब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द :- 19 सफा 819 हिंदीमसला न 01🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🌲 सवाल 2) वसीयत की कितनी किस्म हैजवाब 3) वसीयत की 4 किस्म हैपहली वाज़िबा :- जैसे ज़कात की वसीयत और कफ्फराते वाज़िबा की वसीयत , सदका ए सियाम (रोज़ा) व सलात (नमाज़) की वसीयतदूसरी मुबाहा :- जैसे मसीयते अगनिया ( मालदारों) के लिएतीसरी मसीयते मकरुहा :- जैसे अहले फिस्क मअसिअत के लिए वसीयत जब यह गुमान गालिब हो की वह माले वसीयत गुनाह में सर्फ करेगाचौथी मुस्तहब:- इसके (तीनो) के अलावा के लिए वसीयत मुस्तहब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदीमसला 02*

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🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم📔 इंसान के बाल हड्डी आदि किसी भी चीज़ का बेचना नाजाइज़ है (मना है) और अपने किसी काम में लाना भी उचित नहीं है |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 शिकारी जानवर (वो जानवर जो शिकार करते हैं) सिखाए हुए हों (Trained) या बिना सिखाए हुए हों उनको ख़रीदना और बेचना जाइज़ है (जी हाँ बेच और खरीद सकते हैं ) मगर यह ज़रूरी है की वे सिखाए जाने के क़ाबिल हों |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 चोरी का या हड़पा हुआ माल (जैसे कपड़ा वग़ैरह) खरीदना नाजाइज़ है (मना है) |हवाला 📚जन्नती ज़ेवर

इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم सवाल, “वही” किसे कहते हैं 🍒 जवाब, “वही” उस कलाम को कहते हैं :- जो किसी नबी पर अल्लाह की तरफ से नाज़ील हूवा हो 📕 …………. 📕 सवाल,आयात और सूरत का लुग्वी (डिक्शनरी) मतलब क्या है 🍒 जवाब,आयत का लुगवी मतलब “निशानी” और सूरत का मतलब “अज़्मत और मर्तबा क़ुरआनContinue reading “इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ”

नमाज़ के मसायल व दीगर इस्लामी जानकारी

🍁 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻 🌺 सवाल,1, , अगर नमाज़ में सना नहीं पढ़ी तो नमाज़ होगी या नहीं, 🍁 जवाब,, नमाज़ में सना पढ़ना मस्तहब है, अगर सना ना पढ़ी तो नमाज़ में कोई फर्क नहीं आएगा 🍁🍁🍁 🌺 सवाल,2, इस्लाम में सब से पहले राहे खुदा में तीर किस ने चलाया 🍁Continue reading “नमाज़ के मसायल व दीगर इस्लामी जानकारी”

इस्लामी मालूमातो का खजाना

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📔 सवाल,1, किस तरह की मछली हराम है 💛 जवाब, मछली बिना मारे अपने आप मर कर पानी की सतह पर उलट गई वो हराम है,अगर मछली को मारा और वो उलट कर तैरने लगी तो हराम नहीं दुर्रे मुख्तार जिल्द 1 पेज 445 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 📔 सवाल ,2, किसी मुसलमानContinue reading “इस्लामी मालूमातो का खजाना”

शाने गौसे आज़म

―――――――――――――――――――――🌴🌹नाम👉🏻अ़ब्दुल क़ादिर🌹🌴🌴🌹लक़ब👉🏻 मोह़िय्युद्दीन(दीन को ज़िंदा करने वाला)🌹🌴🌴🌹वालिद👉🏻अबु साॕलेह़ मूसा(जंगी दोस्त)🌹🌴🌴🌹वालिदा👉🏻उम्मुल ख़ैर फ़ातिमा🌹🌴🌴🌹विलादत👉🏻(1/9/470) हिज्री जीलान🌹🌴🌴🌹विसाल👉🏻(11/4/561) हिज्री,बग़दाद🌹🌴🌴🌹बीवियाँ👉🏻(4)🌹🌴🌴🌹औलाद👉🏻(49)🌹🌴🌴🌹महज़ब👉🏻ह़म्बली🌹🌴🌴🌹आप पैदाइशी वली हैं,आप हसनी हुसैनी सय्यद हैं,आपकी विलादत के वक़्त आप की वालिदा की उम्र 60 साल थी,आप बचपन में माहे रमज़ान मुबारक में दिन भर दूध नहीं पीते थे,आपकी तक़रीर में (60000,,,70000) का मजमा हो जाता था,आपके बदन परContinue reading “शाने गौसे आज़म”

जन्नत में दुनयावी बीबी और हूर में कौन आला ??

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،، सवाल,1, क्या हर मोमिन को जन्नत में उस की दुनियावी बीवी मिलेगी 🌹 जवाब, हां, और दुनियावी बीवी हूर से भी ज़्यादा खूबसूरत होगी 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 📔 सवाल, जन्नत में हूर अफ़ज़ल होगी या दुनियवी बीवी 🌹 जवाब , जन्नत में दुनियावी औरत अफ़ज़ल होगी 🌹🌹🌹🌹🌹 सवाल2, बनी इसराइल केContinue reading “जन्नत में दुनयावी बीबी और हूर में कौन आला ??”

तलाक दी गयी औरत के इद्दत के मसायल

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،، सवाल,1, तलाक दी गई औरत अगर हामिला,55 साल की,और नाबालिगा ना हो तो उस की इद्दत कितने दिन है 🌹 जवाब, B, जिसे तलाक दी गई वो औरत अगर हामीला (प्रेगनेंट) या 55 साल की और नाबालिग नहीं हो तो उस की इद्दत 3 हैज़ है यानी तलाक के बाद 3Continue reading “तलाक दी गयी औरत के इद्दत के मसायल”

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