नमाज़ के मसायल

दीनी मालूमात के लिए हमे फ्लो जरूर करेयूट्यूब youtube link :-https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9gफेसबुक facebook link:-https://www.facebook.com/jamalinoorirazvi/ वेबसाइट website link :-https://dinitalim.data.blog/ टेलीग्राम telegram link :-https://t.me/jamlinooriसभी से गुजारिश मेरे न्यू चैनल vice of jamal e millat यूट्यूब को subscribe करे लाइक करे शेयर करे jamalraza #hujurmuftieaazam ttsbarelvi voiceofjamalemillat mujadid_ibne_mujaddid_mufti_e_aazam

नमाज़ के मसायल

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नमाज़ में नियत के मसायल

मसअला ;:- फ़र्ज़ में यह भी ज़रूर है कि उस ख़ास नमाज़ मसलन ज़ोहर या अस्र की नियत करे या मसलन आज के ज़ोहर या फर्ज़ वक़्त की नियत वक़्त में करे मगर जुमे में फ़र्ज़ वक़्त की नियत काफी नहीं खुसूसियते जुमा की नियत ज़रूरी है । ( तनवीरूल अबसार ) मसला : –Continue reading “नमाज़ में नियत के मसायल”

ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही

मकरूहे तन्ज़ीही : – जिसका करना शरीअत को पसंद नहीं मगर इस हद तक नहीं कि उस पर अज़ाब की वईद आये यह सुन्नते ग़ैर मुअक्किदा के मुकाबिल है । ख़िलाफ़ औला – वह कि जिसका न करना बेहतर था अगर किया तो कुछ हरज और अजाब नहीं । यह मुस्तहब का मुकाबिल है ।Continue reading “ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही”

मकरूहे तहरीमी व इसाअत

मकरूहे तहरीमी : – यह वाजिब का मुकाबिल है । इसके करने से इबादत नाकिस यानी अधूरी हो जाती है और करने वाला गुनाहगार होता है अगरचे इसका गुनाह हराम से कम है और चन्द बार इसका करना गुनाहे कबीरा है । : इसाअत जिसका करना बुरा और कभी कभी करने वाला इताबे इलाही काContinue reading “मकरूहे तहरीमी व इसाअत”

सुन्नते गैर मुअक्कदा

सुन्नते गैर मुअक्कदा : – वह है कि शरीअत की नज़र में ऐसी चीज़ हो कि उसके छोड़ने को नापसन्द रखे मगर इस हद तक नहीं कि शरीअत उस पर अज़ाब की वईद फ़रमाये । इस बात से आम है कि हुजूर ने उसको हमेशा किया है या नहीं । उस का करना सवाब औरContinue reading “सुन्नते गैर मुअक्कदा”

सुन्नते मुअक्कदा

सुन्नते मुअक्कदा : – वह जिस को हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हमेशा किया हो अलबत्ता बयाने जवाज़ ( जाइज़ होने के बयान ) के वास्ते कभी छोड़ भी दिया हो या वह कि उस के करने की ताकीद की हो मगर छोड़ने का रास्ता बिल्कुल बन्द न किया हो इसी सुन्नते मुअक्कदाContinue reading “सुन्नते मुअक्कदा”

हुजुर मुफ्तिये आज़म की जिंदगी 9

हुज़ूर मुफ़्ती आज़म हिन्द का इल्मे ग़ैब और इल्मे ग़ैब की दलील अपनी करामात से दी :- सुल्तानुल मशाइख़ हज़रत सय्यदना ख्वाजा निज़ामुद्दीन औलिया महबूबे इलाही रादियल्लाहु अन्हु के उर्स शरीफ में शिरकत के लिए हुज़ूर मुफ़्ती आज़म हिन्द दिल्ली तशरीफ़ ले गए तो कूचाए जिलान में क़याम किया वहाँ एक बद अक़ीदा मुल्ला आप सेContinue reading “हुजुर मुफ्तिये आज़म की जिंदगी 9”

फजाईले जुमा हदीस

हदीस न .20 : – मुस्लिम व अबू दाऊद व तिर्मिज़ी वं इब्ने माजा अबू हुरैरह रदियल्लाहु तआला अन्हु से रावी हुजूरे अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं जिसने अच्छी तरह वुजू किया फिर जुमे को आया ( खुतबा सुना और चुप रहा उसके लिए मगफिरत हो जायेगी उन गुनाहों की जो इस जुमेContinue reading “फजाईले जुमा हदीस”

मीज़ान क्या है :-

अल जवाब :- अकीदा : – मीज़ान हक़ है उस पर लोगों के अच्छे बुरे आमाल तौले जायेंगे । दुनिया में पल्ला भारी होने का मतलब यह होता है कि नीचे को पल्ला झुकता है । लेकिन वहाँ उस का उल्टा होगा और जिसका पल्ला भारी होगा ऊपर को उठ जायेंगा । हवाला :- बहारेContinue reading “मीज़ान क्या है :-“

हुजूर मुफ्तिये आज़म की ज़िंदगी 8

उलमा व सादाते किराम का एहतिराम :- हुज़ूर मुफ्तिए आज़म हिन्द रहमतुल्लाह अलैह को उलमा व सादात किराम का एहतिराम वरसे में मिला था ऐसी वालिहाना अंदाज़ से इन हज़रात की ताज़ीम व तौक़ीर करते थे के इस का बयान करना मुश्किल है | 1979 का वाक़िया है के गर्मी के दोपहर में एक खातून एकContinue reading “हुजूर मुफ्तिये आज़म की ज़िंदगी 8”

हुजूर मुफ्तिये आज़म की ज़िंदगी 7

बारगाहे गौसे आज़म रदियल्लाहु अन्हु में हुज़ूर मुफ्तिए आज़म हिन्द रदियल्लाहु अन्हु की मक़बूलियत :- जनाब अब्दुल क़य्यूम साहब जो हुज़ूर मुफ्तिए आज़मे हिन्द के मुरीद थे एक मर्तबा अपने दोस्त जनाब आशिक़ अली साहब को लेकर हुज़ूर मुफ़्ती आज़म हिन्द की बारगाह में हाज़िर हुए ताके उनको मुरीद करवा दें हज़रत ने बैअत के कलिमातContinue reading “हुजूर मुफ्तिये आज़म की ज़िंदगी 7”

हुजुर मुफ्तिये आज़म की जिंदगी 5

हुजुर मुफ्तिये आज़म की ज़िंदगी पोस्ट 05 आप का पहला फतवा :- आप ने सिर्फ तेहरा 13 साल की क़लील उमर में रज़ाअत का मसला लिखा बादे फरागत आला हज़रत रहमतुल्लाह अलैह की हयाते तय्यबा में ही फतवा नवेसी का काम सौंप दिया गया था जिस की इब्तिदा यानि शुरू का वाक़िअ बड़ा दिल चस्पContinue reading “हुजुर मुफ्तिये आज़म की जिंदगी 5”

हुजुर मुफ्तिये आज़म 4

#हुजुर_मुफ्तिये_आज़म_की_ज़िंदगीपोस्ट 4ख़लीफ़ए आला हज़रत हज़रत अल्लामा शाह ज़ियाउद्दीन अहमद मदनी रहमतुल्लाह अलैह फरमाते हैं :- हुज़ूर मुफ्तिए आज़म हिन्द वो दर्जाए सिद्दिक़ियत पर फ़ाइज़ हैं | हज़रत अल्लामा अब्दुल मुस्तफा अज़हरी पाकिस्तान फरमाते हैं :- हुज़ूर मुफ्तिए आज़म हिन्द अमानत दियानत शफ़क़त और तवाज़ो व इंकिसारी का अज़ीम पैकर थे | हज़रत सय्यद मुख़्तार अशरफContinue reading “हुजुर मुफ्तिये आज़म 4”

हुजुर मुफ्तिये आज़म 2

हुजुर मुफ्तिये आज़म की ज़िंदगी आप सिलसिलए आलिया क़दीरिया रज़विया के 41 इकतालीस वे इमाम व शैख़े तरीक़त व पीरे कामिल हैं :- आफ़ताबे इल्म व मारफत, माहिताबे रुश्दो हिदायत, वाक़िफ़े असरारे शरीअत दानाए रुमूज़ो हक़ीक़त ताजदारे अहले सुन्नत, जामे माक़ूलात व मन्क़ूलात, शमशुल आरफीन, नाइबे सय्यदुल मुर्सलीन, मुहद्दिसे अकमल, फकीहे अजल, मुक़्तदाए आलम, शहज़ादएContinue reading “हुजुर मुफ्तिये आज़म 2”

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