नमाज़ के मसायल

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नमाज़ के मसायल

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नमाज़ का बयान

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नमाज़ में नियत के मसायल

मसअला ;:- फ़र्ज़ में यह भी ज़रूर है कि उस ख़ास नमाज़ मसलन ज़ोहर या अस्र की नियत करे या मसलन आज के ज़ोहर या फर्ज़ वक़्त की नियत वक़्त में करे मगर जुमे में फ़र्ज़ वक़्त की नियत काफी नहीं खुसूसियते जुमा की नियत ज़रूरी है । ( तनवीरूल अबसार ) मसला : –Continue reading “नमाज़ में नियत के मसायल”

सोने ,चांदी व तिजारत के माल की जकात का बयान 03

मसला : – सोने की निसाब बीस मिस्काल है यअनी साढ़े सात तोले ( 87 ग्राम 480 मिलीग्राम ) और चाँदी को दो सौ दिरहम यअनी साढ़े बावन तोले ( -612 ग्राम 360 मिलीग्राम ) यानी वह तोला जिससे यह राइज रुपया सवा ग्यारह माशे है । सोने चाँदी की ज़कात में वज़न का एअतिबारContinue reading “सोने ,चांदी व तिजारत के माल की जकात का बयान 03”

इस्लाही पोस्ट नमाज़ के अहम मसले

📝सवाल अस्र या इशा के फ़र्ज़ों से पहले जो चार रक़अ्त सुन्नत गैर मुअक्क़दह पढ़ी जाती हैं उनके क़अदए ऊला में अत्तहिय्यात के बाद दुरूद शरीफ़ पढ़ना चाहिये या नहीं ? अकसर लोग अत्तहिय्यात पढ़ कर तीसरी रक़अ्त के लिये खड़े हो जाते हैं ?✍🏻जवाब : सुन्नते गैर मुअक्क़दह और नवाफ़िल के क़दए ऊला मेंContinue reading “इस्लाही पोस्ट नमाज़ के अहम मसले”

अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??

अल्लाह को हाज़िर नाज़िर नही कहना चाहिए क्योंकि अल्लाह जगह और मकान से पाक है हकीमुल उम्मत मुफ़्ती अहमदयार खान नईमी फरमाते है हर जगह हाज़िर नाज़िर होना खुद की सिफ़त हरगिज़ नही खुदा जगह और मकान से पाक है हवाला :- जाअल हक आप से पुरखुलुस गुजारिश पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुसलमानContinue reading “अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??”

वसीयत के मुताल्लिक सवाल जवाब ●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•●💚❇️ फ़िक़्ही मसाइल ❇️💚हदीस शरीफ महफूमइब्ने माज़ा हज़रत जाबिर रदियल्लाहो ताअला अन्हु रिवायत करते है कि रसूलुल्लाह सल्लाहु ताअला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जिसकी मौत वसीयत पर हो यानी (वसीयत के बाद इंतेक़ाल करे) वह अज़ीम सुन्नत पर मरा और उसकी मौत तक़वा और शाहदत पर हुआ और इस हालत में मरा की उसकी मगफिरत हो गयीबहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदी हदीस न 06🌲 सवाल 1) वसीयत करना क्या हैजवाब 1) मुस्तहब हैवसीयत करना मुस्तहब है । जब कि उस पर हूकूकुल्लाह की अदायगी बाकी ना हो , अगर उस पर हूकूकुल्लाह की अदा करना बाकी है यानी उस पर कुछ नमाज़ की अदायगी बाकी है या हज फ़र्ज़ था अदा ना किया, रोज़ा रखना था रोज़ा ना रखा ऐसी सूरतो में वसीयत करना वाज़िब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द :- 19 सफा 819 हिंदीमसला न 01🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🌲 सवाल 2) वसीयत की कितनी किस्म हैजवाब 3) वसीयत की 4 किस्म हैपहली वाज़िबा :- जैसे ज़कात की वसीयत और कफ्फराते वाज़िबा की वसीयत , सदका ए सियाम (रोज़ा) व सलात (नमाज़) की वसीयतदूसरी मुबाहा :- जैसे मसीयते अगनिया ( मालदारों) के लिएतीसरी मसीयते मकरुहा :- जैसे अहले फिस्क मअसिअत के लिए वसीयत जब यह गुमान गालिब हो की वह माले वसीयत गुनाह में सर्फ करेगाचौथी मुस्तहब:- इसके (तीनो) के अलावा के लिए वसीयत मुस्तहब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदीमसला 02*

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इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم सवाल, “वही” किसे कहते हैं 🍒 जवाब, “वही” उस कलाम को कहते हैं :- जो किसी नबी पर अल्लाह की तरफ से नाज़ील हूवा हो 📕 …………. 📕 सवाल,आयात और सूरत का लुग्वी (डिक्शनरी) मतलब क्या है 🍒 जवाब,आयत का लुगवी मतलब “निशानी” और सूरत का मतलब “अज़्मत और मर्तबा क़ुरआनContinue reading “इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ”

नमाज़ के मसायल व दीगर इस्लामी जानकारी

🍁 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻 🌺 सवाल,1, , अगर नमाज़ में सना नहीं पढ़ी तो नमाज़ होगी या नहीं, 🍁 जवाब,, नमाज़ में सना पढ़ना मस्तहब है, अगर सना ना पढ़ी तो नमाज़ में कोई फर्क नहीं आएगा 🍁🍁🍁 🌺 सवाल,2, इस्लाम में सब से पहले राहे खुदा में तीर किस ने चलाया 🍁Continue reading “नमाज़ के मसायल व दीगर इस्लामी जानकारी”

इस्लामी मालूमातो का खजाना

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📔 सवाल,1, किस तरह की मछली हराम है 💛 जवाब, मछली बिना मारे अपने आप मर कर पानी की सतह पर उलट गई वो हराम है,अगर मछली को मारा और वो उलट कर तैरने लगी तो हराम नहीं दुर्रे मुख्तार जिल्द 1 पेज 445 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 📔 सवाल ,2, किसी मुसलमानContinue reading “इस्लामी मालूमातो का खजाना”

जन्नत में दुनयावी बीबी और हूर में कौन आला ??

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،، सवाल,1, क्या हर मोमिन को जन्नत में उस की दुनियावी बीवी मिलेगी 🌹 जवाब, हां, और दुनियावी बीवी हूर से भी ज़्यादा खूबसूरत होगी 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 📔 सवाल, जन्नत में हूर अफ़ज़ल होगी या दुनियवी बीवी 🌹 जवाब , जन्नत में दुनियावी औरत अफ़ज़ल होगी 🌹🌹🌹🌹🌹 सवाल2, बनी इसराइल केContinue reading “जन्नत में दुनयावी बीबी और हूर में कौन आला ??”

तलाक दी गयी औरत के इद्दत के मसायल

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،، सवाल,1, तलाक दी गई औरत अगर हामिला,55 साल की,और नाबालिगा ना हो तो उस की इद्दत कितने दिन है 🌹 जवाब, B, जिसे तलाक दी गई वो औरत अगर हामीला (प्रेगनेंट) या 55 साल की और नाबालिग नहीं हो तो उस की इद्दत 3 हैज़ है यानी तलाक के बाद 3Continue reading “तलाक दी गयी औरत के इद्दत के मसायल”

कर्ज़ की अदायगी में जानबूझकर देरी करना कैसा है ??

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم क़र्ज़ की अदाएगी (क़र्ज़ चुकाना) में बिला वजह (बिना किसी कारण के) ताख़ीर (देरी) करना गुनाह हैध्यान दें :-अगर क़र्ज़दार क़र्ज़ अदा कर सकता है तो क़र्ज़ख़्वाह (जिससे क़र्ज़ लिया है) की मर्ज़ी के बग़ैर एक घड़ी भर भी अगर देर करेगा तो गुनहगार होगा, चाहे नमाज़ में हो, रोज़ेContinue reading “कर्ज़ की अदायगी में जानबूझकर देरी करना कैसा है ??”

काफिर को काफिर नही कहना चाहिए कहना कैसा ???

🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم ❤ ये कहना के काफिर को काफिर ना कहो ,ये सरीह (साफ) कुफ्र है ,,,काफिर को काफिर कहना ज़रूरियाते दीन से है👉 जो शख्स ये कहता है के काफिर को काफिर ना कहो वो खुद काफिर है,,, इस पर तमाम कलीमा पढ़ने वाले फिर्कों का इत्तेफाक है के “काफिर कोContinue reading “काफिर को काफिर नही कहना चाहिए कहना कैसा ???”

एक शख्स का ये कहना कि तेरे पीर से मेरा पीर अच्छा ,कहना कैसा है

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم एक शख्स का दूसरे शख़्स से ये कहना की हमारे पीर तुम्हारे पीर से ज़्यादा अच्छे हैंयाहमारा सिलसिला तुम्हारे सिलसिले से बेहतर हैयाहमारे पीर के मुरीद (Followers) ज़्यादा हैं और तुम्हारे पीर के कम याहमारे पीर का ख़ानदान तुम्हारे पीर के ख़ानदान से बढ़ चढ़ कर है 👈 ये सबContinue reading “एक शख्स का ये कहना कि तेरे पीर से मेरा पीर अच्छा ,कहना कैसा है”

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