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नमाज़ में नियत के मसायल
मसअला ;:- फ़र्ज़ में यह भी ज़रूर है कि उस ख़ास नमाज़ मसलन ज़ोहर या अस्र की नियत करे या मसलन आज के ज़ोहर या फर्ज़ वक़्त की नियत वक़्त में करे मगर जुमे में फ़र्ज़ वक़्त की नियत काफी नहीं खुसूसियते जुमा की नियत ज़रूरी है । ( तनवीरूल अबसार ) मसला : –Continue reading “नमाज़ में नियत के मसायल”
मुस्तहब व मुबाह
मुस्तहब : – वह कि शरीअत की नज़र में उसका करना पसन्द हो मगर उसके छोड़ने पर कुछ नापसन्दी न हो चाहे हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने उसे किया या करने के लिये फ़रमाया या आंलिमों ने पसंद किया हो अगरचे उसका ज़िक हदीस में न आया हो फिर भी उसका करना औरContinue reading “मुस्तहब व मुबाह”
सुन्नते गैर मुअक्कदा
सुन्नते गैर मुअक्कदा : – वह है कि शरीअत की नज़र में ऐसी चीज़ हो कि उसके छोड़ने को नापसन्द रखे मगर इस हद तक नहीं कि शरीअत उस पर अज़ाब की वईद फ़रमाये । इस बात से आम है कि हुजूर ने उसको हमेशा किया है या नहीं । उस का करना सवाब औरContinue reading “सुन्नते गैर मुअक्कदा”
मुहर्रम 1 कूफियो के खत
शहर की बुनिया उस वक्त पड़ी जबकि 14 हिजरी से 16 हिं 0 तक कादसिया वगैरा में फुतूहात के बाद मुसलमानों की फौज ने इराक में सुकूनत इख्तियार की और मदाइन की आबो – हवा उन के मुवाफिक न हुई तो सहाबिए रसूल हज़रत सअद बिन वकास रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के हुक्म से यह जगहContinue reading “मुहर्रम 1 कूफियो के खत”
आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की
इसे पढ़ने वाला ख़ुशनसीब ही होगा👇👇👇राहे ख़ुदा में ख़र्च करने के बारे क़ुरआन की आयते मुबारका👇👇👇 “तुम हरगिज़ भलाई को न पहुँचोगे जब तक राहे ख़ुदा में अपनी प्यारी चीज़ ना खर्च करो और तुम जो कुछ ख़र्च करो अल्लाह को मालूम है”(सुरः आले इमरान आयत नं.92) “हज़रत अबु तल्हा अंसारी मदीने में बड़े मालदारContinue reading “आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की”
सोने ,चांदी व तिजारत के माल की जकात का बयान 03
मसला : – सोने की निसाब बीस मिस्काल है यअनी साढ़े सात तोले ( 87 ग्राम 480 मिलीग्राम ) और चाँदी को दो सौ दिरहम यअनी साढ़े बावन तोले ( -612 ग्राम 360 मिलीग्राम ) यानी वह तोला जिससे यह राइज रुपया सवा ग्यारह माशे है । सोने चाँदी की ज़कात में वज़न का एअतिबारContinue reading “सोने ,चांदी व तिजारत के माल की जकात का बयान 03”
जकात के अहम मसायल #02
मसअला : – ज़कात का रुपया मुर्दे की तजहीज़ व तकफीन यअनी कफन – दफन या मस्जिद की तामीर में नहीं सर्फ ( खच ) कर सकते कि तमलीके फकीर नहीं पायी गई यशुनी यहाँ पर फकीर को मालिक बनाना न पाया गया और इन कामों में सर्फ करना चाहें तो उसका तरीका यह हैContinue reading “जकात के अहम मसायल #02”
रोज़े की वह सूरते जिनमे कफ़्फ़ारा लाज़िम हो जाता है
उन सूरतों का बयान जिन में कफ्फारा भी लाज़िम है मसाला : – रमज़ान में रोज़ादार मुकल्लफ मुकीम ने कि अदाए रमज़ान के रोजे की नियत से रोज़ा रखा और किसी आदमी के साथ जो काबिले शहवत है उसके आगे – पीछे के मकाम में जिमा किया इन्जाल हुआ हो या नहीं या उस रोज़ादारContinue reading “रोज़े की वह सूरते जिनमे कफ़्फ़ारा लाज़िम हो जाता है”
रोज़ा तोड़ने वाली चीजों का बयान ??
मसअला : – खाने – पीने जिमा करने से रोज़ा जाता रहता जबकि रोज़ादार होना याद हो । ( आम्लए कुतुब ) मसला : – हुक्का सिगार , सिगरेट , चर्स पीने से रोज़ा जाता रहता है अगर्चे अपने ख्याल में हल्क तक धूआँ न पहुँचाता हो बल्कि पान या सिर्फ तम्बाकू खाने से भीContinue reading “रोज़ा तोड़ने वाली चीजों का बयान ??”
रोज़ा के अहम मसाइल #5??
ऐ मुसलमानों अल्लाह और रसूल के लिए अपने आप को अपने खानदान और मालोज़र को कुर्बान करने हमेशा तैयार रहो मसअला :- गुस्ल किया और पानी की खुनकी अन्दर महसूस हुई या कुल्ली की और पानी बिल्कुल फेंक दिया सिर्फ कुछ तरी मुँह में बाकी रह गयी थी थूक के साथ उसे निगल गया याContinue reading “रोज़ा के अहम मसाइल #5??”
किन काम से रोज़ा नही जाता ??
हदीस न .1 : – सही बुख़ारी मुस्लिम में अबू हुरैरा रदियल्लाहु तआला अन्हु से मरवी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं रोज़ादार ने भूलकर खाया या पिया वह अपने रोज़े को पूरा करे कि उसे अल्लाह ने खिलाया और पिलाया । हवाला बहारे शरीयत तम्बीह : – इस बाब में उन चीजों काContinue reading “किन काम से रोज़ा नही जाता ??”
रोज़े के मुताल्लिक जानकारी और मसले
हदीस :- इने माजा हज़रते अनस रदियल्लाहु तआला अन्हु से रावी कहते हैं रमज़ान आया तो हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फरमाया यह महीना आया इसमें एक रात हज़ार महीनों से बेहतर है जो इससे महरूम रहा हर चीज़ से महरूम रहा और उसकी खैर से वही महरूम होगा जो पूरा महरूम है ।Continue reading “रोज़े के मुताल्लिक जानकारी और मसले”
क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?
अपने माल की पूरी जकात अदा जरूर करे । अवाम में कुछ लोग ऐसा ख्याल करते हैं हालांकि यह उनकी गलतफहमी है । माहे रमज़ान में इफ़्तार के वक़्त से सहरी तक रात में जिस तरह खाना पीना जाइज़ है , उसी तरह बीवी और शौहर का हमबिस्तर होना और सुहबत व मुजामअत बिला शकContinue reading “क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?”
क्या नापाक रहने से रोजा नहीं होता / टूट जाता है
क्या नापाक रहने से रोज़ा टूट जाता है? ⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬अगर कोई शख्स रोज़ा रखकर दिन में नापाक रहें और इस नापाकी की वजह से उसकी नमाज़ छुटती है तो उसके ऊपर नमाज़ छोड़ने का गुनाहे अज़ीम होगा क्योंकि फ़र्ज़ नमाज़ छोड़ना इस्लाम में बड़ा गुनाह और जहन्नम का रास्ता है । लेकिन इस नापाकीContinue reading “क्या नापाक रहने से रोजा नहीं होता / टूट जाता है”