इन्ना अहसनल हदीसे किताबुल्लाही

और ऐ ईमान वालो होशियारी से काम लो ( ७ ) फिर दुश्मन की तरफ़ थोड़े थोड़े होकर निकलो या इकट्ठे चलो (७१) तुम में कोई वह है कि ज़रूर देर लगाएगा ( २ ) फिर अगर तुमपर कोई मुसीबत पड़े तो कहे खुदा का मुझपर एहसान था कि मैं उनके साथ हाज़िर न थाContinue reading “इन्ना अहसनल हदीसे किताबुल्लाही”

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