वज़ु का बयान

ऐसे ही दीनी मालुमात के पोस्ट रोजाना अपने व्हाट्सअप पर पाने के लिए हमारा नम्बर 9753384040 सेव करे और हमे add/ऐड/जोड़े/भेजे इन चारों में से कोई एक या अपना नाम लिख भेजेइंशाअल्लाह आप को रोजाना एक पोस्ट पर्सनल में मिलेगी( नोट:- हम कोई ग्रुप में ऐड नही करेंगे) दीनी मालूमात के लिए हमे फ्लो जरूरContinue reading “वज़ु का बयान”

ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही

मकरूहे तन्ज़ीही : – जिसका करना शरीअत को पसंद नहीं मगर इस हद तक नहीं कि उस पर अज़ाब की वईद आये यह सुन्नते ग़ैर मुअक्किदा के मुकाबिल है । ख़िलाफ़ औला – वह कि जिसका न करना बेहतर था अगर किया तो कुछ हरज और अजाब नहीं । यह मुस्तहब का मुकाबिल है ।Continue reading “ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही”

जकात के अहम मसायल #02

मसअला : – ज़कात का रुपया मुर्दे की तजहीज़ व तकफीन यअनी कफन – दफन या मस्जिद की तामीर में नहीं सर्फ ( खच ) कर सकते कि तमलीके फकीर नहीं पायी गई यशुनी यहाँ पर फकीर को मालिक बनाना न पाया गया और इन कामों में सर्फ करना चाहें तो उसका तरीका यह हैContinue reading “जकात के अहम मसायल #02”

ईमान व अक़ीदे से ज्यादा अमल को अहमियत देना ???

हमारे काफी अवाम भाई किसी की ज़ाहिरदारी कोई अच्छा काम देखकर उसकी तारीफ करने लगते हैं और (प्रभावित) हो’ जाते हैं जबकि इस्लामी नुक़्तए नज़र से कोई नेकी उस वक़्त तक कारआमद नही जब तक कि उसका ईमान व अक़ीदा दुरूस्त न हो।रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने जब ऐलाने नवुब्बत फ़रमाया था तो पहलेContinue reading “ईमान व अक़ीदे से ज्यादा अमल को अहमियत देना ???”

क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?

अपने माल की पूरी जकात अदा जरूर करे । अवाम में कुछ लोग ऐसा ख्याल करते हैं हालांकि यह उनकी गलतफहमी है । माहे रमज़ान में इफ़्तार के वक़्त से सहरी तक रात में जिस तरह खाना पीना जाइज़ है , उसी तरह बीवी और शौहर का हमबिस्तर होना और सुहबत व मुजामअत बिला शकContinue reading “क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?”

जवान लड़के लड़कियों की शादी में देर करना⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬आजकल जवान लड़के लड़कियों को घर में बिठाए रखना और उनकी शादी में ताखीर करना आम हो गया है इस्लामी नुक़्तए नज़र से यह गलत बात है ।हदीसे पाक में है रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम इरशाद फरमाते हैंजिस की लड़की 12 बरस की उम्र को पहुंचे और वह उसका निकाह ना करें फिर वह लड़की गुनाह में मुब्तला हो तो वह गुनाह उस शख्स पर है (मिश्कात शरीफ सफहा 271)ऐसी ही हदीस लड़कों के बारे में भी आई हैआजकल की फुज़ूल रस्मो और बेजा ख़र्चों ने भी शादियों को मुश्किल कर दिया है जिसकी वजह से भी बहुत सी जवान लड़कियां अपने घरों में बैठी हुई है और लड़के मालदारो की लड़कियों की तलाश में बूढ़े हुए जा रहे हैं इन खर्चों पर कंट्रोल करने के लिए जगह-जगह तहरीके चलाने और तन्ज़ीमे बनाने की जरूरत है चाहे वह अपनी अपनी बिरादरी की सतह पर ही काम किया जाए तो कोई हर्ज नहीं । भाइयों ! दौर काम करने का है सिर्फ बातें मिलाने या नारे लगाने और मुशायरे सुनने से कुछ हासिल ना होगा शादी ब्याह में कम से कम खर्च करने का माहौल बनाओ ताकि ज्यादा से ज्यादा मर्द और औरतें शादीशुदा रहे ।कुछ लोग आला तालीम हासिल कराने के लिए लड़कियों की उम्र ज्यादा कर देते हैं उन्हें वह गैर शादीशुदा रहने पर मजबूर कर देते हैं वह भी निरी हिमाकत और बेवकूफी है ।आजकल मुसलमानों में कुछ बदमज़हब और बातिल फिरके जवान लड़कियों की आला तालीम के लिए मदारिस और स्कूल खोलने में बहुत कोशिश कर रहे हैं । उनका मकसद अपने बातिल और मखसूस गैर-इस्लामी अक़ाइद मुसलमानों में फैलाने के अलावा और कुछ नहीं है और इधर लोगों में आजकल औलाद से मोहब्बत इस कदर बढ़ गई है कि हर शख्स कोशिश में है मेरी लड़की मेरा लड़का पता नहीं क्या-क्या बन जाए आला तालीम के नशे सवार है और बनता तो कोई कुछ नहीं लेकिन अक्सर बुरे दिन देखने को मिलते हैं लड़के ज्यादा पढ़ कर बाप बन रहे हैं लड़कियां माँ बन रही है।हो सकता है कि हमारी इन बातों से कुछ लोगों को इख्तिलाफ हो मगर हमारा मशवरा यही है लड़कियों को आला तालीम से बाज़ रखा जाये , खासकर जब कि यह तालीम शादी की राह में रुकावट हो और पढ़ने पढ़ाने के चक्कर में अधेड़ कर दिया जाता हो और खासकर गरीब तबके के लोगों में क्योंकि उनके लिए पढ़ी लिखी लड़कियां बोझ बन जाती है क्योंकि उनके लिए शौहर भी ए क्लास और आला घर के होना चाहिए और वह मिल नहीं पाते कोई मिलता भी है तो वह जहेज़ मे मारुती कार मोटरसाइकिल का तालिब है बल्कि बारात से पहले एक दो लाख रूपये का सवाल करता है ।हिंदुस्तान गवर्नमेंट जो बच्चों को ऊँची तालीम दिलाने पर ज़ोर दे रही है , उसके लिए मेरा मशवरा है कि वह तालीम याफ्ता बच्चों की नौकरी व मुलाज़िमत की ज़िम्मेदारी ले या उनके वज़ीफ़े मुतय्यन करे। खाली पढ़ा कर छोड़ देना ,न घर का रखा न बाहर का,न खेत का न दफ्तर का। यह गरीबों के साथ ज़ुल्म है और समाज की बर्बादी है।(गलत फहमियां और उनकी इस्लाह ,पेज 83)

इस्लाही पोस्ट नमाज़ के अहम मसले

📝सवाल अस्र या इशा के फ़र्ज़ों से पहले जो चार रक़अ्त सुन्नत गैर मुअक्क़दह पढ़ी जाती हैं उनके क़अदए ऊला में अत्तहिय्यात के बाद दुरूद शरीफ़ पढ़ना चाहिये या नहीं ? अकसर लोग अत्तहिय्यात पढ़ कर तीसरी रक़अ्त के लिये खड़े हो जाते हैं ?✍🏻जवाब : सुन्नते गैर मुअक्क़दह और नवाफ़िल के क़दए ऊला मेंContinue reading “इस्लाही पोस्ट नमाज़ के अहम मसले”

अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??

अल्लाह को हाज़िर नाज़िर नही कहना चाहिए क्योंकि अल्लाह जगह और मकान से पाक है हकीमुल उम्मत मुफ़्ती अहमदयार खान नईमी फरमाते है हर जगह हाज़िर नाज़िर होना खुद की सिफ़त हरगिज़ नही खुदा जगह और मकान से पाक है हवाला :- जाअल हक आप से पुरखुलुस गुजारिश पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुसलमानContinue reading “अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??”

वसीयत के मुताल्लिक सवाल जवाब ●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•●💚❇️ फ़िक़्ही मसाइल ❇️💚हदीस शरीफ महफूमइब्ने माज़ा हज़रत जाबिर रदियल्लाहो ताअला अन्हु रिवायत करते है कि रसूलुल्लाह सल्लाहु ताअला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जिसकी मौत वसीयत पर हो यानी (वसीयत के बाद इंतेक़ाल करे) वह अज़ीम सुन्नत पर मरा और उसकी मौत तक़वा और शाहदत पर हुआ और इस हालत में मरा की उसकी मगफिरत हो गयीबहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदी हदीस न 06🌲 सवाल 1) वसीयत करना क्या हैजवाब 1) मुस्तहब हैवसीयत करना मुस्तहब है । जब कि उस पर हूकूकुल्लाह की अदायगी बाकी ना हो , अगर उस पर हूकूकुल्लाह की अदा करना बाकी है यानी उस पर कुछ नमाज़ की अदायगी बाकी है या हज फ़र्ज़ था अदा ना किया, रोज़ा रखना था रोज़ा ना रखा ऐसी सूरतो में वसीयत करना वाज़िब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द :- 19 सफा 819 हिंदीमसला न 01🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🌲 सवाल 2) वसीयत की कितनी किस्म हैजवाब 3) वसीयत की 4 किस्म हैपहली वाज़िबा :- जैसे ज़कात की वसीयत और कफ्फराते वाज़िबा की वसीयत , सदका ए सियाम (रोज़ा) व सलात (नमाज़) की वसीयतदूसरी मुबाहा :- जैसे मसीयते अगनिया ( मालदारों) के लिएतीसरी मसीयते मकरुहा :- जैसे अहले फिस्क मअसिअत के लिए वसीयत जब यह गुमान गालिब हो की वह माले वसीयत गुनाह में सर्फ करेगाचौथी मुस्तहब:- इसके (तीनो) के अलावा के लिए वसीयत मुस्तहब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदीमसला 02*

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पाकी नापाकी ,और असर के बाद सोने की जानकारी ???

📕 सवाल,” कपड़े पर कितना खून लग जाए तो कपड़ा नापाक होगा 🍒 जवाब,कपड़े पर अगर एक दिरहम के बराबर खून लग जाए तो कपड़ा नापाक हो जाएगा 👉 दिरहम की मिकदार हाथ की हथेली की गहराई है और अगर दिरहम से कम है तो कपड़ा नापाक नहीं होगा,,,👉ये हुक्म पेशाब,खून,मनी,और दूसरी नापाक चीज़ों काContinue reading “पाकी नापाकी ,और असर के बाद सोने की जानकारी ???”

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم📔 इंसान के बाल हड्डी आदि किसी भी चीज़ का बेचना नाजाइज़ है (मना है) और अपने किसी काम में लाना भी उचित नहीं है |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 शिकारी जानवर (वो जानवर जो शिकार करते हैं) सिखाए हुए हों (Trained) या बिना सिखाए हुए हों उनको ख़रीदना और बेचना जाइज़ है (जी हाँ बेच और खरीद सकते हैं ) मगर यह ज़रूरी है की वे सिखाए जाने के क़ाबिल हों |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 चोरी का या हड़पा हुआ माल (जैसे कपड़ा वग़ैरह) खरीदना नाजाइज़ है (मना है) |हवाला 📚जन्नती ज़ेवर

इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم सवाल, “वही” किसे कहते हैं 🍒 जवाब, “वही” उस कलाम को कहते हैं :- जो किसी नबी पर अल्लाह की तरफ से नाज़ील हूवा हो 📕 …………. 📕 सवाल,आयात और सूरत का लुग्वी (डिक्शनरी) मतलब क्या है 🍒 जवाब,आयत का लुगवी मतलब “निशानी” और सूरत का मतलब “अज़्मत और मर्तबा क़ुरआनContinue reading “इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ”

नमाज़ के मसले अहकाम

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،،الحمدللہ رب العالم सवाल,1, अगर किसी ने नमाज़ की हालत में पहली रकात में सुरए नास पढ़ी तो अब दूसरी रकात में कोन सी सूरत पढ़े 🌹 जवाब,👉🏻C,दूसरी रकात में भी सुरए नास ही पढ़े,, 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 सवाल2, हालते नमाज़ में तादीले अरकान यानी कौमा, जल्सा, रुकुअ, सज्दा,में कम से कमContinue reading “नमाज़ के मसले अहकाम”

नमाज़ के मसायल व दीगर इस्लामी जानकारी

🍁 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻 🌺 सवाल,1, , अगर नमाज़ में सना नहीं पढ़ी तो नमाज़ होगी या नहीं, 🍁 जवाब,, नमाज़ में सना पढ़ना मस्तहब है, अगर सना ना पढ़ी तो नमाज़ में कोई फर्क नहीं आएगा 🍁🍁🍁 🌺 सवाल,2, इस्लाम में सब से पहले राहे खुदा में तीर किस ने चलाया 🍁Continue reading “नमाज़ के मसायल व दीगर इस्लामी जानकारी”

शाने गौसे आज़म

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जन्नत में दुनयावी बीबी और हूर में कौन आला ??

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،، सवाल,1, क्या हर मोमिन को जन्नत में उस की दुनियावी बीवी मिलेगी 🌹 जवाब, हां, और दुनियावी बीवी हूर से भी ज़्यादा खूबसूरत होगी 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 📔 सवाल, जन्नत में हूर अफ़ज़ल होगी या दुनियवी बीवी 🌹 जवाब , जन्नत में दुनियावी औरत अफ़ज़ल होगी 🌹🌹🌹🌹🌹 सवाल2, बनी इसराइल केContinue reading “जन्नत में दुनयावी बीबी और हूर में कौन आला ??”

नमाज़ के अहम मसायल a

🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم، सवाल,1, अगर किसी ने चार रकात वाली फ़र्ज़ नमाज़ की पहली दो रकात में कीरअत नहीं की तो अब वो क्या करे 🌹 जवाब आखिर की दोनों रकात में किरअत करे और सजदए सहव भी करे 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 सवाल2, अगर किसी ने नमाज़ के कादा ए आखीरा में दुरुदे इब्राहिमी नहींContinue reading “नमाज़ के अहम मसायल a”

मय्यत को सवाब पहुचने का बयान

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم तीजा और दसवा बिस्वा चालीसवाँ बरसी 👈 इन दिनों के अलावा भी मय्यत या मरहूम को सवाब पहुँचता है | 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 मय्यत को सवाब पहुँचाने के लिए पानी बेहतरीन सदक़ा है की कुआँ खुदवाकर या नल लगवाकर या सबील लगाकर या बोर करवाकर इसका सवाब मय्यत को बख़्शा जाए |Continue reading “मय्यत को सवाब पहुचने का बयान”

कर्ज़ की अदायगी में जानबूझकर देरी करना कैसा है ??

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم क़र्ज़ की अदाएगी (क़र्ज़ चुकाना) में बिला वजह (बिना किसी कारण के) ताख़ीर (देरी) करना गुनाह हैध्यान दें :-अगर क़र्ज़दार क़र्ज़ अदा कर सकता है तो क़र्ज़ख़्वाह (जिससे क़र्ज़ लिया है) की मर्ज़ी के बग़ैर एक घड़ी भर भी अगर देर करेगा तो गुनहगार होगा, चाहे नमाज़ में हो, रोज़ेContinue reading “कर्ज़ की अदायगी में जानबूझकर देरी करना कैसा है ??”

नगीनो (पथ्थर) की तासीर व पर्दे के अहकाम और सितारों का बयान

📘 सवाल,1, , क्या नगीनों की कोई तासीर होती है 🛢 जवाब,,, जी नहीं कोई भी तासीर नहीं होती 🚤 👉 आदमी के नामों से पत्थरों का हिसाब किताब निकालना ये सिर्फ पैसे कमाने का फन है ,,, इस के अलावा ये कहना के फुलां पत्थर पहनने से आदमी फलता फूलता है मालदार बन जाताContinue reading “नगीनो (पथ्थर) की तासीर व पर्दे के अहकाम और सितारों का बयान”

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