अल्लाह के लिए अक़ीदा

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ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही

मकरूहे तन्ज़ीही : – जिसका करना शरीअत को पसंद नहीं मगर इस हद तक नहीं कि उस पर अज़ाब की वईद आये यह सुन्नते ग़ैर मुअक्किदा के मुकाबिल है । ख़िलाफ़ औला – वह कि जिसका न करना बेहतर था अगर किया तो कुछ हरज और अजाब नहीं । यह मुस्तहब का मुकाबिल है ।Continue reading “ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही”

मकरूहे तहरीमी व इसाअत

मकरूहे तहरीमी : – यह वाजिब का मुकाबिल है । इसके करने से इबादत नाकिस यानी अधूरी हो जाती है और करने वाला गुनाहगार होता है अगरचे इसका गुनाह हराम से कम है और चन्द बार इसका करना गुनाहे कबीरा है । : इसाअत जिसका करना बुरा और कभी कभी करने वाला इताबे इलाही काContinue reading “मकरूहे तहरीमी व इसाअत”

मुस्तहब व मुबाह

मुस्तहब : – वह कि शरीअत की नज़र में उसका करना पसन्द हो मगर उसके छोड़ने पर कुछ नापसन्दी न हो चाहे हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने उसे किया या करने के लिये फ़रमाया या आंलिमों ने पसंद किया हो अगरचे उसका ज़िक हदीस में न आया हो फिर भी उसका करना औरContinue reading “मुस्तहब व मुबाह”

सुन्नते मुअक्कदा

सुन्नते मुअक्कदा : – वह जिस को हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हमेशा किया हो अलबत्ता बयाने जवाज़ ( जाइज़ होने के बयान ) के वास्ते कभी छोड़ भी दिया हो या वह कि उस के करने की ताकीद की हो मगर छोड़ने का रास्ता बिल्कुल बन्द न किया हो इसी सुन्नते मुअक्कदाContinue reading “सुन्नते मुअक्कदा”

मीज़ान क्या है :-

अल जवाब :- अकीदा : – मीज़ान हक़ है उस पर लोगों के अच्छे बुरे आमाल तौले जायेंगे । दुनिया में पल्ला भारी होने का मतलब यह होता है कि नीचे को पल्ला झुकता है । लेकिन वहाँ उस का उल्टा होगा और जिसका पल्ला भारी होगा ऊपर को उठ जायेंगा । हवाला :- बहारेContinue reading “मीज़ान क्या है :-“

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