शहर की बुनिया उस वक्त पड़ी जबकि 14 हिजरी से 16 हिं 0 तक कादसिया वगैरा में फुतूहात के बाद मुसलमानों की फौज ने इराक में सुकूनत इख्तियार की और मदाइन की आबो – हवा उन के मुवाफिक न हुई तो सहाबिए रसूल हज़रत सअद बिन वकास रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के हुक्म से यह जगहContinue reading “मुहर्रम 1 कूफियो के खत”
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आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की
इसे पढ़ने वाला ख़ुशनसीब ही होगा👇👇👇राहे ख़ुदा में ख़र्च करने के बारे क़ुरआन की आयते मुबारका👇👇👇 “तुम हरगिज़ भलाई को न पहुँचोगे जब तक राहे ख़ुदा में अपनी प्यारी चीज़ ना खर्च करो और तुम जो कुछ ख़र्च करो अल्लाह को मालूम है”(सुरः आले इमरान आयत नं.92) “हज़रत अबु तल्हा अंसारी मदीने में बड़े मालदारContinue reading “आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की”
माले जकात किन लोगों में सर्फ (तकसीम) की जाए ???
मसला : – ज़कात के मसारिफ सात हैं यअनी सात किस्म के लोगों को ज़कात दे सकते हैं 1. फकीर 2. मिस्कीन 3. आमिल 4. रिकाब 5. गारिम 6. फीसबीलिल्लाह 7. इनुस्सबील । मसला : – फकीर वह शख्स है जिस के पास कुछ हो मगर न इतना कि निसाब को पहुँच जाये या निसाबContinue reading “माले जकात किन लोगों में सर्फ (तकसीम) की जाए ???”
सोने ,चांदी व तिजारत के माल की जकात का बयान 03
मसला : – सोने की निसाब बीस मिस्काल है यअनी साढ़े सात तोले ( 87 ग्राम 480 मिलीग्राम ) और चाँदी को दो सौ दिरहम यअनी साढ़े बावन तोले ( -612 ग्राम 360 मिलीग्राम ) यानी वह तोला जिससे यह राइज रुपया सवा ग्यारह माशे है । सोने चाँदी की ज़कात में वज़न का एअतिबारContinue reading “सोने ,चांदी व तिजारत के माल की जकात का बयान 03”
जकात के अहम मसायल #02
मसअला : – ज़कात का रुपया मुर्दे की तजहीज़ व तकफीन यअनी कफन – दफन या मस्जिद की तामीर में नहीं सर्फ ( खच ) कर सकते कि तमलीके फकीर नहीं पायी गई यशुनी यहाँ पर फकीर को मालिक बनाना न पाया गया और इन कामों में सर्फ करना चाहें तो उसका तरीका यह हैContinue reading “जकात के अहम मसायल #02”
जकात के अहम मसाइल #1
मसाला : – शयए मरहून ( गिरवी रखी हुई चीज ) की ज़कात न मुरतहिन ( जिस के पास गिरवी रखी गयी ) पर है न राहिन ( गिरवी रखने वाले ) पर । मुरतहिन तो मालिक ही नहीं और राहिन की मिल्के ताम ( यानी पूरा कब्जा ) नहीं कि उसके कब्जे में नहींContinue reading “जकात के अहम मसाइल #1”
रोज़ा तोड़ने वाली चीजों का बयान ??
मसअला : – खाने – पीने जिमा करने से रोज़ा जाता रहता जबकि रोज़ादार होना याद हो । ( आम्लए कुतुब ) मसला : – हुक्का सिगार , सिगरेट , चर्स पीने से रोज़ा जाता रहता है अगर्चे अपने ख्याल में हल्क तक धूआँ न पहुँचाता हो बल्कि पान या सिर्फ तम्बाकू खाने से भीContinue reading “रोज़ा तोड़ने वाली चीजों का बयान ??”
रोज़े के मुताल्लिक जानकारी और मसले
हदीस :- इने माजा हज़रते अनस रदियल्लाहु तआला अन्हु से रावी कहते हैं रमज़ान आया तो हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फरमाया यह महीना आया इसमें एक रात हज़ार महीनों से बेहतर है जो इससे महरूम रहा हर चीज़ से महरूम रहा और उसकी खैर से वही महरूम होगा जो पूरा महरूम है ।Continue reading “रोज़े के मुताल्लिक जानकारी और मसले”
ईमान व अक़ीदे से ज्यादा अमल को अहमियत देना ???
हमारे काफी अवाम भाई किसी की ज़ाहिरदारी कोई अच्छा काम देखकर उसकी तारीफ करने लगते हैं और (प्रभावित) हो’ जाते हैं जबकि इस्लामी नुक़्तए नज़र से कोई नेकी उस वक़्त तक कारआमद नही जब तक कि उसका ईमान व अक़ीदा दुरूस्त न हो।रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने जब ऐलाने नवुब्बत फ़रमाया था तो पहलेContinue reading “ईमान व अक़ीदे से ज्यादा अमल को अहमियत देना ???”
जिस औरत के ज़िना का हमल हो उससे निकाहजाइज़ है⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬ज़ानिया हामिला यानी वह औरत जो बिना निकाह किए ही गर्भवती हो गई हो उससे निकाह को कुछ लोग नाजायज़ समझते हैं हालांकि वह जाइज़ है । ज़िना इस्लाम में बहुत बड़ा गुनाह है और इसकी सज़ा बहुत सख्त है लेकिन अगर किसी औरत से ज़िनाकारी सरज़द हुई , उससे निकाह किया जाये तो निकाह सही हो जाएगा,ख्वाह वह ज़िना से हामला हो गई हो जबकि वह औरत शौहर वाली न हो और निकाह अगर उसी शख्स से हो जिसका हमल है तो निकाह के बाद वह दोनों साथ रह सकते हैं , सुहबत व हमबिस्तरी भी कर सकते हैं और किसी दूसरे से निकाह हो तो जब तक बच्चा पैदा न हो जाए दोनों लोगों को अलग रखा जाए और उनके लिए हमबिस्तरी जाएज़ नहीं ।⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵इमामे अहले सुन्नत सय्यिदी आला हजरत फरमाते हैं⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇जो औरत मआज़ल्लाह ज़िना से हामिला हो उससे निकाह सही है ख्वाह उस ज़ानी से हो या गैर से फ़र्क़ इतना है अगर ज़ानी से निकाह हो तो वह बादे निकाह उससे कुर्बत भी कर सकता है और गैर ज़ानी से हो तो वज़ए हमल तक( बच्चा पैदा होने तक) कुर्बत न करे।( फतावा रज़विया जिल्द 5 ,सफ़हा 199, फतावा अफ्रीका ,सफ़हा 15)
अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??
अल्लाह को हाज़िर नाज़िर नही कहना चाहिए क्योंकि अल्लाह जगह और मकान से पाक है हकीमुल उम्मत मुफ़्ती अहमदयार खान नईमी फरमाते है हर जगह हाज़िर नाज़िर होना खुद की सिफ़त हरगिज़ नही खुदा जगह और मकान से पाक है हवाला :- जाअल हक आप से पुरखुलुस गुजारिश पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुसलमानContinue reading “अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??”
औरत का किस किस से पर्दा है ??
औरत का हर अजनबी बालिग़ मर्द से पर्दा है,, जो महरम न हो, वो अजनबी होता है, महराम से मुराद वो मर्द है जिन से हमेशा के लिए निकाह हराम हो, (हुरमत नसब से हो या सबब से मसलन रज़ाअत (दूध का रिश्ता)या मूसा -हरत! महारिम में तीन किस्म के अफराद दाखिल है :-(1)नसब कीContinue reading “औरत का किस किस से पर्दा है ??”
वसीयत के मुताल्लिक सवाल जवाब ●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•●💚❇️ फ़िक़्ही मसाइल ❇️💚हदीस शरीफ महफूमइब्ने माज़ा हज़रत जाबिर रदियल्लाहो ताअला अन्हु रिवायत करते है कि रसूलुल्लाह सल्लाहु ताअला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जिसकी मौत वसीयत पर हो यानी (वसीयत के बाद इंतेक़ाल करे) वह अज़ीम सुन्नत पर मरा और उसकी मौत तक़वा और शाहदत पर हुआ और इस हालत में मरा की उसकी मगफिरत हो गयीबहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदी हदीस न 06🌲 सवाल 1) वसीयत करना क्या हैजवाब 1) मुस्तहब हैवसीयत करना मुस्तहब है । जब कि उस पर हूकूकुल्लाह की अदायगी बाकी ना हो , अगर उस पर हूकूकुल्लाह की अदा करना बाकी है यानी उस पर कुछ नमाज़ की अदायगी बाकी है या हज फ़र्ज़ था अदा ना किया, रोज़ा रखना था रोज़ा ना रखा ऐसी सूरतो में वसीयत करना वाज़िब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द :- 19 सफा 819 हिंदीमसला न 01🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🌲 सवाल 2) वसीयत की कितनी किस्म हैजवाब 3) वसीयत की 4 किस्म हैपहली वाज़िबा :- जैसे ज़कात की वसीयत और कफ्फराते वाज़िबा की वसीयत , सदका ए सियाम (रोज़ा) व सलात (नमाज़) की वसीयतदूसरी मुबाहा :- जैसे मसीयते अगनिया ( मालदारों) के लिएतीसरी मसीयते मकरुहा :- जैसे अहले फिस्क मअसिअत के लिए वसीयत जब यह गुमान गालिब हो की वह माले वसीयत गुनाह में सर्फ करेगाचौथी मुस्तहब:- इसके (तीनो) के अलावा के लिए वसीयत मुस्तहब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदीमसला 02*
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इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ
بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم सवाल, “वही” किसे कहते हैं 🍒 जवाब, “वही” उस कलाम को कहते हैं :- जो किसी नबी पर अल्लाह की तरफ से नाज़ील हूवा हो 📕 …………. 📕 सवाल,आयात और सूरत का लुग्वी (डिक्शनरी) मतलब क्या है 🍒 जवाब,आयत का लुगवी मतलब “निशानी” और सूरत का मतलब “अज़्मत और मर्तबा क़ुरआनContinue reading “इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ”
इस्लामी मालूमातो का खजाना
🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📔 सवाल,1, किस तरह की मछली हराम है 💛 जवाब, मछली बिना मारे अपने आप मर कर पानी की सतह पर उलट गई वो हराम है,अगर मछली को मारा और वो उलट कर तैरने लगी तो हराम नहीं दुर्रे मुख्तार जिल्द 1 पेज 445 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 📔 सवाल ,2, किसी मुसलमानContinue reading “इस्लामी मालूमातो का खजाना”
शाने गौसे आज़म
―――――――――――――――――――――🌴🌹नाम👉🏻अ़ब्दुल क़ादिर🌹🌴🌴🌹लक़ब👉🏻 मोह़िय्युद्दीन(दीन को ज़िंदा करने वाला)🌹🌴🌴🌹वालिद👉🏻अबु साॕलेह़ मूसा(जंगी दोस्त)🌹🌴🌴🌹वालिदा👉🏻उम्मुल ख़ैर फ़ातिमा🌹🌴🌴🌹विलादत👉🏻(1/9/470) हिज्री जीलान🌹🌴🌴🌹विसाल👉🏻(11/4/561) हिज्री,बग़दाद🌹🌴🌴🌹बीवियाँ👉🏻(4)🌹🌴🌴🌹औलाद👉🏻(49)🌹🌴🌴🌹महज़ब👉🏻ह़म्बली🌹🌴🌴🌹आप पैदाइशी वली हैं,आप हसनी हुसैनी सय्यद हैं,आपकी विलादत के वक़्त आप की वालिदा की उम्र 60 साल थी,आप बचपन में माहे रमज़ान मुबारक में दिन भर दूध नहीं पीते थे,आपकी तक़रीर में (60000,,,70000) का मजमा हो जाता था,आपके बदन परContinue reading “शाने गौसे आज़म”
जन्नत में दुनयावी बीबी और हूर में कौन आला ??
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،، सवाल,1, क्या हर मोमिन को जन्नत में उस की दुनियावी बीवी मिलेगी 🌹 जवाब, हां, और दुनियावी बीवी हूर से भी ज़्यादा खूबसूरत होगी 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 📔 सवाल, जन्नत में हूर अफ़ज़ल होगी या दुनियवी बीवी 🌹 जवाब , जन्नत में दुनियावी औरत अफ़ज़ल होगी 🌹🌹🌹🌹🌹 सवाल2, बनी इसराइल केContinue reading “जन्नत में दुनयावी बीबी और हूर में कौन आला ??”
तलाक दी गयी औरत के इद्दत के मसायल
بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،، सवाल,1, तलाक दी गई औरत अगर हामिला,55 साल की,और नाबालिगा ना हो तो उस की इद्दत कितने दिन है 🌹 जवाब, B, जिसे तलाक दी गई वो औरत अगर हामीला (प्रेगनेंट) या 55 साल की और नाबालिग नहीं हो तो उस की इद्दत 3 हैज़ है यानी तलाक के बाद 3Continue reading “तलाक दी गयी औरत के इद्दत के मसायल”
कर्ज़ की अदायगी में जानबूझकर देरी करना कैसा है ??
🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم क़र्ज़ की अदाएगी (क़र्ज़ चुकाना) में बिला वजह (बिना किसी कारण के) ताख़ीर (देरी) करना गुनाह हैध्यान दें :-अगर क़र्ज़दार क़र्ज़ अदा कर सकता है तो क़र्ज़ख़्वाह (जिससे क़र्ज़ लिया है) की मर्ज़ी के बग़ैर एक घड़ी भर भी अगर देर करेगा तो गुनहगार होगा, चाहे नमाज़ में हो, रोज़ेContinue reading “कर्ज़ की अदायगी में जानबूझकर देरी करना कैसा है ??”
नगीनो (पथ्थर) की तासीर व पर्दे के अहकाम और सितारों का बयान
📘 सवाल,1, , क्या नगीनों की कोई तासीर होती है 🛢 जवाब,,, जी नहीं कोई भी तासीर नहीं होती 🚤 👉 आदमी के नामों से पत्थरों का हिसाब किताब निकालना ये सिर्फ पैसे कमाने का फन है ,,, इस के अलावा ये कहना के फुलां पत्थर पहनने से आदमी फलता फूलता है मालदार बन जाताContinue reading “नगीनो (पथ्थर) की तासीर व पर्दे के अहकाम और सितारों का बयान”