आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की

इसे पढ़ने वाला ख़ुशनसीब ही होगा👇👇👇राहे ख़ुदा में ख़र्च करने के बारे क़ुरआन की आयते मुबारका👇👇👇 “तुम हरगिज़ भलाई को न पहुँचोगे जब तक राहे ख़ुदा में अपनी प्यारी चीज़ ना खर्च करो और तुम जो कुछ ख़र्च करो अल्लाह को मालूम है”(सुरः आले इमरान आयत नं.92) “हज़रत अबु तल्हा अंसारी मदीने में बड़े मालदारContinue reading “आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की”

वसीयत के मुताल्लिक सवाल जवाब ●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•●💚❇️ फ़िक़्ही मसाइल ❇️💚हदीस शरीफ महफूमइब्ने माज़ा हज़रत जाबिर रदियल्लाहो ताअला अन्हु रिवायत करते है कि रसूलुल्लाह सल्लाहु ताअला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जिसकी मौत वसीयत पर हो यानी (वसीयत के बाद इंतेक़ाल करे) वह अज़ीम सुन्नत पर मरा और उसकी मौत तक़वा और शाहदत पर हुआ और इस हालत में मरा की उसकी मगफिरत हो गयीबहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदी हदीस न 06🌲 सवाल 1) वसीयत करना क्या हैजवाब 1) मुस्तहब हैवसीयत करना मुस्तहब है । जब कि उस पर हूकूकुल्लाह की अदायगी बाकी ना हो , अगर उस पर हूकूकुल्लाह की अदा करना बाकी है यानी उस पर कुछ नमाज़ की अदायगी बाकी है या हज फ़र्ज़ था अदा ना किया, रोज़ा रखना था रोज़ा ना रखा ऐसी सूरतो में वसीयत करना वाज़िब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द :- 19 सफा 819 हिंदीमसला न 01🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🌲 सवाल 2) वसीयत की कितनी किस्म हैजवाब 3) वसीयत की 4 किस्म हैपहली वाज़िबा :- जैसे ज़कात की वसीयत और कफ्फराते वाज़िबा की वसीयत , सदका ए सियाम (रोज़ा) व सलात (नमाज़) की वसीयतदूसरी मुबाहा :- जैसे मसीयते अगनिया ( मालदारों) के लिएतीसरी मसीयते मकरुहा :- जैसे अहले फिस्क मअसिअत के लिए वसीयत जब यह गुमान गालिब हो की वह माले वसीयत गुनाह में सर्फ करेगाचौथी मुस्तहब:- इसके (तीनो) के अलावा के लिए वसीयत मुस्तहब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदीमसला 02*

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