सुन्नते गैर मुअक्कदा

सुन्नते गैर मुअक्कदा : – वह है कि शरीअत की नज़र में ऐसी चीज़ हो कि उसके छोड़ने को नापसन्द रखे मगर इस हद तक नहीं कि शरीअत उस पर अज़ाब की वईद फ़रमाये । इस बात से आम है कि हुजूर ने उसको हमेशा किया है या नहीं । उस का करना सवाब औरContinue reading “सुन्नते गैर मुअक्कदा”

सोने ,चांदी व तिजारत के माल की जकात का बयान 03

मसला : – सोने की निसाब बीस मिस्काल है यअनी साढ़े सात तोले ( 87 ग्राम 480 मिलीग्राम ) और चाँदी को दो सौ दिरहम यअनी साढ़े बावन तोले ( -612 ग्राम 360 मिलीग्राम ) यानी वह तोला जिससे यह राइज रुपया सवा ग्यारह माशे है । सोने चाँदी की ज़कात में वज़न का एअतिबारContinue reading “सोने ,चांदी व तिजारत के माल की जकात का बयान 03”

रोज़ा के अहम मसाइल #5??

ऐ मुसलमानों अल्लाह और रसूल के लिए अपने आप को अपने खानदान और मालोज़र को कुर्बान करने हमेशा तैयार रहो मसअला :- गुस्ल किया और पानी की खुनकी अन्दर महसूस हुई या कुल्ली की और पानी बिल्कुल फेंक दिया सिर्फ कुछ तरी मुँह में बाकी रह गयी थी थूक के साथ उसे निगल गया याContinue reading “रोज़ा के अहम मसाइल #5??”

क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?

अपने माल की पूरी जकात अदा जरूर करे । अवाम में कुछ लोग ऐसा ख्याल करते हैं हालांकि यह उनकी गलतफहमी है । माहे रमज़ान में इफ़्तार के वक़्त से सहरी तक रात में जिस तरह खाना पीना जाइज़ है , उसी तरह बीवी और शौहर का हमबिस्तर होना और सुहबत व मुजामअत बिला शकContinue reading “क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?”

जिस औरत के ज़िना का हमल हो उससे निकाहजाइज़ है⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬ज़ानिया हामिला यानी वह औरत जो बिना निकाह किए ही गर्भवती हो गई हो उससे निकाह को कुछ लोग नाजायज़ समझते हैं हालांकि वह जाइज़ है । ज़िना इस्लाम में बहुत बड़ा गुनाह है और इसकी सज़ा बहुत सख्त है लेकिन अगर किसी औरत से ज़िनाकारी सरज़द हुई , उससे निकाह किया जाये तो निकाह सही हो जाएगा,ख्वाह वह ज़िना से हामला हो गई हो जबकि वह औरत शौहर वाली न हो और निकाह अगर उसी शख्स से हो जिसका हमल है तो निकाह के बाद वह दोनों साथ रह सकते हैं , सुहबत व हमबिस्तरी भी कर सकते हैं और किसी दूसरे से निकाह हो तो जब तक बच्चा पैदा न हो जाए दोनों लोगों को अलग रखा जाए और उनके लिए हमबिस्तरी जाएज़ नहीं ।⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵इमामे अहले सुन्नत सय्यिदी आला हजरत फरमाते हैं⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇जो औरत मआज़ल्लाह ज़िना से हामिला हो उससे निकाह सही है ख्वाह उस ज़ानी से हो या गैर से फ़र्क़ इतना है अगर ज़ानी से निकाह हो तो वह बादे निकाह उससे कुर्बत भी कर सकता है और गैर ज़ानी से हो तो वज़ए हमल तक( बच्चा पैदा होने तक) कुर्बत न करे।( फतावा रज़विया जिल्द 5 ,सफ़हा 199, फतावा अफ्रीका ,सफ़हा 15)

जवान लड़के लड़कियों की शादी में देर करना⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬आजकल जवान लड़के लड़कियों को घर में बिठाए रखना और उनकी शादी में ताखीर करना आम हो गया है इस्लामी नुक़्तए नज़र से यह गलत बात है ।हदीसे पाक में है रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम इरशाद फरमाते हैंजिस की लड़की 12 बरस की उम्र को पहुंचे और वह उसका निकाह ना करें फिर वह लड़की गुनाह में मुब्तला हो तो वह गुनाह उस शख्स पर है (मिश्कात शरीफ सफहा 271)ऐसी ही हदीस लड़कों के बारे में भी आई हैआजकल की फुज़ूल रस्मो और बेजा ख़र्चों ने भी शादियों को मुश्किल कर दिया है जिसकी वजह से भी बहुत सी जवान लड़कियां अपने घरों में बैठी हुई है और लड़के मालदारो की लड़कियों की तलाश में बूढ़े हुए जा रहे हैं इन खर्चों पर कंट्रोल करने के लिए जगह-जगह तहरीके चलाने और तन्ज़ीमे बनाने की जरूरत है चाहे वह अपनी अपनी बिरादरी की सतह पर ही काम किया जाए तो कोई हर्ज नहीं । भाइयों ! दौर काम करने का है सिर्फ बातें मिलाने या नारे लगाने और मुशायरे सुनने से कुछ हासिल ना होगा शादी ब्याह में कम से कम खर्च करने का माहौल बनाओ ताकि ज्यादा से ज्यादा मर्द और औरतें शादीशुदा रहे ।कुछ लोग आला तालीम हासिल कराने के लिए लड़कियों की उम्र ज्यादा कर देते हैं उन्हें वह गैर शादीशुदा रहने पर मजबूर कर देते हैं वह भी निरी हिमाकत और बेवकूफी है ।आजकल मुसलमानों में कुछ बदमज़हब और बातिल फिरके जवान लड़कियों की आला तालीम के लिए मदारिस और स्कूल खोलने में बहुत कोशिश कर रहे हैं । उनका मकसद अपने बातिल और मखसूस गैर-इस्लामी अक़ाइद मुसलमानों में फैलाने के अलावा और कुछ नहीं है और इधर लोगों में आजकल औलाद से मोहब्बत इस कदर बढ़ गई है कि हर शख्स कोशिश में है मेरी लड़की मेरा लड़का पता नहीं क्या-क्या बन जाए आला तालीम के नशे सवार है और बनता तो कोई कुछ नहीं लेकिन अक्सर बुरे दिन देखने को मिलते हैं लड़के ज्यादा पढ़ कर बाप बन रहे हैं लड़कियां माँ बन रही है।हो सकता है कि हमारी इन बातों से कुछ लोगों को इख्तिलाफ हो मगर हमारा मशवरा यही है लड़कियों को आला तालीम से बाज़ रखा जाये , खासकर जब कि यह तालीम शादी की राह में रुकावट हो और पढ़ने पढ़ाने के चक्कर में अधेड़ कर दिया जाता हो और खासकर गरीब तबके के लोगों में क्योंकि उनके लिए पढ़ी लिखी लड़कियां बोझ बन जाती है क्योंकि उनके लिए शौहर भी ए क्लास और आला घर के होना चाहिए और वह मिल नहीं पाते कोई मिलता भी है तो वह जहेज़ मे मारुती कार मोटरसाइकिल का तालिब है बल्कि बारात से पहले एक दो लाख रूपये का सवाल करता है ।हिंदुस्तान गवर्नमेंट जो बच्चों को ऊँची तालीम दिलाने पर ज़ोर दे रही है , उसके लिए मेरा मशवरा है कि वह तालीम याफ्ता बच्चों की नौकरी व मुलाज़िमत की ज़िम्मेदारी ले या उनके वज़ीफ़े मुतय्यन करे। खाली पढ़ा कर छोड़ देना ,न घर का रखा न बाहर का,न खेत का न दफ्तर का। यह गरीबों के साथ ज़ुल्म है और समाज की बर्बादी है।(गलत फहमियां और उनकी इस्लाह ,पेज 83)

अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??

अल्लाह को हाज़िर नाज़िर नही कहना चाहिए क्योंकि अल्लाह जगह और मकान से पाक है हकीमुल उम्मत मुफ़्ती अहमदयार खान नईमी फरमाते है हर जगह हाज़िर नाज़िर होना खुद की सिफ़त हरगिज़ नही खुदा जगह और मकान से पाक है हवाला :- जाअल हक आप से पुरखुलुस गुजारिश पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुसलमानContinue reading “अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??”

वसीयत के मुताल्लिक सवाल जवाब ●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•●💚❇️ फ़िक़्ही मसाइल ❇️💚हदीस शरीफ महफूमइब्ने माज़ा हज़रत जाबिर रदियल्लाहो ताअला अन्हु रिवायत करते है कि रसूलुल्लाह सल्लाहु ताअला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जिसकी मौत वसीयत पर हो यानी (वसीयत के बाद इंतेक़ाल करे) वह अज़ीम सुन्नत पर मरा और उसकी मौत तक़वा और शाहदत पर हुआ और इस हालत में मरा की उसकी मगफिरत हो गयीबहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदी हदीस न 06🌲 सवाल 1) वसीयत करना क्या हैजवाब 1) मुस्तहब हैवसीयत करना मुस्तहब है । जब कि उस पर हूकूकुल्लाह की अदायगी बाकी ना हो , अगर उस पर हूकूकुल्लाह की अदा करना बाकी है यानी उस पर कुछ नमाज़ की अदायगी बाकी है या हज फ़र्ज़ था अदा ना किया, रोज़ा रखना था रोज़ा ना रखा ऐसी सूरतो में वसीयत करना वाज़िब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द :- 19 सफा 819 हिंदीमसला न 01🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🌲 सवाल 2) वसीयत की कितनी किस्म हैजवाब 3) वसीयत की 4 किस्म हैपहली वाज़िबा :- जैसे ज़कात की वसीयत और कफ्फराते वाज़िबा की वसीयत , सदका ए सियाम (रोज़ा) व सलात (नमाज़) की वसीयतदूसरी मुबाहा :- जैसे मसीयते अगनिया ( मालदारों) के लिएतीसरी मसीयते मकरुहा :- जैसे अहले फिस्क मअसिअत के लिए वसीयत जब यह गुमान गालिब हो की वह माले वसीयत गुनाह में सर्फ करेगाचौथी मुस्तहब:- इसके (तीनो) के अलावा के लिए वसीयत मुस्तहब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदीमसला 02*

जानकारियो को पढ़ कर दूसरे मुसलमान भाई बहनों के पास जरूर शेयर करे

पाकी नापाकी ,और असर के बाद सोने की जानकारी ???

📕 सवाल,” कपड़े पर कितना खून लग जाए तो कपड़ा नापाक होगा 🍒 जवाब,कपड़े पर अगर एक दिरहम के बराबर खून लग जाए तो कपड़ा नापाक हो जाएगा 👉 दिरहम की मिकदार हाथ की हथेली की गहराई है और अगर दिरहम से कम है तो कपड़ा नापाक नहीं होगा,,,👉ये हुक्म पेशाब,खून,मनी,और दूसरी नापाक चीज़ों काContinue reading “पाकी नापाकी ,और असर के बाद सोने की जानकारी ???”

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم📔 इंसान के बाल हड्डी आदि किसी भी चीज़ का बेचना नाजाइज़ है (मना है) और अपने किसी काम में लाना भी उचित नहीं है |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 शिकारी जानवर (वो जानवर जो शिकार करते हैं) सिखाए हुए हों (Trained) या बिना सिखाए हुए हों उनको ख़रीदना और बेचना जाइज़ है (जी हाँ बेच और खरीद सकते हैं ) मगर यह ज़रूरी है की वे सिखाए जाने के क़ाबिल हों |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 चोरी का या हड़पा हुआ माल (जैसे कपड़ा वग़ैरह) खरीदना नाजाइज़ है (मना है) |हवाला 📚जन्नती ज़ेवर

इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم सवाल, “वही” किसे कहते हैं 🍒 जवाब, “वही” उस कलाम को कहते हैं :- जो किसी नबी पर अल्लाह की तरफ से नाज़ील हूवा हो 📕 …………. 📕 सवाल,आयात और सूरत का लुग्वी (डिक्शनरी) मतलब क्या है 🍒 जवाब,आयत का लुगवी मतलब “निशानी” और सूरत का मतलब “अज़्मत और मर्तबा क़ुरआनContinue reading “इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ”

नमाज़ के मसले अहकाम

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،،الحمدللہ رب العالم सवाल,1, अगर किसी ने नमाज़ की हालत में पहली रकात में सुरए नास पढ़ी तो अब दूसरी रकात में कोन सी सूरत पढ़े 🌹 जवाब,👉🏻C,दूसरी रकात में भी सुरए नास ही पढ़े,, 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 सवाल2, हालते नमाज़ में तादीले अरकान यानी कौमा, जल्सा, रुकुअ, सज्दा,में कम से कमContinue reading “नमाज़ के मसले अहकाम”

सिदरतुल मूनताह कहा है औऱ दय्यूस किसे कहते है ??

🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 📗 सवाल,1, , सिदरतुल मुंतहा क्या चीज़ है 🌱 जवाब,, सिदरतुल मुंतहा एक दरख़्त (पेड़) है जिस की जड़ छटे आसमान में और उस की शाखें सातवें आसमान में फैली हुई है,और बुलंदी सातवें आसमान से भी ज़्यादा है 🎋👉 इस के फल मटके की तरह और पत्ते हाथी के कान की तरहContinue reading “सिदरतुल मूनताह कहा है औऱ दय्यूस किसे कहते है ??”

शाने गौसे आज़म

―――――――――――――――――――――🌴🌹नाम👉🏻अ़ब्दुल क़ादिर🌹🌴🌴🌹लक़ब👉🏻 मोह़िय्युद्दीन(दीन को ज़िंदा करने वाला)🌹🌴🌴🌹वालिद👉🏻अबु साॕलेह़ मूसा(जंगी दोस्त)🌹🌴🌴🌹वालिदा👉🏻उम्मुल ख़ैर फ़ातिमा🌹🌴🌴🌹विलादत👉🏻(1/9/470) हिज्री जीलान🌹🌴🌴🌹विसाल👉🏻(11/4/561) हिज्री,बग़दाद🌹🌴🌴🌹बीवियाँ👉🏻(4)🌹🌴🌴🌹औलाद👉🏻(49)🌹🌴🌴🌹महज़ब👉🏻ह़म्बली🌹🌴🌴🌹आप पैदाइशी वली हैं,आप हसनी हुसैनी सय्यद हैं,आपकी विलादत के वक़्त आप की वालिदा की उम्र 60 साल थी,आप बचपन में माहे रमज़ान मुबारक में दिन भर दूध नहीं पीते थे,आपकी तक़रीर में (60000,,,70000) का मजमा हो जाता था,आपके बदन परContinue reading “शाने गौसे आज़म”

नमाज़ के अहम मसायल a

🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم، सवाल,1, अगर किसी ने चार रकात वाली फ़र्ज़ नमाज़ की पहली दो रकात में कीरअत नहीं की तो अब वो क्या करे 🌹 जवाब आखिर की दोनों रकात में किरअत करे और सजदए सहव भी करे 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 सवाल2, अगर किसी ने नमाज़ के कादा ए आखीरा में दुरुदे इब्राहिमी नहींContinue reading “नमाज़ के अहम मसायल a”

तलाक दी गयी औरत के इद्दत के मसायल

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،، सवाल,1, तलाक दी गई औरत अगर हामिला,55 साल की,और नाबालिगा ना हो तो उस की इद्दत कितने दिन है 🌹 जवाब, B, जिसे तलाक दी गई वो औरत अगर हामीला (प्रेगनेंट) या 55 साल की और नाबालिग नहीं हो तो उस की इद्दत 3 हैज़ है यानी तलाक के बाद 3Continue reading “तलाक दी गयी औरत के इद्दत के मसायल”

मय्यत को सवाब पहुचने का बयान

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم तीजा और दसवा बिस्वा चालीसवाँ बरसी 👈 इन दिनों के अलावा भी मय्यत या मरहूम को सवाब पहुँचता है | 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 मय्यत को सवाब पहुँचाने के लिए पानी बेहतरीन सदक़ा है की कुआँ खुदवाकर या नल लगवाकर या सबील लगाकर या बोर करवाकर इसका सवाब मय्यत को बख़्शा जाए |Continue reading “मय्यत को सवाब पहुचने का बयान”

नगीनो (पथ्थर) की तासीर व पर्दे के अहकाम और सितारों का बयान

📘 सवाल,1, , क्या नगीनों की कोई तासीर होती है 🛢 जवाब,,, जी नहीं कोई भी तासीर नहीं होती 🚤 👉 आदमी के नामों से पत्थरों का हिसाब किताब निकालना ये सिर्फ पैसे कमाने का फन है ,,, इस के अलावा ये कहना के फुलां पत्थर पहनने से आदमी फलता फूलता है मालदार बन जाताContinue reading “नगीनो (पथ्थर) की तासीर व पर्दे के अहकाम और सितारों का बयान”

सास बहू के झगड़ों का हल

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📔 सास और बहु के बिच के झगड़े को ऐसे ख़त्म किया जा सकता 👇👇👇 सास का कर्तव्य 👇👇1) अपनी बहु को बेटी ही समझे और प्यार मोहब्बत से पेश आए2) जब कोई गलती बहु से हो जाए तो बहु को सुनाने और कोसने की बजाए उसको प्यार से समझाए3)Continue reading “सास बहू के झगड़ों का हल”

हराम के माल से सदका करना कैसा है ,वो कौन से परिंदा है जो जमीन के नीचे पानी की खबर देता है

🌹 हराम माल से किया गया सदका कुबूल नहीं होता,बल्कि ऐसा करने वाला गुनहगार होगा और अगर सवाब की नियत से खर्च किया तो कुफ्र है 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹👉हुदहुद एक मशहूर परिंदा है जिस के बदन पर अलग अलग रंग की धारियां होती हैं उस के सर पर ताज होता है ,, ये फितरतन बदबूदार औरContinue reading “हराम के माल से सदका करना कैसा है ,वो कौन से परिंदा है जो जमीन के नीचे पानी की खबर देता है”

Design a site like this with WordPress.com
Get started