आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की

इसे पढ़ने वाला ख़ुशनसीब ही होगा👇👇👇राहे ख़ुदा में ख़र्च करने के बारे क़ुरआन की आयते मुबारका👇👇👇 “तुम हरगिज़ भलाई को न पहुँचोगे जब तक राहे ख़ुदा में अपनी प्यारी चीज़ ना खर्च करो और तुम जो कुछ ख़र्च करो अल्लाह को मालूम है”(सुरः आले इमरान आयत नं.92) “हज़रत अबु तल्हा अंसारी मदीने में बड़े मालदारContinue reading “आओ मिलकर मदद करे मुसलमानों की”

सोने ,चांदी व तिजारत के माल की जकात का बयान 03

मसला : – सोने की निसाब बीस मिस्काल है यअनी साढ़े सात तोले ( 87 ग्राम 480 मिलीग्राम ) और चाँदी को दो सौ दिरहम यअनी साढ़े बावन तोले ( -612 ग्राम 360 मिलीग्राम ) यानी वह तोला जिससे यह राइज रुपया सवा ग्यारह माशे है । सोने चाँदी की ज़कात में वज़न का एअतिबारContinue reading “सोने ,चांदी व तिजारत के माल की जकात का बयान 03”

जकात के अहम मसायल #02

मसअला : – ज़कात का रुपया मुर्दे की तजहीज़ व तकफीन यअनी कफन – दफन या मस्जिद की तामीर में नहीं सर्फ ( खच ) कर सकते कि तमलीके फकीर नहीं पायी गई यशुनी यहाँ पर फकीर को मालिक बनाना न पाया गया और इन कामों में सर्फ करना चाहें तो उसका तरीका यह हैContinue reading “जकात के अहम मसायल #02”

क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?

अपने माल की पूरी जकात अदा जरूर करे । अवाम में कुछ लोग ऐसा ख्याल करते हैं हालांकि यह उनकी गलतफहमी है । माहे रमज़ान में इफ़्तार के वक़्त से सहरी तक रात में जिस तरह खाना पीना जाइज़ है , उसी तरह बीवी और शौहर का हमबिस्तर होना और सुहबत व मुजामअत बिला शकContinue reading “क्या रमजान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह है?”

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم📔 इंसान के बाल हड्डी आदि किसी भी चीज़ का बेचना नाजाइज़ है (मना है) और अपने किसी काम में लाना भी उचित नहीं है |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 शिकारी जानवर (वो जानवर जो शिकार करते हैं) सिखाए हुए हों (Trained) या बिना सिखाए हुए हों उनको ख़रीदना और बेचना जाइज़ है (जी हाँ बेच और खरीद सकते हैं ) मगर यह ज़रूरी है की वे सिखाए जाने के क़ाबिल हों |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 चोरी का या हड़पा हुआ माल (जैसे कपड़ा वग़ैरह) खरीदना नाजाइज़ है (मना है) |हवाला 📚जन्नती ज़ेवर

नमाज़ के मसायल व दीगर इस्लामी जानकारी

🍁 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻 🌺 सवाल,1, , अगर नमाज़ में सना नहीं पढ़ी तो नमाज़ होगी या नहीं, 🍁 जवाब,, नमाज़ में सना पढ़ना मस्तहब है, अगर सना ना पढ़ी तो नमाज़ में कोई फर्क नहीं आएगा 🍁🍁🍁 🌺 सवाल,2, इस्लाम में सब से पहले राहे खुदा में तीर किस ने चलाया 🍁Continue reading “नमाज़ के मसायल व दीगर इस्लामी जानकारी”

इस्लामी मालूमातो का खजाना

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📔 सवाल,1, किस तरह की मछली हराम है 💛 जवाब, मछली बिना मारे अपने आप मर कर पानी की सतह पर उलट गई वो हराम है,अगर मछली को मारा और वो उलट कर तैरने लगी तो हराम नहीं दुर्रे मुख्तार जिल्द 1 पेज 445 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 📔 सवाल ,2, किसी मुसलमानContinue reading “इस्लामी मालूमातो का खजाना”

शाने गौसे आज़म

―――――――――――――――――――――🌴🌹नाम👉🏻अ़ब्दुल क़ादिर🌹🌴🌴🌹लक़ब👉🏻 मोह़िय्युद्दीन(दीन को ज़िंदा करने वाला)🌹🌴🌴🌹वालिद👉🏻अबु साॕलेह़ मूसा(जंगी दोस्त)🌹🌴🌴🌹वालिदा👉🏻उम्मुल ख़ैर फ़ातिमा🌹🌴🌴🌹विलादत👉🏻(1/9/470) हिज्री जीलान🌹🌴🌴🌹विसाल👉🏻(11/4/561) हिज्री,बग़दाद🌹🌴🌴🌹बीवियाँ👉🏻(4)🌹🌴🌴🌹औलाद👉🏻(49)🌹🌴🌴🌹महज़ब👉🏻ह़म्बली🌹🌴🌴🌹आप पैदाइशी वली हैं,आप हसनी हुसैनी सय्यद हैं,आपकी विलादत के वक़्त आप की वालिदा की उम्र 60 साल थी,आप बचपन में माहे रमज़ान मुबारक में दिन भर दूध नहीं पीते थे,आपकी तक़रीर में (60000,,,70000) का मजमा हो जाता था,आपके बदन परContinue reading “शाने गौसे आज़म”

नमाज़ के अहम मसायल a

🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم، सवाल,1, अगर किसी ने चार रकात वाली फ़र्ज़ नमाज़ की पहली दो रकात में कीरअत नहीं की तो अब वो क्या करे 🌹 जवाब आखिर की दोनों रकात में किरअत करे और सजदए सहव भी करे 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 सवाल2, अगर किसी ने नमाज़ के कादा ए आखीरा में दुरुदे इब्राहिमी नहींContinue reading “नमाज़ के अहम मसायल a”

मय्यत को सवाब पहुचने का बयान

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم तीजा और दसवा बिस्वा चालीसवाँ बरसी 👈 इन दिनों के अलावा भी मय्यत या मरहूम को सवाब पहुँचता है | 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 मय्यत को सवाब पहुँचाने के लिए पानी बेहतरीन सदक़ा है की कुआँ खुदवाकर या नल लगवाकर या सबील लगाकर या बोर करवाकर इसका सवाब मय्यत को बख़्शा जाए |Continue reading “मय्यत को सवाब पहुचने का बयान”

कर्ज़ की अदायगी में जानबूझकर देरी करना कैसा है ??

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم क़र्ज़ की अदाएगी (क़र्ज़ चुकाना) में बिला वजह (बिना किसी कारण के) ताख़ीर (देरी) करना गुनाह हैध्यान दें :-अगर क़र्ज़दार क़र्ज़ अदा कर सकता है तो क़र्ज़ख़्वाह (जिससे क़र्ज़ लिया है) की मर्ज़ी के बग़ैर एक घड़ी भर भी अगर देर करेगा तो गुनहगार होगा, चाहे नमाज़ में हो, रोज़ेContinue reading “कर्ज़ की अदायगी में जानबूझकर देरी करना कैसा है ??”

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