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नमाज़ के मसायल
दीनी मालूमात के लिए हमे फ्लो जरूर करेयूट्यूब youtube link :-https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9gफेसबुक facebook link:-https://www.facebook.com/jamalinoorirazvi/ वेबसाइट website link :-https://dinitalim.data.blog/ टेलीग्राम telegram link :-https://t.me/jamlinooriसभी से गुजारिश मेरे न्यू चैनल vice of jamal e millat यूट्यूब को subscribe करे लाइक करे शेयर करे #jamalraza #hujurmuftieaazam#ttsbarelvi#voiceofjamalemillat#mujadid_ibne_mujaddid_mufti_e_aazam
मकरूहे तहरीमी व इसाअत
मकरूहे तहरीमी : – यह वाजिब का मुकाबिल है । इसके करने से इबादत नाकिस यानी अधूरी हो जाती है और करने वाला गुनाहगार होता है अगरचे इसका गुनाह हराम से कम है और चन्द बार इसका करना गुनाहे कबीरा है । : इसाअत जिसका करना बुरा और कभी कभी करने वाला इताबे इलाही काContinue reading “मकरूहे तहरीमी व इसाअत”
सुन्नते मुअक्कदा
सुन्नते मुअक्कदा : – वह जिस को हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हमेशा किया हो अलबत्ता बयाने जवाज़ ( जाइज़ होने के बयान ) के वास्ते कभी छोड़ भी दिया हो या वह कि उस के करने की ताकीद की हो मगर छोड़ने का रास्ता बिल्कुल बन्द न किया हो इसी सुन्नते मुअक्कदाContinue reading “सुन्नते मुअक्कदा”
वजू के मसायल
मुहर्रम 1 कूफियो के खत
शहर की बुनिया उस वक्त पड़ी जबकि 14 हिजरी से 16 हिं 0 तक कादसिया वगैरा में फुतूहात के बाद मुसलमानों की फौज ने इराक में सुकूनत इख्तियार की और मदाइन की आबो – हवा उन के मुवाफिक न हुई तो सहाबिए रसूल हज़रत सअद बिन वकास रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के हुक्म से यह जगहContinue reading “मुहर्रम 1 कूफियो के खत”
रोज़े की वह सूरते जिनमे कफ़्फ़ारा लाज़िम हो जाता है
उन सूरतों का बयान जिन में कफ्फारा भी लाज़िम है मसाला : – रमज़ान में रोज़ादार मुकल्लफ मुकीम ने कि अदाए रमज़ान के रोजे की नियत से रोज़ा रखा और किसी आदमी के साथ जो काबिले शहवत है उसके आगे – पीछे के मकाम में जिमा किया इन्जाल हुआ हो या नहीं या उस रोज़ादारContinue reading “रोज़े की वह सूरते जिनमे कफ़्फ़ारा लाज़िम हो जाता है”
रोज़ा तोड़ने वाली चीजों का बयान ??
मसअला : – खाने – पीने जिमा करने से रोज़ा जाता रहता जबकि रोज़ादार होना याद हो । ( आम्लए कुतुब ) मसला : – हुक्का सिगार , सिगरेट , चर्स पीने से रोज़ा जाता रहता है अगर्चे अपने ख्याल में हल्क तक धूआँ न पहुँचाता हो बल्कि पान या सिर्फ तम्बाकू खाने से भीContinue reading “रोज़ा तोड़ने वाली चीजों का बयान ??”
रोज़े के मुताल्लिक जानकारी और मसले
हदीस :- इने माजा हज़रते अनस रदियल्लाहु तआला अन्हु से रावी कहते हैं रमज़ान आया तो हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फरमाया यह महीना आया इसमें एक रात हज़ार महीनों से बेहतर है जो इससे महरूम रहा हर चीज़ से महरूम रहा और उसकी खैर से वही महरूम होगा जो पूरा महरूम है ।Continue reading “रोज़े के मुताल्लिक जानकारी और मसले”
ईमान व अक़ीदे से ज्यादा अमल को अहमियत देना ???
हमारे काफी अवाम भाई किसी की ज़ाहिरदारी कोई अच्छा काम देखकर उसकी तारीफ करने लगते हैं और (प्रभावित) हो’ जाते हैं जबकि इस्लामी नुक़्तए नज़र से कोई नेकी उस वक़्त तक कारआमद नही जब तक कि उसका ईमान व अक़ीदा दुरूस्त न हो।रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने जब ऐलाने नवुब्बत फ़रमाया था तो पहलेContinue reading “ईमान व अक़ीदे से ज्यादा अमल को अहमियत देना ???”
जिस औरत के ज़िना का हमल हो उससे निकाहजाइज़ है⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬ज़ानिया हामिला यानी वह औरत जो बिना निकाह किए ही गर्भवती हो गई हो उससे निकाह को कुछ लोग नाजायज़ समझते हैं हालांकि वह जाइज़ है । ज़िना इस्लाम में बहुत बड़ा गुनाह है और इसकी सज़ा बहुत सख्त है लेकिन अगर किसी औरत से ज़िनाकारी सरज़द हुई , उससे निकाह किया जाये तो निकाह सही हो जाएगा,ख्वाह वह ज़िना से हामला हो गई हो जबकि वह औरत शौहर वाली न हो और निकाह अगर उसी शख्स से हो जिसका हमल है तो निकाह के बाद वह दोनों साथ रह सकते हैं , सुहबत व हमबिस्तरी भी कर सकते हैं और किसी दूसरे से निकाह हो तो जब तक बच्चा पैदा न हो जाए दोनों लोगों को अलग रखा जाए और उनके लिए हमबिस्तरी जाएज़ नहीं ।⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵⤵इमामे अहले सुन्नत सय्यिदी आला हजरत फरमाते हैं⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇जो औरत मआज़ल्लाह ज़िना से हामिला हो उससे निकाह सही है ख्वाह उस ज़ानी से हो या गैर से फ़र्क़ इतना है अगर ज़ानी से निकाह हो तो वह बादे निकाह उससे कुर्बत भी कर सकता है और गैर ज़ानी से हो तो वज़ए हमल तक( बच्चा पैदा होने तक) कुर्बत न करे।( फतावा रज़विया जिल्द 5 ,सफ़हा 199, फतावा अफ्रीका ,सफ़हा 15)
जवान लड़के लड़कियों की शादी में देर करना⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬⏬आजकल जवान लड़के लड़कियों को घर में बिठाए रखना और उनकी शादी में ताखीर करना आम हो गया है इस्लामी नुक़्तए नज़र से यह गलत बात है ।हदीसे पाक में है रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम इरशाद फरमाते हैंजिस की लड़की 12 बरस की उम्र को पहुंचे और वह उसका निकाह ना करें फिर वह लड़की गुनाह में मुब्तला हो तो वह गुनाह उस शख्स पर है (मिश्कात शरीफ सफहा 271)ऐसी ही हदीस लड़कों के बारे में भी आई हैआजकल की फुज़ूल रस्मो और बेजा ख़र्चों ने भी शादियों को मुश्किल कर दिया है जिसकी वजह से भी बहुत सी जवान लड़कियां अपने घरों में बैठी हुई है और लड़के मालदारो की लड़कियों की तलाश में बूढ़े हुए जा रहे हैं इन खर्चों पर कंट्रोल करने के लिए जगह-जगह तहरीके चलाने और तन्ज़ीमे बनाने की जरूरत है चाहे वह अपनी अपनी बिरादरी की सतह पर ही काम किया जाए तो कोई हर्ज नहीं । भाइयों ! दौर काम करने का है सिर्फ बातें मिलाने या नारे लगाने और मुशायरे सुनने से कुछ हासिल ना होगा शादी ब्याह में कम से कम खर्च करने का माहौल बनाओ ताकि ज्यादा से ज्यादा मर्द और औरतें शादीशुदा रहे ।कुछ लोग आला तालीम हासिल कराने के लिए लड़कियों की उम्र ज्यादा कर देते हैं उन्हें वह गैर शादीशुदा रहने पर मजबूर कर देते हैं वह भी निरी हिमाकत और बेवकूफी है ।आजकल मुसलमानों में कुछ बदमज़हब और बातिल फिरके जवान लड़कियों की आला तालीम के लिए मदारिस और स्कूल खोलने में बहुत कोशिश कर रहे हैं । उनका मकसद अपने बातिल और मखसूस गैर-इस्लामी अक़ाइद मुसलमानों में फैलाने के अलावा और कुछ नहीं है और इधर लोगों में आजकल औलाद से मोहब्बत इस कदर बढ़ गई है कि हर शख्स कोशिश में है मेरी लड़की मेरा लड़का पता नहीं क्या-क्या बन जाए आला तालीम के नशे सवार है और बनता तो कोई कुछ नहीं लेकिन अक्सर बुरे दिन देखने को मिलते हैं लड़के ज्यादा पढ़ कर बाप बन रहे हैं लड़कियां माँ बन रही है।हो सकता है कि हमारी इन बातों से कुछ लोगों को इख्तिलाफ हो मगर हमारा मशवरा यही है लड़कियों को आला तालीम से बाज़ रखा जाये , खासकर जब कि यह तालीम शादी की राह में रुकावट हो और पढ़ने पढ़ाने के चक्कर में अधेड़ कर दिया जाता हो और खासकर गरीब तबके के लोगों में क्योंकि उनके लिए पढ़ी लिखी लड़कियां बोझ बन जाती है क्योंकि उनके लिए शौहर भी ए क्लास और आला घर के होना चाहिए और वह मिल नहीं पाते कोई मिलता भी है तो वह जहेज़ मे मारुती कार मोटरसाइकिल का तालिब है बल्कि बारात से पहले एक दो लाख रूपये का सवाल करता है ।हिंदुस्तान गवर्नमेंट जो बच्चों को ऊँची तालीम दिलाने पर ज़ोर दे रही है , उसके लिए मेरा मशवरा है कि वह तालीम याफ्ता बच्चों की नौकरी व मुलाज़िमत की ज़िम्मेदारी ले या उनके वज़ीफ़े मुतय्यन करे। खाली पढ़ा कर छोड़ देना ,न घर का रखा न बाहर का,न खेत का न दफ्तर का। यह गरीबों के साथ ज़ुल्म है और समाज की बर्बादी है।(गलत फहमियां और उनकी इस्लाह ,पेज 83)
हदीस क्या हैं ?? हदीस किसे कहते है? हदीस की कितनी किसमे है ?? सबक 7 से 10
Sabaq 7 Sahih Leghairihi . ٭صحیح لغیرہ٭ Puri Tareef Sahih Lezatihi Ki Hogi, Sirf Isme Rawioyn Ke Zabt Me Kami Hogi Yani Jis Riwayat Me Puri Shartein Sahih Lezatihi Ki Ho, Bas Rawi Ke Zabt Me Agar Kami Hai Magar Yeh Kami Dusri Sahih Sanad Ke Support Milne Se Puri Ho Jaaye To Wo SahihContinue reading “हदीस क्या हैं ?? हदीस किसे कहते है? हदीस की कितनी किसमे है ?? सबक 7 से 10”
हदीस क्या है? किसे कहते ? और कितने तरह की होती है ।
*Ilm E Hadees* *Sabaq 1* *Hadees Ki Tareef* *Hadees :* *Lugvi Maani : “ Nayi Cheez” , Aur “Baat Karna”* *Istelahi Maani : Huzur ﷺ K Qaul ,Fayl ,Taqreer Ya Sifat Wa Haal Ko Hadees Kehte Hai, Aur Kabhi Isko “Khabar” Bhi Kehte Hai.* *Lekin Baaz Muhaddiseen Ne Hadees Aur Khabar Me Aam Aur KhaasContinue reading “हदीस क्या है? किसे कहते ? और कितने तरह की होती है ।”
अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??
अल्लाह को हाज़िर नाज़िर नही कहना चाहिए क्योंकि अल्लाह जगह और मकान से पाक है हकीमुल उम्मत मुफ़्ती अहमदयार खान नईमी फरमाते है हर जगह हाज़िर नाज़िर होना खुद की सिफ़त हरगिज़ नही खुदा जगह और मकान से पाक है हवाला :- जाअल हक आप से पुरखुलुस गुजारिश पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुसलमानContinue reading “अल्लाह को हाज़िर नाज़िर कहना कैसा ??”
औरत का किस किस से पर्दा है ??
औरत का हर अजनबी बालिग़ मर्द से पर्दा है,, जो महरम न हो, वो अजनबी होता है, महराम से मुराद वो मर्द है जिन से हमेशा के लिए निकाह हराम हो, (हुरमत नसब से हो या सबब से मसलन रज़ाअत (दूध का रिश्ता)या मूसा -हरत! महारिम में तीन किस्म के अफराद दाखिल है :-(1)नसब कीContinue reading “औरत का किस किस से पर्दा है ??”
वसीयत के मुताल्लिक सवाल जवाब ●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•●💚❇️ फ़िक़्ही मसाइल ❇️💚हदीस शरीफ महफूमइब्ने माज़ा हज़रत जाबिर रदियल्लाहो ताअला अन्हु रिवायत करते है कि रसूलुल्लाह सल्लाहु ताअला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जिसकी मौत वसीयत पर हो यानी (वसीयत के बाद इंतेक़ाल करे) वह अज़ीम सुन्नत पर मरा और उसकी मौत तक़वा और शाहदत पर हुआ और इस हालत में मरा की उसकी मगफिरत हो गयीबहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदी हदीस न 06🌲 सवाल 1) वसीयत करना क्या हैजवाब 1) मुस्तहब हैवसीयत करना मुस्तहब है । जब कि उस पर हूकूकुल्लाह की अदायगी बाकी ना हो , अगर उस पर हूकूकुल्लाह की अदा करना बाकी है यानी उस पर कुछ नमाज़ की अदायगी बाकी है या हज फ़र्ज़ था अदा ना किया, रोज़ा रखना था रोज़ा ना रखा ऐसी सूरतो में वसीयत करना वाज़िब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द :- 19 सफा 819 हिंदीमसला न 01🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🌲 सवाल 2) वसीयत की कितनी किस्म हैजवाब 3) वसीयत की 4 किस्म हैपहली वाज़िबा :- जैसे ज़कात की वसीयत और कफ्फराते वाज़िबा की वसीयत , सदका ए सियाम (रोज़ा) व सलात (नमाज़) की वसीयतदूसरी मुबाहा :- जैसे मसीयते अगनिया ( मालदारों) के लिएतीसरी मसीयते मकरुहा :- जैसे अहले फिस्क मअसिअत के लिए वसीयत जब यह गुमान गालिब हो की वह माले वसीयत गुनाह में सर्फ करेगाचौथी मुस्तहब:- इसके (तीनो) के अलावा के लिए वसीयत मुस्तहब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदीमसला 02*
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पाकी नापाकी ,और असर के बाद सोने की जानकारी ???
📕 सवाल,” कपड़े पर कितना खून लग जाए तो कपड़ा नापाक होगा 🍒 जवाब,कपड़े पर अगर एक दिरहम के बराबर खून लग जाए तो कपड़ा नापाक हो जाएगा 👉 दिरहम की मिकदार हाथ की हथेली की गहराई है और अगर दिरहम से कम है तो कपड़ा नापाक नहीं होगा,,,👉ये हुक्म पेशाब,खून,मनी,और दूसरी नापाक चीज़ों काContinue reading “पाकी नापाकी ,और असर के बाद सोने की जानकारी ???”
🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم📔 इंसान के बाल हड्डी आदि किसी भी चीज़ का बेचना नाजाइज़ है (मना है) और अपने किसी काम में लाना भी उचित नहीं है |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 शिकारी जानवर (वो जानवर जो शिकार करते हैं) सिखाए हुए हों (Trained) या बिना सिखाए हुए हों उनको ख़रीदना और बेचना जाइज़ है (जी हाँ बेच और खरीद सकते हैं ) मगर यह ज़रूरी है की वे सिखाए जाने के क़ाबिल हों |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 चोरी का या हड़पा हुआ माल (जैसे कपड़ा वग़ैरह) खरीदना नाजाइज़ है (मना है) |हवाला 📚जन्नती ज़ेवर
इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ
بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم सवाल, “वही” किसे कहते हैं 🍒 जवाब, “वही” उस कलाम को कहते हैं :- जो किसी नबी पर अल्लाह की तरफ से नाज़ील हूवा हो 📕 …………. 📕 सवाल,आयात और सूरत का लुग्वी (डिक्शनरी) मतलब क्या है 🍒 जवाब,आयत का लुगवी मतलब “निशानी” और सूरत का मतलब “अज़्मत और मर्तबा क़ुरआनContinue reading “इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ”