بسم اللہ الرحمن الرحیمالصلوۃ والسلام علیک یا رسول اللہ ﷺ ✍🏻ज़कात की फ़रज़ियत में साल के शुरू और आखिर का ऐतबार होता है ,लेहाज़ा अगर निसाब शुरू में मुक्कमल है और साल मुक़्क़मल होने पर निसाब पूरा है ,तो दौराने साल निसाब में होने वाली कमी का कोई नुकसान नहीं ,मौजूदा माल की ज़कात दीContinue reading “जकात के मसायल 2”