नमाज़ में नियत के मसायल

मसअला ;:- फ़र्ज़ में यह भी ज़रूर है कि उस ख़ास नमाज़ मसलन ज़ोहर या अस्र की नियत करे या मसलन आज के ज़ोहर या फर्ज़ वक़्त की नियत वक़्त में करे मगर जुमे में फ़र्ज़ वक़्त की नियत काफी नहीं खुसूसियते जुमा की नियत ज़रूरी है । ( तनवीरूल अबसार )

मसला : – अगर वक़्ते नमाज़ ख़त्म हो चुका और उसने फ़र्ज़ वक़्त की नियत की तो फ़र्ज़ न हुए ख़्वाह वक़्त का जाता रहना उसके इल्म में हो या नहीं । ( खुल मुहतार )

हवाला – बहारे शरीयत

दीनी मालूमात के लिए हमे फ्लो जरूर करे
यूट्यूब youtube link :-


https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9g


फेसबुक facebook link:-


https://www.facebook.com/jamalinoorirazvi/

वेबसाइट website link :-


https://dinitalim.data.blog/

टेलीग्राम telegram link :-


https://t.me/jamlinoori

Published by husainfoundation374

सुन्नी हनफ़ी अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started