वसीयत के मुताल्लिक सवाल जवाब ●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•●💚❇️ फ़िक़्ही मसाइल ❇️💚हदीस शरीफ महफूमइब्ने माज़ा हज़रत जाबिर रदियल्लाहो ताअला अन्हु रिवायत करते है कि रसूलुल्लाह सल्लाहु ताअला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जिसकी मौत वसीयत पर हो यानी (वसीयत के बाद इंतेक़ाल करे) वह अज़ीम सुन्नत पर मरा और उसकी मौत तक़वा और शाहदत पर हुआ और इस हालत में मरा की उसकी मगफिरत हो गयीबहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदी हदीस न 06🌲 सवाल 1) वसीयत करना क्या हैजवाब 1) मुस्तहब हैवसीयत करना मुस्तहब है । जब कि उस पर हूकूकुल्लाह की अदायगी बाकी ना हो , अगर उस पर हूकूकुल्लाह की अदा करना बाकी है यानी उस पर कुछ नमाज़ की अदायगी बाकी है या हज फ़र्ज़ था अदा ना किया, रोज़ा रखना था रोज़ा ना रखा ऐसी सूरतो में वसीयत करना वाज़िब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द :- 19 सफा 819 हिंदीमसला न 01🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🌲 सवाल 2) वसीयत की कितनी किस्म हैजवाब 3) वसीयत की 4 किस्म हैपहली वाज़िबा :- जैसे ज़कात की वसीयत और कफ्फराते वाज़िबा की वसीयत , सदका ए सियाम (रोज़ा) व सलात (नमाज़) की वसीयतदूसरी मुबाहा :- जैसे मसीयते अगनिया ( मालदारों) के लिएतीसरी मसीयते मकरुहा :- जैसे अहले फिस्क मअसिअत के लिए वसीयत जब यह गुमान गालिब हो की वह माले वसीयत गुनाह में सर्फ करेगाचौथी मुस्तहब:- इसके (तीनो) के अलावा के लिए वसीयत मुस्तहब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदीमसला 02*

इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है
  • वज़ु का बयान
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  • नमाज़ के मसायल
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  • नमाज़ में नियत के मसायल
    मसअला ;:- फ़र्ज़ में यह भी ज़रूर है कि उस ख़ास नमाज़ मसलन ज़ोहर या अस्र की नियत करे या मसलन आज के ज़ोहर या फर्ज़ वक़्त की नियत वक़्त में करे मगर जुमे में फ़र्ज़ वक़्त की नियत काफी नहीं खुसूसियते जुमा की नियत ज़रूरी है । ( तनवीरूल अबसार ) मसला : – अगर वक़्ते नमाज़ ख़त्म हो चुका और उसने फ़र्ज़ वक़्त की नियत की तोContinue reading “नमाज़ में नियत के मसायल”
  • अल्लाह के लिए अक़ीदा
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    मकरूहे तन्ज़ीही : – जिसका करना शरीअत को पसंद नहीं मगर इस हद तक नहीं कि उस पर अज़ाब की वईद आये यह सुन्नते ग़ैर मुअक्किदा के मुकाबिल है । ख़िलाफ़ औला – वह कि जिसका न करना बेहतर था अगर किया तो कुछ हरज और अजाब नहीं । यह मुस्तहब का मुकाबिल है । https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9g दीनी मालूमात के लिए हमे फ्लो जरूर करेयूट्यूब youtube link :-https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9gफेसबुक facebook link:-https://www.facebook.com/jamalinoorirazvi/Continue reading “ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही”
  • मकरूहे तहरीमी व इसाअत
    मकरूहे तहरीमी : – यह वाजिब का मुकाबिल है । इसके करने से इबादत नाकिस यानी अधूरी हो जाती है और करने वाला गुनाहगार होता है अगरचे इसका गुनाह हराम से कम है और चन्द बार इसका करना गुनाहे कबीरा है । : इसाअत जिसका करना बुरा और कभी कभी करने वाला इताबे इलाही का मुस्तहक और बराबर करने वाला अज़ाब का मुस्तहक़ है और यह सुन्नते मुअक्किदा केContinue reading “मकरूहे तहरीमी व इसाअत”
  • मुस्तहब व मुबाह
    मुस्तहब : – वह कि शरीअत की नज़र में उसका करना पसन्द हो मगर उसके छोड़ने पर कुछ नापसन्दी न हो चाहे हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने उसे किया या करने के लिये फ़रमाया या आंलिमों ने पसंद किया हो अगरचे उसका ज़िक हदीस में न आया हो फिर भी उसका करना और न करने पर कुछ नहीं । मुबाह वह है जिसका करना और न करनाContinue reading “मुस्तहब व मुबाह”
  • सुन्नते गैर मुअक्कदा
    सुन्नते गैर मुअक्कदा : – वह है कि शरीअत की नज़र में ऐसी चीज़ हो कि उसके छोड़ने को नापसन्द रखे मगर इस हद तक नहीं कि शरीअत उस पर अज़ाब की वईद फ़रमाये । इस बात से आम है कि हुजूर ने उसको हमेशा किया है या नहीं । उस का करना सवाब और न करना अगरचे आदत के तौर पर हो अज़ाब का सबब नहीं । https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9gContinue reading “सुन्नते गैर मुअक्कदा”
  • सुन्नते मुअक्कदा
    सुन्नते मुअक्कदा : – वह जिस को हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हमेशा किया हो अलबत्ता बयाने जवाज़ ( जाइज़ होने के बयान ) के वास्ते कभी छोड़ भी दिया हो या वह कि उस के करने की ताकीद की हो मगर छोड़ने का रास्ता बिल्कुल बन्द न किया हो इसी सुन्नते मुअक्कदा का छोड़ना गुनाह और करना सवाब है और कभी छोड़ने पर इताब और उसContinue reading “सुन्नते मुअक्कदा”
  • वजू के मसायल
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    मसला : – जिस के सर के अगले हिस्से के बाल गिर गये या जमे नहीं उस पर वहीं तक मुँह धोना फ़र्ज़ है जहाँ तक आदत के मुवाफिक बाल होते हैं और अगर आदत के ख़िलाफ़ किसी के नीचे तक बाल जमे हों तो उन ज़्यादा बालों का जड़ तक धोना फ़र्ज़ है । हवाला बहारे शरीयत हिस्सा 2 https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9g दीनी मालूमात के लिए हमे फ्लो जरूर करेयूट्यूबContinue reading “वजू के मसायल”

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Published by husainfoundation374

सुन्नी हनफ़ी अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत

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