औरत का हर अजनबी बालिग़ मर्द से पर्दा है,, जो महरम न हो, वो अजनबी होता है, महराम से मुराद वो मर्द है जिन से हमेशा के लिए निकाह हराम हो, (हुरमत नसब से हो या सबब से मसलन रज़ाअत (दूध का रिश्ता)या मूसा -हरत!
महारिम में तीन किस्म के अफराद दाखिल है :-
(1)नसब की बिना पर जिनसे हमेशा के लिए निकाह हराम हो
नसबी महारिम👇🏻
1)अपनी औलाद और अपनी औलाद की औलाद
2)अपने मा बाप और अपने मा बाप के मा बाप
3)👉🏻अपने मा बाप की औलाद (ख़्वाह सगे हो या सौतेले)
(2) 👉🏻रज़ाअत या’नी दूध के रिश्ते की बिना पर जिन से निकाह हराम हो
(3) 👉🏻 मूसा -हरत या’नी सुसराली रिश्ते की वजह से जिनसे निकाह हराम हो जैसे सुसर के लिए बहु,
औरत जिस मर्द से निकाह करती है तो उस मर्द के उसूल व फुरूअ (उसूल से मुराद बाप दादा परदादा ऊपर तक)
और
फुरूअ से मुराद औलाद दर औलाद नीचे तक है
हवाला📚
पर्दे के बारे में सुवाल जवाब
🌹🤲🏻 या अल्लाह ﷻ सरकार ए मदीना हुज़ूर ﷺ के वसीले से हम तमाम के इल्म व अमल में खूब खूब बरकते अता फरमा हमारी मग्फिरत फरमा हमें गुनाहो से बच कर नेक काम करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमा।..🤲🏻آمِــــــــــيْن اَللّٰهُمَ آمِيْن يَارَبَّ الْعَالَمِــــــــــيْنَ
⚘🤲🏻 अपनी नेक दुआओं मे याद रखे