
शाने नबी में गुस्ताखी करने वाला वाजिबुल कत्ल है
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🌴🌹नाम👉🏻अ़ब्दुल क़ादिर🌹🌴
🌴🌹लक़ब👉🏻 मोह़िय्युद्दीन(दीन को ज़िंदा करने वाला)🌹🌴
🌴🌹वालिद👉🏻अबु साॕलेह़ मूसा(जंगी दोस्त)🌹🌴
🌴🌹वालिदा👉🏻उम्मुल ख़ैर फ़ातिमा🌹🌴
🌴🌹विलादत👉🏻(1/9/470) हिज्री जीलान🌹🌴
🌴🌹विसाल👉🏻(11/4/561) हिज्री,बग़दाद🌹🌴
🌴🌹बीवियाँ👉🏻(4)🌹🌴
🌴🌹औलाद👉🏻(49)🌹🌴
🌴🌹महज़ब👉🏻ह़म्बली🌹🌴
🌴🌹आप पैदाइशी वली हैं,आप हसनी हुसैनी सय्यद हैं,आपकी विलादत के वक़्त आप की वालिदा की उम्र 60 साल थी,आप बचपन में माहे रमज़ान मुबारक में दिन भर दूध नहीं पीते थे,आपकी तक़रीर में (60000,,,70000) का मजमा हो जाता था,आपके बदन पर कभी मक्खी नहीं बैठी,आपने 1 ही वक़्त में 70 लोगों के यहाँ अफ़्तार किया,तमाम उम्मत का इज्माअ़ है कि आप ग़ौसे आज़म हैं,आप फ़रमाते हैं कि मेरी नज़र हमेशा लौहे महफूज़ पर लगी रहती है,आप फ़रमाते हैं कि मुरीद को हर हाल में अपने पीर की तरफ़ ही रुजू करना चाहिये अगर चे वो करामत से खाली भी हुआ तो क्या हुआ मैं तो ख़ाली नहीं हूँ उसके तवस्सुल से मैं उसे अता करूँगा,आपसे बेशुमार करामते ज़ाहिर है🌹🌴
📚 तारीख़ुल औलिया,सफ़ह (24-54)📚
📚अ-ल-मलफूज़,हिस्सा(3)सफ़ह(56)📚
फताव-ए-रज़विय्यह,जिल्द(9)सफ़ह(129)📚
🌴🌹बचपन की कुछ करामतें🌹🌴
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🌴🌹👉🏻(1) जब आप माँ के पेट में ही थे तो एक साइल ने आकर सदा लगाई उस बदबख्त ने जब देखा कि औरत अकेली है तो अंदर घुसा चला आया,उसी वक़्त ग़ैब से एक शेर नमूदार हुआ और उस ख़बीस को चीर-फाड़ कर गायब हो गया🌹🌴
📚महफिले औलिया,सफ़ह(211)📚
🌴🌹👉🏻(2) जिस साल आप पैदा हुए तो पूरे जीलान में (1100)बच्चे पैदा हुए और सब लड़के ही थे और सब के सब अल्लाह के वली हुए🌹🌴
📚हमारे ग़ौसे आ़ज़म,सफ़ह(59)📚
🌴🌹👉🏻 (3)जब आपकी दूध पीने की उम्र थी तो अक्सर आप दाई की गोद से गायब हो जाते और फिर कुछ देर बाद आ भी जाया करते,जब आप कुछ बड़े हुए तो एक दिन आपकी दाई ने पूछा कि बेटा अब्दुल क़ादिर ये बताओ जब तुम छोटे थे तो अक्सर मेरी गोद से गायब हो जाते थे आख़िर तुम जाते कहाँ थे,तो हुज़ूर ग़ौसे पाक रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु फ़रमाते हैं कि दाई माँ मैं आपसे खेलने की ग़र्ज़ से सूरज के पीछे छिप जाता था जब आप मुझे ढूंढती और ना पातीं तो फिर मैं खुद ही आ जाया करता,तो वो फरमातीं हैं कि क्या अब भी आपका वही हाल है तब हुज़ूर ग़ौसे पाक रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते हैं कि नहीं नहीं वो तो मेरे बचपन और कमज़ोरी का आलम था अब तो हाल ये है कि उस जैसे हज़ारों सूरज अगर मुझमे समा जायें तो कोई ढूंढ़ने वाला उन्हें ढूंढ़ नहीं सकता कि कहाँ खो गये🌹🌴
📚हमारे ग़ौसे आ़ज़म,सफ़ह(211)📚
🌴🌹👉🏻(4) जब आप 4 साल के हुए तो आपकी वालिदा माजिदा ने बिस्मिल्लाह ख़्वानी के लिये आपको मकतब में भेजा जहाँ आपके उस्ताद ने फ़रमाया कि बेटा पढ़ो👉🏻(बिस्मिल्लाहिर्रह़मानिर्रह़ीम)👈🏻तो आपने बिस्मिल्लाह से जो पढ़ना शुरू किया तो पूरे 18 पारे पढ़कर सुना दिये,उस्ताद ने हैरत से पूछा कि बेटा ये आपने कब और कहाँ से सीखा तो हुज़ूर ग़ौसे पाक रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते हैं कि मेरी माँ(18) पारों की ह़ाफ़िज़ा हैं जिसे वो अक्सर विर्द किया करती हैं तो मैंने उनके पेट में रहते हुए सब सुनकर याद कर लिये🌹🌴
📚शाने ग़ौसे आ़ज़म,सफ़ह(15)📚
🌴🌹और ये बात हक़ीक़त है कि बच्चा जब माँ के पेट में 4 महीने का होता है तो उसके अंदर रूह फूंक दी जाती है और बिला शुबह वो अपने माँ-बाप की हरकतों से ही तरबियत पाता है,अगर आज बच्चे बेहया और नालायक़ पैदा हो रहे हैं तो कहीं ना कहीं उसकी वजह उस बच्चे के माँ-बाप ही हैं,लिहाज़ा मुसलमान अगर चाहता है कि उसकी औलाद उसकी फरमा बरदारी करे तो सबसे पहले उसे अपने आपको बदलना होगा जब उसके घर का माहौल इस्लामी होगा तो यक़ीनन उसकी औलाद भी नेक और सालेह ही पैदा होगी🌹🌴
*note इस पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुस्लिम भाइयो और बहनों तक जरूर शेयर करे , शेयर करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों के इल्मे दिन में इज़ाफ़ा होगा अल्लाह आप को इसकी बेहतर जज़ा देगा इंशाअल्लाह