वसीयत के मुताल्लिक सवाल जवाब ●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•●💚❇️ फ़िक़्ही मसाइल ❇️💚हदीस शरीफ महफूमइब्ने माज़ा हज़रत जाबिर रदियल्लाहो ताअला अन्हु रिवायत करते है कि रसूलुल्लाह सल्लाहु ताअला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जिसकी मौत वसीयत पर हो यानी (वसीयत के बाद इंतेक़ाल करे) वह अज़ीम सुन्नत पर मरा और उसकी मौत तक़वा और शाहदत पर हुआ और इस हालत में मरा की उसकी मगफिरत हो गयीबहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदी हदीस न 06🌲 सवाल 1) वसीयत करना क्या हैजवाब 1) मुस्तहब हैवसीयत करना मुस्तहब है । जब कि उस पर हूकूकुल्लाह की अदायगी बाकी ना हो , अगर उस पर हूकूकुल्लाह की अदा करना बाकी है यानी उस पर कुछ नमाज़ की अदायगी बाकी है या हज फ़र्ज़ था अदा ना किया, रोज़ा रखना था रोज़ा ना रखा ऐसी सूरतो में वसीयत करना वाज़िब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द :- 19 सफा 819 हिंदीमसला न 01🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🌲 सवाल 2) वसीयत की कितनी किस्म हैजवाब 3) वसीयत की 4 किस्म हैपहली वाज़िबा :- जैसे ज़कात की वसीयत और कफ्फराते वाज़िबा की वसीयत , सदका ए सियाम (रोज़ा) व सलात (नमाज़) की वसीयतदूसरी मुबाहा :- जैसे मसीयते अगनिया ( मालदारों) के लिएतीसरी मसीयते मकरुहा :- जैसे अहले फिस्क मअसिअत के लिए वसीयत जब यह गुमान गालिब हो की वह माले वसीयत गुनाह में सर्फ करेगाचौथी मुस्तहब:- इसके (तीनो) के अलावा के लिए वसीयत मुस्तहब हैहवाला :- बहारे शरीयतजिल्द 19 सफा 819 हिंदीमसला 02*

इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है
  • वज़ु का बयान
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  • नमाज़ में नियत के मसायल
    मसअला ;:- फ़र्ज़ में यह भी ज़रूर है कि उस ख़ास नमाज़ मसलन ज़ोहर या अस्र की नियत करे या मसलन आज के ज़ोहर या फर्ज़ वक़्त की नियत वक़्त में करे मगर जुमे में फ़र्ज़ वक़्त की नियत काफी नहीं खुसूसियते जुमा की नियत ज़रूरी है । ( तनवीरूल अबसार ) मसला : – अगर वक़्ते नमाज़ ख़त्म हो चुका और उसने फ़र्ज़ वक़्त की नियत की तोContinue reading “नमाज़ में नियत के मसायल”
  • अल्लाह के लिए अक़ीदा
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  • ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही
    मकरूहे तन्ज़ीही : – जिसका करना शरीअत को पसंद नहीं मगर इस हद तक नहीं कि उस पर अज़ाब की वईद आये यह सुन्नते ग़ैर मुअक्किदा के मुकाबिल है । ख़िलाफ़ औला – वह कि जिसका न करना बेहतर था अगर किया तो कुछ हरज और अजाब नहीं । यह मुस्तहब का मुकाबिल है । https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9g दीनी मालूमात के लिए हमे फ्लो जरूर करेयूट्यूब youtube link :-https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9gफेसबुक facebook link:-https://www.facebook.com/jamalinoorirazvi/Continue reading “ख़िलाफ़ औला व मकरूहे तन्ज़ीही”
  • मकरूहे तहरीमी व इसाअत
    मकरूहे तहरीमी : – यह वाजिब का मुकाबिल है । इसके करने से इबादत नाकिस यानी अधूरी हो जाती है और करने वाला गुनाहगार होता है अगरचे इसका गुनाह हराम से कम है और चन्द बार इसका करना गुनाहे कबीरा है । : इसाअत जिसका करना बुरा और कभी कभी करने वाला इताबे इलाही का मुस्तहक और बराबर करने वाला अज़ाब का मुस्तहक़ है और यह सुन्नते मुअक्किदा केContinue reading “मकरूहे तहरीमी व इसाअत”
  • मुस्तहब व मुबाह
    मुस्तहब : – वह कि शरीअत की नज़र में उसका करना पसन्द हो मगर उसके छोड़ने पर कुछ नापसन्दी न हो चाहे हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने उसे किया या करने के लिये फ़रमाया या आंलिमों ने पसंद किया हो अगरचे उसका ज़िक हदीस में न आया हो फिर भी उसका करना और न करने पर कुछ नहीं । मुबाह वह है जिसका करना और न करनाContinue reading “मुस्तहब व मुबाह”
  • सुन्नते गैर मुअक्कदा
    सुन्नते गैर मुअक्कदा : – वह है कि शरीअत की नज़र में ऐसी चीज़ हो कि उसके छोड़ने को नापसन्द रखे मगर इस हद तक नहीं कि शरीअत उस पर अज़ाब की वईद फ़रमाये । इस बात से आम है कि हुजूर ने उसको हमेशा किया है या नहीं । उस का करना सवाब और न करना अगरचे आदत के तौर पर हो अज़ाब का सबब नहीं । https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9gContinue reading “सुन्नते गैर मुअक्कदा”
  • सुन्नते मुअक्कदा
    सुन्नते मुअक्कदा : – वह जिस को हुजूर अकदस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हमेशा किया हो अलबत्ता बयाने जवाज़ ( जाइज़ होने के बयान ) के वास्ते कभी छोड़ भी दिया हो या वह कि उस के करने की ताकीद की हो मगर छोड़ने का रास्ता बिल्कुल बन्द न किया हो इसी सुन्नते मुअक्कदा का छोड़ना गुनाह और करना सवाब है और कभी छोड़ने पर इताब और उसContinue reading “सुन्नते मुअक्कदा”
  • वजू के मसायल
  • वजू के मसायल
    मसला : – जिस के सर के अगले हिस्से के बाल गिर गये या जमे नहीं उस पर वहीं तक मुँह धोना फ़र्ज़ है जहाँ तक आदत के मुवाफिक बाल होते हैं और अगर आदत के ख़िलाफ़ किसी के नीचे तक बाल जमे हों तो उन ज़्यादा बालों का जड़ तक धोना फ़र्ज़ है । हवाला बहारे शरीयत हिस्सा 2 https://youtube.com/channel/UCQ4sfBlQPxYpH7nMmxSQO9g दीनी मालूमात के लिए हमे फ्लो जरूर करेयूट्यूबContinue reading “वजू के मसायल”

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पाकी नापाकी ,और असर के बाद सोने की जानकारी ???

📕 सवाल,” कपड़े पर कितना खून लग जाए तो कपड़ा नापाक होगा

🍒 जवाब,कपड़े पर अगर एक दिरहम के बराबर खून लग जाए तो कपड़ा नापाक हो जाएगा

👉 दिरहम की मिकदार हाथ की हथेली की गहराई है और अगर दिरहम से कम है तो कपड़ा नापाक नहीं होगा,,,
👉ये हुक्म पेशाब,खून,मनी,और दूसरी नापाक चीज़ों का है

………….

📕 सवाल, क्या “असर” के बाद सोना मना है

🍒 जवाब, जी हां सख़्त तंबीह (ताकीद) फरमाइ गई है, जैसा कि मुस्नद अबी यअला हदीस नंबर 4897 में है फ़रमाया “जो शख्स असर के बाद सोए और उस की अक्ल चली जाए तो वो अपने आप को ही मलामत करे.

*note पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुस्लिम भाइयो और बहनों तक जरूर शेयर करे , शेयर करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों के इल्मे दिन में इज़ाफ़ा होगा अल्लाह आप को इसकी बेहतर जज़ा देगा इंशाअल्लाह

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم📔 इंसान के बाल हड्डी आदि किसी भी चीज़ का बेचना नाजाइज़ है (मना है) और अपने किसी काम में लाना भी उचित नहीं है |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 शिकारी जानवर (वो जानवर जो शिकार करते हैं) सिखाए हुए हों (Trained) या बिना सिखाए हुए हों उनको ख़रीदना और बेचना जाइज़ है (जी हाँ बेच और खरीद सकते हैं ) मगर यह ज़रूरी है की वे सिखाए जाने के क़ाबिल हों |🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 चोरी का या हड़पा हुआ माल (जैसे कपड़ा वग़ैरह) खरीदना नाजाइज़ है (मना है) |हवाला 📚जन्नती ज़ेवर

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم💛 आक़ा फ़रमाते हैं की बादशाहे ज़ालिम के सामने हक़ बात बोलना अफ़ज़ल जिहाद हैऔर फरमाते हैं मेरी उम्मत में सबसे अफज़ल शहीद वो शख़्स है जो ज़ालिम हाकिम के पास गया, उसे नेकी का हुक्म दिया और बुराई से रोका और इसी वजह से उसे क़त्ल कर दिया गया |👆👆👆👆🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻📔 जवाब 2) गुनाह से बचने के लिए सबसे पहली ज़रूरी चीज़ इल्म (ज्ञान) होती है👇👇👇👇गुनाह से बचने के लिए नाजाइज़ और हराम कामों (गुनाह वाले काम) की जानकारी होना ज़रूरी है, तभी हम गुनाह से बच सकते हैंहवाला 📚फ़ैज़ाने सुन्नत

मय्यत के घर मे खाना पकाना व शराब की दुकान में नौकरी करना कैसा है ??

📝 सवाल,1, , क्या मैय्यित के घर में खाना पकाना मना है

🌷 जवाब,, मैय्यित वाले घर में खाना पकाना मना नहीं हैं

📝 मय्यित के घर में खाना बनाने को मना समझना जहालत है हुज़ूर आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा फरमाते हैं :- मैय्यित की परेशानी की वजह से वो लोग खाना नहीं पकाते,, लेकिन हमारी शरियत में खाना पकाना मना नहीं है

फतावा रज़विया जिल्द 9 पेज 90 ब हवाला क्या आप जानते हैं पेज 23

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📝 सवाल,2, शराब की दुकान में नौकरी करना जाइज़ है या नहीं

🌷 जवाब,, नाजाइज़ है

📝 हदीस शरीफ़ में है :- हुज़ूर صلی اللہ علیہ وسلم ने शराब के बारे में दस आदमियों पर लअनत फरमाई है , बनाने वाला, पीने वाला,उठाने वाला,और जिस के पास उठा कर लाई गई,बेचने वाला,और उस के दाम खाने वाला,पिलाने वाला,खरीदने वाला, और जिस के लिए खरीदी गई,

फतावा बहरुल उलूम जिल्द 4 पेज 34 किताबुल बूयुअ

जमीनों आसमान के मुताल्लिक सवाल जवाब

💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦

💧 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم
=========================
💧 الحمد للہ رب العالمین
=========================
💧 اللہم صل علی سیدنا محمد
========================= ❄❄ *آج کے جوابات* ❄❄

💎💎💎💎💎💎💎💎💎💎💎

📘 सवाल,1, , क्या चांद और सूरज ज़मीन से बड़े हैं??

🔮 जवाब,, ज़मीन चांद से चार गुना बड़ी है,,और सूरज ज़मीन से करीब 13 लाख गुना बड़ा है
इस्लाम और चांद के सफर पेज 51/55 ब हवाला मखजने मालूमात पेज 99

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📘 सवाल,2, ज़मीन और आसमान में पहले किस की तख़लीक़ (पैदाइश) हुई,

🔮 जवाब,, ज़मीन की
इतवार के दिन ज़मीन और आसमान बनाए गए , पीर के दिन सातों तबक़ ज़मीन बनी,मंगल के दिन पहाड़ों की तख़लीक़ हुई और दरिया और चश्मे जारी किए गए, बुध के दिन तमाम दरख़्त और वहशी जानवर बनाए गए,फिर जुमेरात के दिन सातों आसमान की तख़लीक़ हुई और जुमा के दिन चांद और सूरज सितारे बनाए गए और जुमा ही के दिन हर आसमान पर फ़रिश्ते भी मुकर्रर किए गए, इसी दिन असर और मगरीब के दरमियान हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की तख़लीक़ हुई
तफसीरे अज़ीज़ी सुरए बकरह पेज 136 ब हवाला मखजने मालूमात पेज 91/92

दहेज देना लेना कैसा है ???

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم

💛 الحمدللہ رب العالمین،اللہم صل علی سیدنا محمد

🌟🌟 जवाब 🌟🌟

📔 जवाब 1) दहेज़ देना *जाइज़ और सुन्नत है *
प्यारे आक़ा ने अपनी प्यारी बेटी हज़रत बीबी फ़ातिमा को दहेज़ देकर विदा किया था

नोट :-
1) दहेज़ देना फ़र्ज़ या वाजिब (ज़रूरी) नहीं है
2) लड़की और दामाद के लिए ये कभी जाइज़ नहीं है की वो ज़बरदस्ती माँ बाप को मजबूर करके अपनी पसंद का सामान दहेज़ में वसूल करें
हवाला 📚
जन्नती ज़ेवर

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

बीबी का शौहर के समान को बिना इज़ाज़त इस्तेमाल करना कैसे ???

आज के जवाब हैं

📔 जवाब 1) b)बीवी अपने शौहर (Husband) या रिश्तेदार की इजाज़त के बिना उसका सामान इस्तेमाल नहीं कर सकती है*
ठीक वैसे ही मर्द अपनी बीवियों, दोस्तों और साथियों की चीज़ें उनकी इजाज़त के बिना इस्तेमाल नहीं कर सकते याद रखो की ऐसा करना जाइज़ नहीं है (गुनाह है)

अगर घर वाले या दोस्त या मियाँ बीवी एक दूसरे को उनकी चीज़े इस्तेमाल करने की पर्मिशन (इजाज़त) दे दें तो सब इस्तेमाल कर सकते हैं
नोट:-
1) अगर कोई चीज़ इजाज़त के बिना ले ली है और वो आपके पास सलामत है तो उसको वैसे ही लौटा दें
2) अगर उस चीज़ को ख़र्च या ख़त्म कर दिया, और वैसी ही चीज़ मार्केट में उपलब्ध है तो उसको खरीद कर देना वाजिब (ज़रूरी) है और उपलब्ध नहीं है तो उसकी क़ीमत की रकम लौटा देना वाजिब है या उससे माफ़ करा लें अगर उसने माफ़ कर दिया तो छुटकारा मिल सकता है

हवाला 📚
जन्नती ज़ेवर

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

जलजले (भूकंप) किस वजह से आते है , गांधी को महात्मा कहना कैसा ??

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

💛 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم
💛 الحمد للہ رب العالمین
💛 اللہم صل علی سیدنا محمد 📝📝 *آج کے جوابات* 📝📝

👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇

सवाल,1, , वो कौन सा पहाड़ है जिसे हुक्म दिया जाता है और उस की जुंबिश की वजह से ज़मीन पर ज़लज़ला आता है

🌻 जवाब,, आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा फरमाते हैं :- के असली वजह ज़लज़ले आने का गुनाह ही है,पैदा यूं होता है के एक पहाड़ जिस का नाम “काफ” है और वो पहाड़ तमाम ज़मीन को घेरे हुवे है और उस के रेशे ज़मीन के अंदर सब जगह फैले हुवे हैं जैसे बड़े दरख़्त की जड़ें दूर तक अंदर फैलती हैं जिस जमीन में ज़लज़ले का हुक्म होता है वो पहाड़ अपने उस जगह के रेशे को जुंबिश देता है(हिलाता है) फिर ज़मीन हिलती है

हवाला
फतावा रज़विया जिल्द 12 पेज 189

🌻🌻🌻🌻🌻🌻

📔 सवाल ,2, किसी को “महात्मा” कह सकते हैं या नहीं

🌻 जवाब ,B, नहीं कह सकते महात्मा का मतलब रूहे आज़म है और रूहे आज़म अफ्ज़लुल मलाइका हज़रत जिब्राईल علیہِ السلام का खास लकब है ,लिहाज़ा किसी काफिर और मुशरिक के लिए ऐसे लफ्ज़ का इस्तेमाल हराम है

📝👉आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा से किसी ने सवाल करते हुवे “महात्मा गांधी” का लफ्ज़ लिखा आप ने तंबीह फरमाते हुवे इरशाद फ़रमाया :- साइल (सवाल करने वाले) ने “महात्मा” लिखा ये हराम है, महात्मा ब माने रूहे आज़म है (यानी महात्मा से रूहे आज़म मुराद लिया जाता है) और ये खास हज़रत जिब्राईल का लकब है
हवाला
फतावा रज़विया जिल्द 15 पेज 101

क़ुरआन पर गिलाफ व कारोबार की जगह में रखने का बयान

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم

💛 الحمدللہ رب العالمین،اللہم صل علی سیدنا محمد

🌟🌟 जवाब 🌟🌟

📔 जवाब 1) {B} क़ुरआन पाक पर सोने चाँदी का पानी चढ़ाना *और ग़िलाफ़ (कवर) चढ़ाना जाइज़ है (चढ़ा सकते हैं), इससे आम लोगों की नज़रों में क़ुरआन पाक की महानता पैदा होती है *

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

📔 जवाब 2) {B} किसी ने ख़ैर व बरकत के लिए अपने मकान में क़ुरआन पाक रखा है, और वो उसकी तिलावत नहीं करता (पढ़ता नहीं) तो वो गुनाहगार नहीं होगा

हवाला 📚
जन्नती ज़ेवर

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

खाना खाने के अहकाम

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم

💛 الحمدللہ رب العالمین،اللہم صل علی سیدنا محمد

🌟🌟 जवाब 🌟🌟

📔 जवाब 1) {A}. रोटी उलटे हाथ से पकड़ कर सीधे हाथ से तोड़ें |

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

📔 * 2) {A}* अगर किसी की उंगलियों में झूटा लगा हो (अनाज लगा हो) और उसने उसको अच्छे से साफ़ नहीं किया, तो शैतान उसकी उंगली चूसता है

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

📔 जवाब 3) रोटी सीधे हाथ की बिच की, शहादत की उंगलि और अंगूठे से खाना चाहिए, और ऐसे खाना नबियों की सुन्नत है |

नोट :
बिना किसी कारण के चार या पाँच उंगली से ना खाएं |

हवाला 📚
फैज़ाने सुन्नत

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

इस्लामी बेहतरीन जानकारियाँ

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم

सवाल, “वही” किसे कहते हैं

🍒 जवाब, “वही” उस कलाम को कहते हैं :- जो किसी नबी पर अल्लाह की तरफ से नाज़ील हूवा हो

📕

………….

📕 सवाल,आयात और सूरत का लुग्वी (डिक्शनरी) मतलब क्या है

🍒 जवाब,आयत का लुगवी मतलब “निशानी” और सूरत का मतलब “अज़्मत और मर्तबा

क़ुरआन क्विज़ पेज 3

🍒🍒🍒

📕 सवाल, क़ुरआन मजीद की वो कौन सी सूरत है जिस में दो मर्तबा “बिस्मिल्लाह” है

🍒 जवाब(C) 👉 सुरए नम्ल

*note पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुस्लिम भाइयो और बहनों तक जरूर शेयर करे , शेयर करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों के इल्मे दिन में इज़ाफ़ा होगा अल्लाह आप को इसकी बेहतर जज़ा देगा इंशाअल्लाह

बोल चाल में कुफ़्रिया कलमात ???

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم

📔 किसी मालदार (पैसे वाले) को देखकर ये कहना की “आखिर अल्लाह का यह कैसा न्याय है की उसे मालदार (पैसे वाला) बनाया और मुझे ग़रीब “ये कहना कुफ्र है”
नोट:-
जिससे कुफ़्र हुआ है उसे चाहिए की फ़ौरन तौबा करे और पहला कालिमा पढ़े और निकाह करे

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

📔 } आपने किसी से कहा गुनाह मत कर वर्ना ख़ुदा जहन्नुम में डाल देगा, उसने कहा मैं जहन्नुम के अज़ाब से नहीं डरता👈 ऐसा कहना कुफ्र है

हवाला 📚
जन्नती ज़ेवर

नमाज़ के मसले अहकाम

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،،الحمدللہ رب العالم

सवाल,1, अगर किसी ने नमाज़ की हालत में पहली रकात में सुरए नास पढ़ी तो अब दूसरी रकात में कोन सी सूरत पढ़े

🌹 जवाब,👉🏻C,दूसरी रकात में भी सुरए नास ही पढ़े,,

🌹🌹🌹🌹🌹🌹

सवाल2, हालते नमाज़ में तादीले अरकान यानी कौमा, जल्सा, रुकुअ, सज्दा,में कम से कम एक बार सुबहानल्लाह पढ़ने की मिकदार ठहरना क्या है

🌹👉 जवाब,B,कौमा, जल्सा, रुकुअ,सजदा, में कम से कम एक बार सुबहानल्लाह पढ़ने की मिकदार ठहरना वाजिब है

नमाज़ के मसायल व दीगर इस्लामी जानकारी

🍁 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم

🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻🔺🔻

🌺 सवाल,1, , अगर नमाज़ में सना नहीं पढ़ी तो नमाज़ होगी या नहीं,

🍁 जवाब,, नमाज़ में सना पढ़ना मस्तहब है, अगर सना ना पढ़ी तो नमाज़ में कोई फर्क नहीं आएगा

🍁🍁🍁

🌺 सवाल,2, इस्लाम में सब से पहले राहे खुदा में तीर किस ने चलाया

🍁 जवाब, हज़रत सअद बिन वक्कास

🍁🍁🍁

🌺 सवाल, 3 वो कौन से नबी हैं जो सर कटने के बाद भी हक बयान करते रहे

🍁 जवाब ,हज़रत यहया अलैहिस्सलाम

मखजने मालूमात.

*note पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुस्लिम भाइयो और बहनों तक जरूर शेयर करे , शेयर करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों के इल्मे दिन में इज़ाफ़ा होगा अल्लाह आप को इसकी बेहतर जज़ा देगा इंशाअल्लाह

खून ,जनाजे की नमाज़ , व वजु बाद मेकअप का बयान

المے دن سکھنا ہار موسلمان پر فرض ہے

🌺 सवाल,1, , वो कौन सा खून है जो खुद उस के लिए पाक है और दूसरों के लिए नापाक

🍁 जवाब👉 शहीद का खून खुद उसे के लिए पाक है , और दूसरों के लिए नापाक

(मख्ज़ने मालूमात 149)

🍁🍁🍁

🌺 सवाल,2, क्या औरतें वूज़ू करने के बाद मेकअप करके नमाज़ पढ़ सकती हैं

🍁 जवाब, 👉 जी हां खवातीन वूज़ू करने के बाद मेकअप करके नमाज़ पढ़ सकती हैं और वूज़ू पर भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा

(200 सवालात के जवाब पेज 23

🍁🍁🍁

🌺 सवाल, 3 नमाज़े जनाज़ा के पूरी होते वक़्त जब इमाम सलाम फेरता है तो कुछ लोग पहले सलाम पर पहला और दूसरे सलाम पर दूसरा हाथ छोड़ देते हैं,,कुछ लोग पहले सलाम के वक़्त ही दोनों हाथ छोड़ देते है,,, इन में सही तरीका कौन सा है

🍁 जवाब,👉 सही ये है कि जैसे ही इमाम नमाज़े जनाज़ा को चौथी तकबीर खत्म करे तो दोनों हाथ छोड़ दें फिर उस के बाद सलाम फेरे

🍁👉 इस लिए के क़ियाम (यानी खड़े होने की हालत में) जहां ज़िक्र और तिलावत करनी होती है वहां हाथों को बांधेंगे और जहां ऐसा नहीं होगा वहां हाथ नहीं बांधेंगे ,और चौथी तकबीर के बाद कुछ पढ़ना नहीं होता है लिहाज़ा हाथ खोल देंगे
(200 सवालात के जवाब पेज 68

सिदरतुल मूनताह कहा है औऱ दय्यूस किसे कहते है ??

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📗 सवाल,1, , सिदरतुल मुंतहा क्या चीज़ है

🌱 जवाब,, सिदरतुल मुंतहा एक दरख़्त (पेड़) है जिस की जड़ छटे आसमान में और उस की शाखें सातवें आसमान में फैली हुई है,और बुलंदी सातवें आसमान से भी ज़्यादा है

🎋👉 इस के फल मटके की तरह और पत्ते हाथी के कान की तरह हैं , इस में रंग बिरंग के फल हैं इस पर उस पर निहायत ज़ेब ज़ीनत है , उस का एक पत्ता अगर ज़मीन पर रख दिया जाए तो पूरे ज़मीन वालों को रौशन कर दे और उस के हर पत्ते पर एक फरिश्ता है

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📗 सवाल,2, , दय्यूस किसे कहते हैं

🌴👉 जवाब, जो लोग बा वजूद कुदरत (यानी रोकने की ताकत होने के बाद भी) अपनी औरतों और महारिम (बहन बेटी, वगैरा) को बे पर्दगी से मना नहीं करते वो “दय्यूस” है

🌴 👉 हुज़ूर صلی اللہ علیہ وسلم ने फ़रमाया :- तीन (किस्म के) लोग कभी जन्नत में दाखिल नहीं होंगे (1) दय्यूस (2) मर्दानी वज़अ बनाने वाली औरत (3) शराब पीने का आदी

🌴👉लिहाज़ा वो लोग जो अपनी बहन बेटी और औरतों को बे पर्दा घर से निकलने और गैर महरम मर्दों के सामने आने से नहीं रोकते ऐसे लोग जन्नत से महरूम रहने वाले और जहन्नम के हकदार हैं

हवाला
मखजने मालूमात पेज 102,
पर्दे के बारे में सवाल जवाब पेज 65

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इस्लामी मालूमातो का खजाना

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم

📔 सवाल,1, किस तरह की मछली हराम है

💛 जवाब, मछली बिना मारे अपने आप मर कर पानी की सतह पर उलट गई वो हराम है,अगर मछली को मारा और वो उलट कर तैरने लगी तो हराम नहीं दुर्रे मुख्तार जिल्द 1 पेज 445

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

📔 सवाल ,2, किसी मुसलमान पर जादू टोने का इल्ज़ाम लगाना कैसा है

💛 जवाब,, B, किसी मुसलमान पर बोहतान (झुता इल्ज़ाम) रखना हराम और जहन्नम में ले जाने वाला काम है
पर्दे के बारे में सवाल जवाब पेज 391

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

📔 सवाल ,3, कुफ्र को हल्का जानना क्या है

💛 जवाब , कुफ्र को हल्का जानना भी कुफ्र है फतावा रज़विया जिल्द 14 पेज 324

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शाने गौसे आज़म

मन शब्बा नबियन फकतुलु
शाने नबी में गुस्ताखी करने वाला वाजिबुल कत्ल है

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🌴🌹नाम👉🏻अ़ब्दुल क़ादिर🌹🌴
🌴🌹लक़ब👉🏻 मोह़िय्युद्दीन(दीन को ज़िंदा करने वाला)🌹🌴
🌴🌹वालिद👉🏻अबु साॕलेह़ मूसा(जंगी दोस्त)🌹🌴
🌴🌹वालिदा👉🏻उम्मुल ख़ैर फ़ातिमा🌹🌴
🌴🌹विलादत👉🏻(1/9/470) हिज्री जीलान🌹🌴
🌴🌹विसाल👉🏻(11/4/561) हिज्री,बग़दाद🌹🌴
🌴🌹बीवियाँ👉🏻(4)🌹🌴
🌴🌹औलाद👉🏻(49)🌹🌴
🌴🌹महज़ब👉🏻ह़म्बली🌹🌴
🌴🌹आप पैदाइशी वली हैं,आप हसनी हुसैनी सय्यद हैं,आपकी विलादत के वक़्त आप की वालिदा की उम्र 60 साल थी,आप बचपन में माहे रमज़ान मुबारक में दिन भर दूध नहीं पीते थे,आपकी तक़रीर में (60000,,,70000) का मजमा हो जाता था,आपके बदन पर कभी मक्खी नहीं बैठी,आपने 1 ही वक़्त में 70 लोगों के यहाँ अफ़्तार किया,तमाम उम्मत का इज्माअ़ है कि आप ग़ौसे आज़म हैं,आप फ़रमाते हैं कि मेरी नज़र हमेशा लौहे महफूज़ पर लगी रहती है,आप फ़रमाते हैं कि मुरीद को हर हाल में अपने पीर की तरफ़ ही रुजू करना चाहिये अगर चे वो करामत से खाली भी हुआ तो क्या हुआ मैं तो ख़ाली नहीं हूँ उसके तवस्सुल से मैं उसे अता करूँगा,आपसे बेशुमार करामते ज़ाहिर है🌹🌴
📚 तारीख़ुल औलिया,सफ़ह (24-54)📚
📚अ-ल-मलफूज़,हिस्सा(3)सफ़ह(56)📚
फताव-ए-रज़विय्यह,जिल्द(9)सफ़ह(129)📚
🌴🌹बचपन की कुछ करामतें🌹🌴
👇🏻
🌴🌹👉🏻(1) जब आप माँ के पेट में ही थे तो एक साइल ने आकर सदा लगाई उस बदबख्त ने जब देखा कि औरत अकेली है तो अंदर घुसा चला आया,उसी वक़्त ग़ैब से एक शेर नमूदार हुआ और उस ख़बीस को चीर-फाड़ कर गायब हो गया🌹🌴

📚महफिले औलिया,सफ़ह(211)📚

🌴🌹👉🏻(2) जिस साल आप पैदा हुए तो पूरे जीलान में (1100)बच्चे पैदा हुए और सब लड़के ही थे और सब के सब अल्लाह के वली हुए🌹🌴

📚हमारे ग़ौसे आ़ज़म,सफ़ह(59)📚

🌴🌹👉🏻 (3)जब आपकी दूध पीने की उम्र थी तो अक्सर आप दाई की गोद से गायब हो जाते और फिर कुछ देर बाद आ भी जाया करते,जब आप कुछ बड़े हुए तो एक दिन आपकी दाई ने पूछा कि बेटा अब्दुल क़ादिर ये बताओ जब तुम छोटे थे तो अक्सर मेरी गोद से गायब हो जाते थे आख़िर तुम जाते कहाँ थे,तो हुज़ूर ग़ौसे पाक रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु फ़रमाते हैं कि दाई माँ मैं आपसे खेलने की ग़र्ज़ से सूरज के पीछे छिप जाता था जब आप मुझे ढूंढती और ना पातीं तो फिर मैं खुद ही आ जाया करता,तो वो फरमातीं हैं कि क्या अब भी आपका वही हाल है तब हुज़ूर ग़ौसे पाक रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते हैं कि नहीं नहीं वो तो मेरे बचपन और कमज़ोरी का आलम था अब तो हाल ये है कि उस जैसे हज़ारों सूरज अगर मुझमे समा जायें तो कोई ढूंढ़ने वाला उन्हें ढूंढ़ नहीं सकता कि कहाँ खो गये🌹🌴

📚हमारे ग़ौसे आ़ज़म,सफ़ह(211)📚

🌴🌹👉🏻(4) जब आप 4 साल के हुए तो आपकी वालिदा माजिदा ने बिस्मिल्लाह ख़्वानी के लिये आपको मकतब में भेजा जहाँ आपके उस्ताद ने फ़रमाया कि बेटा पढ़ो👉🏻(बिस्मिल्लाहिर्रह़मानिर्रह़ीम)👈🏻तो आपने बिस्मिल्लाह से जो पढ़ना शुरू किया तो पूरे 18 पारे पढ़कर सुना दिये,उस्ताद ने हैरत से पूछा कि बेटा ये आपने कब और कहाँ से सीखा तो हुज़ूर ग़ौसे पाक रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते हैं कि मेरी माँ(18) पारों की ह़ाफ़िज़ा हैं जिसे वो अक्सर विर्द किया करती हैं तो मैंने उनके पेट में रहते हुए सब सुनकर याद कर लिये🌹🌴

📚शाने ग़ौसे आ़ज़म,सफ़ह(15)📚

🌴🌹और ये बात हक़ीक़त है कि बच्चा जब माँ के पेट में 4 महीने का होता है तो उसके अंदर रूह फूंक दी जाती है और बिला शुबह वो अपने माँ-बाप की हरकतों से ही तरबियत पाता है,अगर आज बच्चे बेहया और नालायक़ पैदा हो रहे हैं तो कहीं ना कहीं उसकी वजह उस बच्चे के माँ-बाप ही हैं,लिहाज़ा मुसलमान अगर चाहता है कि उसकी औलाद उसकी फरमा बरदारी करे तो सबसे पहले उसे अपने आपको बदलना होगा जब उसके घर का माहौल इस्लामी होगा तो यक़ीनन उसकी औलाद भी नेक और सालेह ही पैदा होगी🌹🌴


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जन्नत में दुनयावी बीबी और हूर में कौन आला ??

इल्मे दिन सीखना हर मुसलमान आकिल बालिग पे फ़र्ज़ है

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🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم،،

सवाल,1, क्या हर मोमिन को जन्नत में उस की दुनियावी बीवी मिलेगी

🌹 जवाब, हां, और दुनियावी बीवी हूर से भी ज़्यादा खूबसूरत होगी

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📔 सवाल, जन्नत में हूर अफ़ज़ल होगी या दुनियवी बीवी

🌹 जवाब , जन्नत में दुनियावी औरत अफ़ज़ल होगी

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सवाल2, बनी इसराइल के सब से पहले और आखिरी नबी कौन हैं

🌹 जवाब, बनी इसराइल के सब से पहले नबी हज़रत युसुफ अलैहिस्सलाम और सब से आखरी नबी हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम है

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