इस्लाही मालूमात (इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है)

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📕 👉 किसी भी झुटी बात पर अल्लाह को गवाह बनाना या झुटी बात पर जान बूझकर ये कहना के “अल्लाह जानता है” ये कलिमए कुफ्र है 👉 फुकाहा केराम फरमाते हैं ;- जो शख्स कहे अल्लाह जानता है के ये काम मैंने किया है ,हालांकि वो काम उस ने नहींContinue reading “इस्लाही मालूमात (इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है)”

गैर मुस्लिमों के त्यौहार में शरीक होना कैसा है ???

सिर्फ दिखावे के लिए भी मंदिर में पूजा पाठ मिन्नत व समाजत करना कुफ्र है ✍ शारहे बुखारी मुफ्ती शरीफुल हक अमजदी फतावा शारहेे बुखारी कीताबुल अकाइद जिल्द 2 पेज 615 में ऐसे ही एक सवाल के जवाब में फरमाते हैं :- ज़ैद अपने इस काम की वजह से काफिर और मुरतद हो गया इस्लामContinue reading “गैर मुस्लिमों के त्यौहार में शरीक होना कैसा है ???”

अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत 72 फिरको को गलत क्यो मानता है ???

अहले सुन्नत व जमात सुन्नी हनफ़ी मसलके आला हजरत आखिर क्यों 72 फिरको को गलत जानता व मानता है कभी गौर किया है आप ने , नही ना तो आज गौर करे आखिर क्यों अहले सुन्नत व जमात सुन्नी हनफ़ी मसलके आला हजरत और दीगर फिरको में जो दूरी है उसका कारण सिर्फ ये नहीContinue reading “अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत 72 फिरको को गलत क्यो मानता है ???”

नमाज़े जुमा का अहम बयान व शर्त

📗 सवाल / Question (1) नमाज़े जुमा की कितनी शर्त है(यानी नमाज़े जुमा कायम करने की शर्त) सवाल (2) नमाज़े जुमा की फ़र्ज़ होने कितनी शर्त है(यानी नमाज़े जुमा पढ़ने की शर्त) हदीस मुबारक तिर्मिज़ी रावी है कि यज़ीद इब्ने अबी मरियम कहते है कि मैं जुमे को जाता था उबाया इब्ने रिफाआ इब्ने राफेआContinue reading “नमाज़े जुमा का अहम बयान व शर्त”

मज़ार के खादिम हाथ मे जो धागे बांधते है उसका बांधना कैसा ??

*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ اللهﷺ🌹* ✍🏻जवाब 👉🏻हाथों में डोरे (लाल पीले धागे) जो मज़ारों के ख़ादिम और मुजाविर हमको पहनाया करते हैं इनको नही पहनना चाहिएऐसा काम गैर मुस्लिमों के बाबा संत साधु लोग करते थे वो तीर्थ यात्रियों के हाथ में डोरे बांधा करते हैहमें काफिर, दीग़र ग़ैर मुस्लिमोंContinue reading “मज़ार के खादिम हाथ मे जो धागे बांधते है उसका बांधना कैसा ??”

मय्यत का खाना, खाना कैसा ??

*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ اللهﷺ🌹*🌹〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 इन सब को ध्यान से गौरो फिक्र से पढ़े । इंशाअल्लाह हम सब की इस्लाह होगी । मय्यत के दसवा, बिस्वा,चालीसवाँ वग़ैरह के मौके पर दावत करके खाना खिलाने का जो रिवाज हैं यह भी महज़ गलत और ख़िलाफ़े शरअ हैं, हाँ ग़रीबों और फकीरोंContinue reading “मय्यत का खाना, खाना कैसा ??”

बच्चो का मस्ज़िद में आना, अहम मसला

*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ اللهﷺ🌹*〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 👉🏻 ज़्यादा छोटे ना समझ कमसिन बच्चो को मस्जिद में लाना या उनका आना शरअन नापसंदीदा नाजाइज़ व मकरूह है!! इनके आने से नुकसान ..👇🏻👇🏻 👉🏻ये बच्चे नमाज़ को भी खेल समझते हैं और मस्जिद को अपना घर या आम जगह समझते हैं और मस्जिदContinue reading “बच्चो का मस्ज़िद में आना, अहम मसला”

इल्म हासिल ना करने की पकड़

इल्मे दिन सीखना उस पर अमल करना कितना जरूरी है जो इस्लामी बातों की जानकारी ना होने की वजह से अमल नहीं करते उनकी पकड़ क़यामत में होगी इल्म हासिल ना करने वाले की दूगनी पकड़ होगी, पहला इल्म हासिल ना करने की वजह से और दूसरी पकड़ अमल ना करने या गलत अमल करनेContinue reading “इल्म हासिल ना करने की पकड़”

नमाज़ के मसायल

💎💫💎💫﷽🕋💫💎💫💎●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•●💞💫 फिकही मसाइल 💫💞●•●┄─┅━━━━★✰★━━━━━┅─┄●•● 🌹 الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ الله ﷺ​ 💎 सवाल,,, दोनों रकअतों में एक ही सूरत की तकरार (जब की कोई मजबूरी ना हो) क्या है 💫 जवाब,, दोनों रकअतों में एक ही सूरत की तकरार मकरूहे तनज़ीही है जब की कोई मजबूरी ना हो,, और अगर मजबूरी हो तो बिल्कुल कराहतContinue reading “नमाज़ के मसायल”

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