एक शख्स का ये कहना कि तेरे पीर से मेरा पीर अच्छा ,कहना कैसा है

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم

एक शख्स का दूसरे शख़्स से ये कहना की

हमारे पीर तुम्हारे पीर से ज़्यादा अच्छे हैं
या
हमारा सिलसिला तुम्हारे सिलसिले से बेहतर है
या
हमारे पीर के मुरीद (Followers) ज़्यादा हैं और तुम्हारे पीर के कम

या
हमारे पीर का ख़ानदान तुम्हारे पीर के ख़ानदान से बढ़ चढ़ कर है

👈 ये सब कहना ग़लत और बहुत बुरा है क्योंकि इससे दिल में अँधेरा पैदा होता है और फ़ित्ना फ़साद, झगड़े, मन मुटाव, दिल आज़ारी होने का डर है

हर मुरीद के लिए ये ज़रूरी है की दूसरे बुजुर्गों या दूसरे सिलसिले की शान में गुस्ताख़ी और बेअदबी ना करे और जो शख़्स शान में गुस्ताख़ी और बेअदबी करता हो और आप उसको समझा सकते हैं तो समझा दें और ना माने तो उससे दूर हो जाएं

हवाला 📚
जन्नती ज़ेवर

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note इस पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुस्लिम भाइयो और बहनों तक जरूर शेयर करे , शेयर करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों के इल्मे दिन में इज़ाफ़ा होगा अल्लाह आप को इसकी बेहतर जज़ा देगा इंशाअल्लाह

Published by husainfoundation374

सुन्नी हनफ़ी अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत

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