🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم तीजा और दसवा बिस्वा चालीसवाँ बरसी 👈 इन दिनों के अलावा भी मय्यत या मरहूम को सवाब पहुँचता है | 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 मय्यत को सवाब पहुँचाने के लिए पानी बेहतरीन सदक़ा है की कुआँ खुदवाकर या नल लगवाकर या सबील लगाकर या बोर करवाकर इसका सवाब मय्यत को बख़्शा जाए |Continue reading “मय्यत को सवाब पहुचने का बयान”
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कर्ज़ की अदायगी में जानबूझकर देरी करना कैसा है ??
🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم क़र्ज़ की अदाएगी (क़र्ज़ चुकाना) में बिला वजह (बिना किसी कारण के) ताख़ीर (देरी) करना गुनाह हैध्यान दें :-अगर क़र्ज़दार क़र्ज़ अदा कर सकता है तो क़र्ज़ख़्वाह (जिससे क़र्ज़ लिया है) की मर्ज़ी के बग़ैर एक घड़ी भर भी अगर देर करेगा तो गुनहगार होगा, चाहे नमाज़ में हो, रोज़ेContinue reading “कर्ज़ की अदायगी में जानबूझकर देरी करना कैसा है ??”
नगीनो (पथ्थर) की तासीर व पर्दे के अहकाम और सितारों का बयान
📘 सवाल,1, , क्या नगीनों की कोई तासीर होती है 🛢 जवाब,,, जी नहीं कोई भी तासीर नहीं होती 🚤 👉 आदमी के नामों से पत्थरों का हिसाब किताब निकालना ये सिर्फ पैसे कमाने का फन है ,,, इस के अलावा ये कहना के फुलां पत्थर पहनने से आदमी फलता फूलता है मालदार बन जाताContinue reading “नगीनो (पथ्थर) की तासीर व पर्दे के अहकाम और सितारों का बयान”
सास बहू के झगड़ों का हल
🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📔 सास और बहु के बिच के झगड़े को ऐसे ख़त्म किया जा सकता 👇👇👇 सास का कर्तव्य 👇👇1) अपनी बहु को बेटी ही समझे और प्यार मोहब्बत से पेश आए2) जब कोई गलती बहु से हो जाए तो बहु को सुनाने और कोसने की बजाए उसको प्यार से समझाए3)Continue reading “सास बहू के झगड़ों का हल”
हराम के माल से सदका करना कैसा है ,वो कौन से परिंदा है जो जमीन के नीचे पानी की खबर देता है
🌹 हराम माल से किया गया सदका कुबूल नहीं होता,बल्कि ऐसा करने वाला गुनहगार होगा और अगर सवाब की नियत से खर्च किया तो कुफ्र है 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹👉हुदहुद एक मशहूर परिंदा है जिस के बदन पर अलग अलग रंग की धारियां होती हैं उस के सर पर ताज होता है ,, ये फितरतन बदबूदार औरContinue reading “हराम के माल से सदका करना कैसा है ,वो कौन से परिंदा है जो जमीन के नीचे पानी की खबर देता है”
काफिर को काफिर नही कहना चाहिए कहना कैसा ???
🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم ❤ ये कहना के काफिर को काफिर ना कहो ,ये सरीह (साफ) कुफ्र है ,,,काफिर को काफिर कहना ज़रूरियाते दीन से है👉 जो शख्स ये कहता है के काफिर को काफिर ना कहो वो खुद काफिर है,,, इस पर तमाम कलीमा पढ़ने वाले फिर्कों का इत्तेफाक है के “काफिर कोContinue reading “काफिर को काफिर नही कहना चाहिए कहना कैसा ???”
फ़ासिक़ , गुनहगार को पीर बनाना कैसा है??
🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 💛 الحمدللہ رب العالمین،اللہم صل علی سیدنا محمد इल्मे दिन सीखना मुसलमान पर फ़र्ज़ है फ़ासिक़ (गुनहगार) और बद अक़ीदा (जिसका अक़ीदा {मान्यता} सही ना हो) को अपना पीर बनाना हराम हैयदि पीर बद अक़ीदा हो जाए या बड़े गुनाहों (कबीरा गुनाहों) पर अड़ा रहे (करता रहे) तो हमें मुरीदीContinue reading “फ़ासिक़ , गुनहगार को पीर बनाना कैसा है??”
इस्लाही मालूमात (इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है)
بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📕 👉 किसी भी झुटी बात पर अल्लाह को गवाह बनाना या झुटी बात पर जान बूझकर ये कहना के “अल्लाह जानता है” ये कलिमए कुफ्र है 👉 फुकाहा केराम फरमाते हैं ;- जो शख्स कहे अल्लाह जानता है के ये काम मैंने किया है ,हालांकि वो काम उस ने नहींContinue reading “इस्लाही मालूमात (इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है)”
गैर मुस्लिमों के त्यौहार में शरीक होना कैसा है ???
सिर्फ दिखावे के लिए भी मंदिर में पूजा पाठ मिन्नत व समाजत करना कुफ्र है ✍ शारहे बुखारी मुफ्ती शरीफुल हक अमजदी फतावा शारहेे बुखारी कीताबुल अकाइद जिल्द 2 पेज 615 में ऐसे ही एक सवाल के जवाब में फरमाते हैं :- ज़ैद अपने इस काम की वजह से काफिर और मुरतद हो गया इस्लामContinue reading “गैर मुस्लिमों के त्यौहार में शरीक होना कैसा है ???”
सलाम के आदाब
🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 🌹 الحمدللہ رب العالمین والصلوۃ و السلم علی سیید المرسلین 👇👇👇👇👇👇👇👇 📗 )👉 खाना खाने वाले को किसी ने सलाम किया, और खाने वाले के मुँह में उस वक़्त लुक़्मा (निवाला) नहीं है तो वो जवाब दे दे 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹 👉 सलाम करते वक़्त हद्दे रुकू तक (इतना झुकना कीContinue reading “सलाम के आदाब”
जूते चप्पल व कपड़े के कलर के मुत्तालिक बयान
*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ🌹*🌹〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ✍🏻सवाल 1)👉कहा जाता है कि काले जूते पहनने से गम आता है ,क्या ये सही है❓ 🌹 जवाब , 👉 हज़रत सैय्यीदुना अब्दुल्लाह बिन ज़ुबैर और यहया बिन कसीर ने सियाह (काले) जूते पहनने से मना फ़रमाया क्यूंकि ये गम का बाईस (वजह) होते हैंContinue reading “जूते चप्पल व कपड़े के कलर के मुत्तालिक बयान”
कौन से मरे हुए जानवर खाना जायज है
*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ🌹*🌹〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 📓 (1) 👉 इब्ने उमर رضی اللہ عنہ से रिवायत ही के नबिए पाक صلی اللہ علیہ وسلم ने इरशाद फ़रमाया हमारे लिए 2 खून और 2 मुरदार (मरे हुवे जानवर) हलाल (जाइज़) है।👉 2 खून यानी कलेजी और तिल्ली👉 2 मरे हुवे जानवर यानीContinue reading “कौन से मरे हुए जानवर खाना जायज है”
अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत 72 फिरको को गलत क्यो मानता है ???
अहले सुन्नत व जमात सुन्नी हनफ़ी मसलके आला हजरत आखिर क्यों 72 फिरको को गलत जानता व मानता है कभी गौर किया है आप ने , नही ना तो आज गौर करे आखिर क्यों अहले सुन्नत व जमात सुन्नी हनफ़ी मसलके आला हजरत और दीगर फिरको में जो दूरी है उसका कारण सिर्फ ये नहीContinue reading “अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत 72 फिरको को गलत क्यो मानता है ???”
अल्लाह के किन नामो बिना अब्द पुकारना कुफ्र है ??
यूं तो अल्लाह के तमाम ही नामों को जब भी मखलूक (इंसानों) के लिए इस्तेमाल करें तो “”अब्द”” के साथ ही इस्तेमाल करना चाहिए बिना लफ्ज़ “”अब्द”” लगाए पुकारना मना है लेकिन अल्लाह के 5 सिफ़ाती नाम ऐसे हैं जिन के बारे में ये जानते हुवे के ये नाम बिना “अब्द” के किसी बन्दे कोContinue reading “अल्लाह के किन नामो बिना अब्द पुकारना कुफ्र है ??”
किसी मुसलमान के पिछले गुनाहों जिसकी तौबा वह कर चुका है उसको उजागर करना कैसा है ??
*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹 الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ जवाब अर्ज है 👉 अगर कोई मुसलमान कुछ गुनाह के काम करता था अब उस ने अपने गुनाह से तौबा कर ली और उस काम को छोड़ दिया, तो उस मुसलमान को उस पिछले गुनाह की वजह से शर्मिंदा करना और ताना देना और बदनामContinue reading “किसी मुसलमान के पिछले गुनाहों जिसकी तौबा वह कर चुका है उसको उजागर करना कैसा है ??”
नमाज़े जुमा का अहम बयान व शर्त
📗 सवाल / Question (1) नमाज़े जुमा की कितनी शर्त है(यानी नमाज़े जुमा कायम करने की शर्त) सवाल (2) नमाज़े जुमा की फ़र्ज़ होने कितनी शर्त है(यानी नमाज़े जुमा पढ़ने की शर्त) हदीस मुबारक तिर्मिज़ी रावी है कि यज़ीद इब्ने अबी मरियम कहते है कि मैं जुमे को जाता था उबाया इब्ने रिफाआ इब्ने राफेआContinue reading “नमाज़े जुमा का अहम बयान व शर्त”
माँ बाप के साथ हुस्ने सुलूक यानी अच्छे अखलाक से पेश आना क्या है ??
जवाब ::- माँ बाप के साथ हुस्ने सुलूक से पेश आना वाज़िब है 📚 क़ुरआन शरीफ़ में अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने इरशाद फ़रमाया👉 “मां बाप के साथ अच्छा सुलूक करो.तेरे सामने उन में से एक या दोनों बुढ़ापे को पहुंचे तो उन से “उफ़” ना कहना ना झिड़कना और उन से ताज़ीम से बात करना,Continue reading “माँ बाप के साथ हुस्ने सुलूक यानी अच्छे अखलाक से पेश आना क्या है ??”