इस्लाही मालूमात (इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है)

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم

📕 👉 किसी भी झुटी बात पर अल्लाह को गवाह बनाना या झुटी बात पर जान बूझकर ये कहना के “अल्लाह जानता है” ये कलिमए कुफ्र है

👉 फुकाहा केराम फरमाते हैं ;- जो शख्स कहे अल्लाह जानता है के ये काम मैंने किया है ,हालांकि वो काम उस ने नहीं किया तो उस ने कुफ्र किया
(कुफ्रिया कलिमात के बारे में सवाल जवाब)

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📕 👉 सुवर का नाम लेने से ज़ुबान नापाक नहीं होती, जो लोग कहते हैं के सुवर का नाम लेने से ज़ुबान 40 दिन तक नापाक रहती है ,वो जाहिल और गंवार है
इस्लाही मालूमात 20

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📕👉 गाली देने या अपना या दूसरे का घुटना देखने या सुवर का नाम लेने से वूज़ू नहीं टूटता,,

हां दूसरों के सामने घुटना और सतर खोलना हराम है

इस्लाही मालूमात 20

*note पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुस्लिम भाइयो और बहनों तक जरूर शेयर करे , शेयर करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों के इल्मे दिन में इज़ाफ़ा होगा अल्लाह आप को इसकी बेहतर जज़ा देगा इंशाअल्लाह

Published by husainfoundation374

सुन्नी हनफ़ी अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत

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