जवाब ::- माँ बाप के साथ हुस्ने सुलूक से पेश आना वाज़िब है
📚 क़ुरआन शरीफ़ में अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने इरशाद फ़रमाया👉 “मां बाप के साथ अच्छा सुलूक करो.तेरे सामने उन में से एक या दोनों बुढ़ापे को पहुंचे तो उन से “उफ़” ना कहना ना झिड़कना और उन से ताज़ीम से बात करना, और उन के लिए आजिज़ी करना ,और अर्ज़ करना ए मेरे रब तू इन दोनों पर रहम कर जैसे इन दोनों ने मुझे बचपन में पाला
🌹👉 हदीस शरीफ़ में है के एक शख्स ने अर्ज़ किया या रसुलल्लाह अलैहिस्सलाम मेरे सिलए रहम और अच्छे अख्लाक का सब से ज़्यादा हकदार कौन है ,उस शख्स ने तीन बार सवाल दोहराया और प्यारे आका ने हर बार फ़रमाया “तेरी मां” चौथी बार पूछने पर फ़रमाया तेरा बाप (मिश्कात शरीफ)
💐👉 एक शख्स ने अर्ज़ की मेरे ऊपर मां बाप का क्या हक है प्यारे आका ने पूछने वाले से फ़रमाया :- वो तेरी जन्नत हैं या दोज़ख़ यानी तू उन के साथ अच्छा सुलूक करेगा तो जन्नत पाएगा और बुरा सुलूक करेगा तो जन्नम में जाएगा

note:- तो देखा आप ने माँ बाप की क्या अहमियत है इस लिए हम सब को चाहिए कि माँ बाप से अच्छे से पेश आये । पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुस्लिम भाइयो और बहनों तक जरूर शेयर करे , शेयर करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों के इल्मे दिन में इज़ाफ़ा होगा अल्लाह आप को इसकी बेहतर जज़ा देगा इंशाअल्लाह