*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹
الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ
जवाब अर्ज है
👉 अगर कोई मुसलमान कुछ गुनाह के काम करता था अब उस ने अपने गुनाह से तौबा कर ली और उस काम को छोड़ दिया, तो उस मुसलमान को उस पिछले गुनाह की वजह से शर्मिंदा करना और ताना देना और बदनाम करना सख़्त हराम और बहुत बड़ा गुनाह है
🔴👉 हज़रत मआज़ बिन जबल رضی اللہ عنہٗ से रिवायत प्यारे आका ने इरशाद फ़रमाया जो अपने मुसलमान भाई को किसी ऐसे गुनाह पर शमिंदा करे जिस गुनाह से उस ने तौबा करली है तो वो मरेगा नहीं जब तक के खुद उस गुनाह में मुब्तला ना हो जाए
(फ़तावा रज़विया जिल्द 10/599)
अल्लाहु अकबर , इस हदीस से वो लोग सबक लें और खौफ करें जो उन मुसलमान भाई या बेहन को जिन्होंने अपने गुनाहों से तौबा करली है उन्हें उस पहले किए हुवे गुनाह के लिए ताना देते है और बदनाम करते हैं
याद रखो मेरे प्यारे आका के फरमान के मुताबिक मरने से पहले आप खुद वो गुनाह करने लगोगे
ये दुनिया में सज़ा है और मरने के बाद अल्लाह का जो सख़्त अज़ाब होगा वो अलग है
और फिर जो भाई और बहन गुनाह से तौबा कर लेते है उन के लिए क़ुरआन में अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त इरशाद फ़रमाया
” ان للہ يغفر الذنوب جمیعا “
बेशक अल्लाह तआला तौबा के बाद तमाम गुनाह बख़्श देता है,,
और हदीसे पाक में है
التائب من الذنب کم لا ذنب لہ
गुनाह से तौबा करने वाला ऐसा है जैसे उस ने गुनाह किया ही नहीं,
🌹👉 तो जब अल्लाह तौबा करने वालों के गुनाहों को माफ़ फरमा देता है और वो गुनाहों से पाक और साफ हो जाता है तो बन्दों को क्या हक के वो उसे ताना दें या शर्मिंदा करें
तौबा का मतलब भी समझ लो 👉👉तौबा का मतलब है सच्चे दिल से अपने गुनाहों पर शर्मिंदा होना और आइंदा कभी भी उस गुनाह को ना करने का अहद (पक्का इरादा) करना और उस गुनाह को छोड़ना ,,
note इस पोस्ट में दूसरे के पुराने गुनाह जिसकी तौबा वह शख्स कर चुका है के मुत्तालिक जानकारी है पढ़े जरूर । पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुस्लिम भाइयो और बहनों तक जरूर शेयर करे , शेयर करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों के इल्मे दिन में इज़ाफ़ा होगा अल्लाह आप को इसकी बेहतर जज़ा देगा इंशाअल्लाह