हुजुर मुफ्तिये आज़म 2

हुजुर मुफ्तिये आज़म की ज़िंदगी

आप सिलसिलए आलिया क़दीरिया रज़विया के 41 इकतालीस वे इमाम व शैख़े तरीक़त व पीरे कामिल हैं :- आफ़ताबे इल्म व मारफत, माहिताबे रुश्दो हिदायत, वाक़िफ़े असरारे शरीअत दानाए रुमूज़ो हक़ीक़त ताजदारे अहले सुन्नत, जामे माक़ूलात व मन्क़ूलात, शमशुल आरफीन, नाइबे सय्यदुल मुर्सलीन, मुहद्दिसे अकमल, फकीहे अजल, मुक़्तदाए आलम, शहज़ादए मुजद्दिदे आज़म हुज़ूर सय्यदी व मुर्शीदी मुफ्तिए आज़म हिन्द मौलाना अल्हाज अश्शाह अबुल बरकात मुहीयुद्दीन जिलानी आले रहमान मुहम्मद मुस्तफा रज़ा खान नूरी बरेलवी रहमतुल्लाह अलैह | “आप सिलसिलए आलिया क़दीरिया रज़विया के 41 इकतालीस वे इमाम व शैख़े तरीक़त व पीरे कामिल हैं” |

हुज़ूर मुहद्दिसे आज़म हिन्द किछौछवी अशफ़री आप के तअल्लुक़ से क्या फरमाते हैं? :- मुहद्दिसे आज़म हिन्द किछौछवी अशफ़री रहमतुल्लाह अलैह ने मुंबई में फ़रमाया था आज कल दुनिया में जनका फतवा से बढ़ कर तक़वा है | एक शख्सियत मुजद्दिदे हाज़िरा के फ़रज़न्दे दिल बंद का प्यारा नाम “मुस्तफा रज़ा” है जो बेसाख्ता ज़बान पर आता है और ज़बान बेशुमार बरकतें लेती है | नूर चश्म आला हज़रत राहते दिल मुफ्ती आज़म बनाम मुस्तफा शाहे ज़मन और हुज़ूर मुफ्तिए आज़म हिन्द के एक शरई फतवा पर मुहद्दिसे आज़म हिन्द किछौछवी अशफ़री रहमतुल्लाह अलैह लिखतें हैं “ये एक ऐसे आलिम का क़ौल है जिनकी इताअत लाज़िम व ज़रूरी है

Published by husainfoundation374

सुन्नी हनफ़ी अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत

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