🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 💛 الحمدللہ رب العالمین،اللہم صل علی سیدنا محمد इल्मे दिन सीखना मुसलमान पर फ़र्ज़ है फ़ासिक़ (गुनहगार) और बद अक़ीदा (जिसका अक़ीदा {मान्यता} सही ना हो) को अपना पीर बनाना हराम हैयदि पीर बद अक़ीदा हो जाए या बड़े गुनाहों (कबीरा गुनाहों) पर अड़ा रहे (करता रहे) तो हमें मुरीदीContinue reading “फ़ासिक़ , गुनहगार को पीर बनाना कैसा है??”
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इस्लाही मालूमात (इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है)
بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📕 👉 किसी भी झुटी बात पर अल्लाह को गवाह बनाना या झुटी बात पर जान बूझकर ये कहना के “अल्लाह जानता है” ये कलिमए कुफ्र है 👉 फुकाहा केराम फरमाते हैं ;- जो शख्स कहे अल्लाह जानता है के ये काम मैंने किया है ,हालांकि वो काम उस ने नहींContinue reading “इस्लाही मालूमात (इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है)”
गैर मुस्लिमों के त्यौहार में शरीक होना कैसा है ???
सिर्फ दिखावे के लिए भी मंदिर में पूजा पाठ मिन्नत व समाजत करना कुफ्र है ✍ शारहे बुखारी मुफ्ती शरीफुल हक अमजदी फतावा शारहेे बुखारी कीताबुल अकाइद जिल्द 2 पेज 615 में ऐसे ही एक सवाल के जवाब में फरमाते हैं :- ज़ैद अपने इस काम की वजह से काफिर और मुरतद हो गया इस्लामContinue reading “गैर मुस्लिमों के त्यौहार में शरीक होना कैसा है ???”
जूते चप्पल व कपड़े के कलर के मुत्तालिक बयान
*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ🌹*🌹〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ✍🏻सवाल 1)👉कहा जाता है कि काले जूते पहनने से गम आता है ,क्या ये सही है❓ 🌹 जवाब , 👉 हज़रत सैय्यीदुना अब्दुल्लाह बिन ज़ुबैर और यहया बिन कसीर ने सियाह (काले) जूते पहनने से मना फ़रमाया क्यूंकि ये गम का बाईस (वजह) होते हैंContinue reading “जूते चप्पल व कपड़े के कलर के मुत्तालिक बयान”
कौन से मरे हुए जानवर खाना जायज है
*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ🌹*🌹〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 📓 (1) 👉 इब्ने उमर رضی اللہ عنہ से रिवायत ही के नबिए पाक صلی اللہ علیہ وسلم ने इरशाद फ़रमाया हमारे लिए 2 खून और 2 मुरदार (मरे हुवे जानवर) हलाल (जाइज़) है।👉 2 खून यानी कलेजी और तिल्ली👉 2 मरे हुवे जानवर यानीContinue reading “कौन से मरे हुए जानवर खाना जायज है”
अल्लाह के किन नामो बिना अब्द पुकारना कुफ्र है ??
यूं तो अल्लाह के तमाम ही नामों को जब भी मखलूक (इंसानों) के लिए इस्तेमाल करें तो “”अब्द”” के साथ ही इस्तेमाल करना चाहिए बिना लफ्ज़ “”अब्द”” लगाए पुकारना मना है लेकिन अल्लाह के 5 सिफ़ाती नाम ऐसे हैं जिन के बारे में ये जानते हुवे के ये नाम बिना “अब्द” के किसी बन्दे कोContinue reading “अल्लाह के किन नामो बिना अब्द पुकारना कुफ्र है ??”
नमाज़े जुमा का अहम बयान व शर्त
📗 सवाल / Question (1) नमाज़े जुमा की कितनी शर्त है(यानी नमाज़े जुमा कायम करने की शर्त) सवाल (2) नमाज़े जुमा की फ़र्ज़ होने कितनी शर्त है(यानी नमाज़े जुमा पढ़ने की शर्त) हदीस मुबारक तिर्मिज़ी रावी है कि यज़ीद इब्ने अबी मरियम कहते है कि मैं जुमे को जाता था उबाया इब्ने रिफाआ इब्ने राफेआContinue reading “नमाज़े जुमा का अहम बयान व शर्त”
कारोबार करते हुए अपनी ऐब (खराब) माल ,बिना खराबी बताये बेचना कैसा है ???
🌹 जवाब 👉 किसी चीज़ में ऐब हो तो बेचते वक़्त खरीदने वाले को आगाह कर देना ज़रूरी है ,ऐब को छुपाकर चीज़ को बेचना ये ग्राहक को धोका देना है और हुज़ूर अलैहिस्सलाम ने ऐसे कारोबार करने वालों के लिए वईद बयान फरमाई है हज़रत वायेला रदियाल्लहो अनहो फरमाते हैं के मैंने हुज़ूर अलैहिस्सलामContinue reading “कारोबार करते हुए अपनी ऐब (खराब) माल ,बिना खराबी बताये बेचना कैसा है ???”
मज़ार के खादिम हाथ मे जो धागे बांधते है उसका बांधना कैसा ??
*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ🌹* ✍🏻जवाब 👉🏻हाथों में डोरे (लाल पीले धागे) जो मज़ारों के ख़ादिम और मुजाविर हमको पहनाया करते हैं इनको नही पहनना चाहिएऐसा काम गैर मुस्लिमों के बाबा संत साधु लोग करते थे वो तीर्थ यात्रियों के हाथ में डोरे बांधा करते हैहमें काफिर, दीग़र ग़ैर मुस्लिमोंContinue reading “मज़ार के खादिम हाथ मे जो धागे बांधते है उसका बांधना कैसा ??”
मय्यत का खाना, खाना कैसा ??
*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ🌹*🌹〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 इन सब को ध्यान से गौरो फिक्र से पढ़े । इंशाअल्लाह हम सब की इस्लाह होगी । मय्यत के दसवा, बिस्वा,चालीसवाँ वग़ैरह के मौके पर दावत करके खाना खिलाने का जो रिवाज हैं यह भी महज़ गलत और ख़िलाफ़े शरअ हैं, हाँ ग़रीबों और फकीरोंContinue reading “मय्यत का खाना, खाना कैसा ??”
इल्म हासिल ना करने की पकड़
इल्मे दिन सीखना उस पर अमल करना कितना जरूरी है जो इस्लामी बातों की जानकारी ना होने की वजह से अमल नहीं करते उनकी पकड़ क़यामत में होगी इल्म हासिल ना करने वाले की दूगनी पकड़ होगी, पहला इल्म हासिल ना करने की वजह से और दूसरी पकड़ अमल ना करने या गलत अमल करनेContinue reading “इल्म हासिल ना करने की पकड़”
जकात के मसायल 4 जकात कितने तरह के माल पर है
*بسم الله الرحمن الرحيم ♠ ﺍﻟﺼّﻶﺓُﻭﺍﻟﺴّﻼﻡُﻋﻠﻴﻚَ ﻳﺎَﺭﺳُﻮﻝَﺍﻟﻠّٰﻪﷺ ♠ الســـــــــــــــــــــــــلام علــــــيــــــــــــــكـــــــم ورحـــــمــــــة الله تــعـــالــــى وبــــــركـاتـــــــه 👉🏻अमवाले ज़कात 3 है मतलब ज़कात तीन किस्म के माल पर है 👇🏻 (1) सोना ,चांदी (करेंसी नोट भी इन्ही के हुक्म में है )(2)माले तिजारत (मतलब व्यापार बिज़नेस का माल )(3) साइमा मतलब (चरने वाला जानवर ) हवाला 📚फ़ैज़ाने फ़र्ज़Continue reading “जकात के मसायल 4 जकात कितने तरह के माल पर है”
जकात के मसायल 2
بسم اللہ الرحمن الرحیمالصلوۃ والسلام علیک یا رسول اللہ ﷺ ✍🏻ज़कात की फ़रज़ियत में साल के शुरू और आखिर का ऐतबार होता है ,लेहाज़ा अगर निसाब शुरू में मुक्कमल है और साल मुक़्क़मल होने पर निसाब पूरा है ,तो दौराने साल निसाब में होने वाली कमी का कोई नुकसान नहीं ,मौजूदा माल की ज़कात दीContinue reading “जकात के मसायल 2”