नगीनो (पथ्थर) की तासीर व पर्दे के अहकाम और सितारों का बयान

📘 सवाल,1, , क्या नगीनों की कोई तासीर होती है 🛢 जवाब,,, जी नहीं कोई भी तासीर नहीं होती 🚤 👉 आदमी के नामों से पत्थरों का हिसाब किताब निकालना ये सिर्फ पैसे कमाने का फन है ,,, इस के अलावा ये कहना के फुलां पत्थर पहनने से आदमी फलता फूलता है मालदार बन जाताContinue reading “नगीनो (पथ्थर) की तासीर व पर्दे के अहकाम और सितारों का बयान”

सास बहू के झगड़ों का हल

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📔 सास और बहु के बिच के झगड़े को ऐसे ख़त्म किया जा सकता 👇👇👇 सास का कर्तव्य 👇👇1) अपनी बहु को बेटी ही समझे और प्यार मोहब्बत से पेश आए2) जब कोई गलती बहु से हो जाए तो बहु को सुनाने और कोसने की बजाए उसको प्यार से समझाए3)Continue reading “सास बहू के झगड़ों का हल”

हराम के माल से सदका करना कैसा है ,वो कौन से परिंदा है जो जमीन के नीचे पानी की खबर देता है

🌹 हराम माल से किया गया सदका कुबूल नहीं होता,बल्कि ऐसा करने वाला गुनहगार होगा और अगर सवाब की नियत से खर्च किया तो कुफ्र है 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹👉हुदहुद एक मशहूर परिंदा है जिस के बदन पर अलग अलग रंग की धारियां होती हैं उस के सर पर ताज होता है ,, ये फितरतन बदबूदार औरContinue reading “हराम के माल से सदका करना कैसा है ,वो कौन से परिंदा है जो जमीन के नीचे पानी की खबर देता है”

काफिर को काफिर नही कहना चाहिए कहना कैसा ???

🌹 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم ❤ ये कहना के काफिर को काफिर ना कहो ,ये सरीह (साफ) कुफ्र है ,,,काफिर को काफिर कहना ज़रूरियाते दीन से है👉 जो शख्स ये कहता है के काफिर को काफिर ना कहो वो खुद काफिर है,,, इस पर तमाम कलीमा पढ़ने वाले फिर्कों का इत्तेफाक है के “काफिर कोContinue reading “काफिर को काफिर नही कहना चाहिए कहना कैसा ???”

एक शख्स का ये कहना कि तेरे पीर से मेरा पीर अच्छा ,कहना कैसा है

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم एक शख्स का दूसरे शख़्स से ये कहना की हमारे पीर तुम्हारे पीर से ज़्यादा अच्छे हैंयाहमारा सिलसिला तुम्हारे सिलसिले से बेहतर हैयाहमारे पीर के मुरीद (Followers) ज़्यादा हैं और तुम्हारे पीर के कम याहमारे पीर का ख़ानदान तुम्हारे पीर के ख़ानदान से बढ़ चढ़ कर है 👈 ये सबContinue reading “एक शख्स का ये कहना कि तेरे पीर से मेरा पीर अच्छा ,कहना कैसा है”

फ़ासिक़ , गुनहगार को पीर बनाना कैसा है??

🌻 بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 💛 الحمدللہ رب العالمین،اللہم صل علی سیدنا محمد इल्मे दिन सीखना मुसलमान पर फ़र्ज़ है फ़ासिक़ (गुनहगार) और बद अक़ीदा (जिसका अक़ीदा {मान्यता} सही ना हो) को अपना पीर बनाना हराम हैयदि पीर बद अक़ीदा हो जाए या बड़े गुनाहों (कबीरा गुनाहों) पर अड़ा रहे (करता रहे) तो हमें मुरीदीContinue reading “फ़ासिक़ , गुनहगार को पीर बनाना कैसा है??”

इस्लाही मालूमात (इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है)

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرحیم 📕 👉 किसी भी झुटी बात पर अल्लाह को गवाह बनाना या झुटी बात पर जान बूझकर ये कहना के “अल्लाह जानता है” ये कलिमए कुफ्र है 👉 फुकाहा केराम फरमाते हैं ;- जो शख्स कहे अल्लाह जानता है के ये काम मैंने किया है ,हालांकि वो काम उस ने नहींContinue reading “इस्लाही मालूमात (इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है)”

जूते चप्पल व कपड़े के कलर के मुत्तालिक बयान

*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ اللهﷺ🌹*🌹〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ✍🏻सवाल 1)👉कहा जाता है कि काले जूते पहनने से गम आता है ,क्या ये सही है❓ 🌹 जवाब , 👉 हज़रत सैय्यीदुना अब्दुल्लाह बिन ज़ुबैर और यहया बिन कसीर ने सियाह (काले) जूते पहनने से मना फ़रमाया क्यूंकि ये गम का बाईस (वजह) होते हैंContinue reading “जूते चप्पल व कपड़े के कलर के मुत्तालिक बयान”

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