*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*``🌹🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ🌹*
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👉🏻 ज़्यादा छोटे ना समझ कमसिन बच्चो को मस्जिद में लाना या उनका आना शरअन नापसंदीदा नाजाइज़ व मकरूह है!!
इनके आने से नुकसान ..👇🏻👇🏻
👉🏻ये बच्चे नमाज़ को भी खेल समझते हैं और मस्जिद को अपना घर या आम जगह समझते हैं और मस्जिद में शोर करते हैं भागते हैं चिल्लाते हैं कभी कभी नमाज़ियों के सामने भी आ जाते हैं या इनके आगे से गुज़र जाते हैं, इनके (नासमझ बच्चों) आने से बाकि इबादत करने वालों को परेशानी होती हैं
👉🏻समझदार बच्चों के नमाज़ सिखने के लिए मस्जिद हैं और नासमझ के लिए घर और मदरसे हैं
नोट:-👇🏻👇🏻👇🏻
👉🏻जो बच्चें समझदार हों नमाज़ और मस्जिद के अादाब और तरीके, पाकी नापाकी जानते हो और जिनसे इबादत करने वालों को परेशानी ना हो ऐसे बच्चों को आना चाहिए क्योंकि ये भविष्य के नमाज़ी हैं
👉🏻कुछ लोग कहते है बच्चे मस्जिद में नहीं आयंगे तो नमाज़ कैसे सीखेंगे समझदार (सब समझते हो )बच्चो के लिए मस्जिद में आना मना नहीं…और नासमझ छोटे बच्चों के लिए घर और मदरसे है !!!
*हदीस में *रसूल अल्लाह ﷺने*
फ़रमाया “” अपनी मस्जिदों को बचाओ बच्चो से, पागलो से, खरीदने और बेचने से और झगड़े करने से और ज़ोर ज़ोर से बोलने से””!!*
इब्ने माज़ा बाब माँ यकरहु फिल मस्जिद
सफहno.55
👉🏻सदरुशशरीआ हज़रत मौलाना अमजद अली साहब आज़मी रहमतुल्लाहि तआला अलैह लिखते है …”बच्चे और पागल जिन से नजासत का गुमान हो मस्जिद में ले जाना हराम है वरना मकरूह!!””
बहारे शरीअत 📚
हिस्सा सोम
सफहno.182
हवाला 📚
ग़लत फ़हमी और उनकी इस्लाह
वजु के अहम मसायल 1
✍🏻वजु ऊँघने और बैठे बैठे झोंके लेने से वुज़ू नहीं टूटता हैं
इसी तरह पाँव फ़ैला कर बैठे बैठे सोने से वुज़ू नहीं टूटता चाहे टेक लगाए बैठा हो
वुज़ू कब टूटेगा👇👇👇👇
1) चित या पट या करवट से लेट कर सोने से वुज़ू टूट जाता हैं
2) उकड़ू बैठा हो और सो गए तो भी वुज़ू टूट जाता हैं
मसला:-👇🏻
👉🏻अगर नमाज़ में सो गए और और नींद की वजह से ज़मीन पर गिर पड़े और गिरते ही फ़ौरन आँख खुल गई तो वुज़ू नहीं टूटेगा
हवाला📚
ग़लत फ़हमी और उनकी इस्लाह
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दिनी तालीम सीखना हर मुसलमान आकिल बालिग पर फ़र्ज़ है