गैर मुस्लिमों के त्यौहार में शरीक होना कैसा है ???

सिर्फ दिखावे के लिए भी मंदिर में पूजा पाठ मिन्नत व समाजत करना कुफ्र है ✍ शारहे बुखारी मुफ्ती शरीफुल हक अमजदी फतावा शारहेे बुखारी कीताबुल अकाइद जिल्द 2 पेज 615 में ऐसे ही एक सवाल के जवाब में फरमाते हैं :- ज़ैद अपने इस काम की वजह से काफिर और मुरतद हो गया इस्लामContinue reading “गैर मुस्लिमों के त्यौहार में शरीक होना कैसा है ???”

कौन से मरे हुए जानवर खाना जायज है

*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ اللهﷺ🌹*🌹〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 📓 (1) 👉 इब्ने उमर رضی اللہ عنہ से रिवायत ही के नबिए पाक صلی اللہ علیہ وسلم ने इरशाद फ़रमाया हमारे लिए 2 खून और 2 मुरदार (मरे हुवे जानवर) हलाल (जाइज़) है।👉 2 खून यानी कलेजी और तिल्ली👉 2 मरे हुवे जानवर यानीContinue reading “कौन से मरे हुए जानवर खाना जायज है”

अल्लाह ने इस आलम में सब से खूबसूरत औऱ हसीन क्या बनाया है??

*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ اللهﷺ🌹 🔮 इस दुनिया में अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने सब से ज़्यादा हसीन और खूबसूरत अपने महबूब صلی اللہ علیہ وسلم को बनाया है खुद मेरे प्यारे आका ने इरशाद फ़रमाया के :- अल्लाह ने मेरा हुस्न लोगों से छुपा रखा है गैरत की वजह से,,,Continue reading “अल्लाह ने इस आलम में सब से खूबसूरत औऱ हसीन क्या बनाया है??”

अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत 72 फिरको को गलत क्यो मानता है ???

अहले सुन्नत व जमात सुन्नी हनफ़ी मसलके आला हजरत आखिर क्यों 72 फिरको को गलत जानता व मानता है कभी गौर किया है आप ने , नही ना तो आज गौर करे आखिर क्यों अहले सुन्नत व जमात सुन्नी हनफ़ी मसलके आला हजरत और दीगर फिरको में जो दूरी है उसका कारण सिर्फ ये नहीContinue reading “अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत 72 फिरको को गलत क्यो मानता है ???”

अल्लाह के किन नामो बिना अब्द पुकारना कुफ्र है ??

यूं तो अल्लाह के तमाम ही नामों को जब भी मखलूक (इंसानों) के लिए इस्तेमाल करें तो “”अब्द”” के साथ ही इस्तेमाल करना चाहिए बिना लफ्ज़ “”अब्द”” लगाए पुकारना मना है लेकिन अल्लाह के 5 सिफ़ाती नाम ऐसे हैं जिन के बारे में ये जानते हुवे के ये नाम बिना “अब्द” के किसी बन्दे कोContinue reading “अल्लाह के किन नामो बिना अब्द पुकारना कुफ्र है ??”

कारोबार करते हुए अपनी ऐब (खराब) माल ,बिना खराबी बताये बेचना कैसा है ???

🌹 जवाब 👉 किसी चीज़ में ऐब हो तो बेचते वक़्त खरीदने वाले को आगाह कर देना ज़रूरी है ,ऐब को छुपाकर चीज़ को बेचना ये ग्राहक को धोका देना है और हुज़ूर अलैहिस्सलाम ने ऐसे कारोबार करने वालों के लिए वईद बयान फरमाई है हज़रत वायेला रदियाल्लहो अनहो फरमाते हैं के मैंने हुज़ूर अलैहिस्सलामContinue reading “कारोबार करते हुए अपनी ऐब (खराब) माल ,बिना खराबी बताये बेचना कैसा है ???”

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