अल्लाह ने इस आलम में सब से खूबसूरत औऱ हसीन क्या बनाया है??

*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*``🌹🌹الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ اللهﷺ🌹

🔮 इस दुनिया में अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने सब से ज़्यादा हसीन और खूबसूरत अपने महबूब صلی اللہ علیہ وسلم को बनाया है

खुद मेरे प्यारे आका ने इरशाद फ़रमाया के :- अल्लाह ने मेरा हुस्न लोगों से छुपा रखा है गैरत की वजह से,,, क्यूंकि फ़रमाया “”मै अल्लाह का महबूब हूं और मुहिब (मोहब्बत करने वाले) की गैरत का ये तकाज़ा होता है के उस के महबूब को सिवाए उस के और कोई ना देखे

मेरे प्यारे आका का हुस्न ज़ाहिर नहीं किया गया फिर भी हस्ने मुस्तफा का क्या आलम था आइए मुलाहिजा फरमाइए

🌹👉 हज़रत शैख अब्दुल हक मुहद्दिस देहलवी फरमाए हैं :- हुज़ूर सरे मुबारक से लेकर कदम मुबारक तक बिल्कुल नूर थे, आपके के हुस्न और खूबसूरती को देखने से आंख चौंधिया जाती थीं,प्यारे आका चांद और सूरज की तरह रोशन और चमकदार थे,अगर आप लीबासे बशर में ना होते तो कोई भी आपको नज़र भर कर देख नहीं पाता,
तभी तो किसी ने कहा है
🌹 एक झलक देखने की ताब (ताकत)नहीं आलम में,🌹वो अगर जलवा करें कौन तमाशाई हो

(मदारिजुन्नूबुव्वत जिल्द 1 पेज 109)

💚👉 हज़रत कअब बिन मालिक फरमाते हैं जब हुज़ूर खुश होते तो चेहरए अकदस ऐसा चमकदार हो जाता जैसे “”जैसे के चांद का टुकड़ा”

💚👉 हज़रत आईशा सिद्दीका फरमाती हैं के हुज़ूर का हुस्न निराला था ,जो भी आप की तारीफ करता आप को चौदहवीं रात का चांद कहता (तशबिह)

💚👉 हज़रत अबू हुरैरा फरमाते हैं के मैंने हुज़ूर से ज़्यादा हसीन किसी को नहीं देखा जब मै चेहरए अकदस को देखता तो यूं मालूम होता के “”आफताब (सूरज) चेहरए मुबारक में जारी है (मिश्कात,तिरमिज़ी)

💚👉 हज़रत अम्मार बिन यासिर के पोते ने हज़रत रबिअ से कहा के हुज़ूर का कुछ हुलिया मुबारक बयान कीजिए तो हज़रत रबीअ ने फ़रमाया “”””ए बेटे अगर तू प्यारे आका के हुस्न मुबारक को देखता तो देखते ही पुकार उठता के सूरज निकल रहा है”” (खासाईसे कुबरा)

💚👉 हज़रत इमाम फखरुद्दीन राज़ी फरमाते हैं “”हुज़ूर का चेहरे मुबारक इस कदर नूरानी था के जब उसकी नुरानियत दीवारों पर पड़ती तो वो चमक उठती,,

💚👉 और हज़रत आइश फरमाती हैं :- मै सहरी के वक़्त कुछ सिल रही थी के सुई गिर गई , बड़ी तलाश के बाद भी नहीं मिली , इतने में हुज़ूर तशरीफ़ लाए तो उन के चेहरे मुबारक के नूर की किरणों से सुई मिल गई

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Published by husainfoundation374

सुन्नी हनफ़ी अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत

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