*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ🌹* ✍🏻जवाब 👉🏻हाथों में डोरे (लाल पीले धागे) जो मज़ारों के ख़ादिम और मुजाविर हमको पहनाया करते हैं इनको नही पहनना चाहिएऐसा काम गैर मुस्लिमों के बाबा संत साधु लोग करते थे वो तीर्थ यात्रियों के हाथ में डोरे बांधा करते हैहमें काफिर, दीग़र ग़ैर मुस्लिमोंContinue reading “मज़ार के खादिम हाथ मे जो धागे बांधते है उसका बांधना कैसा ??”
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मय्यत का खाना, खाना कैसा ??
*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ🌹*🌹〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 इन सब को ध्यान से गौरो फिक्र से पढ़े । इंशाअल्लाह हम सब की इस्लाह होगी । मय्यत के दसवा, बिस्वा,चालीसवाँ वग़ैरह के मौके पर दावत करके खाना खिलाने का जो रिवाज हैं यह भी महज़ गलत और ख़िलाफ़े शरअ हैं, हाँ ग़रीबों और फकीरोंContinue reading “मय्यत का खाना, खाना कैसा ??”
बच्चो का मस्ज़िद में आना, अहम मसला
*🌹بسم الله الرحمن الرحيم 🌹** `*“🌹🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ🌹*〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 👉🏻 ज़्यादा छोटे ना समझ कमसिन बच्चो को मस्जिद में लाना या उनका आना शरअन नापसंदीदा नाजाइज़ व मकरूह है!! इनके आने से नुकसान ..👇🏻👇🏻 👉🏻ये बच्चे नमाज़ को भी खेल समझते हैं और मस्जिद को अपना घर या आम जगह समझते हैं और मस्जिदContinue reading “बच्चो का मस्ज़िद में आना, अहम मसला”
इल्म हासिल ना करने की पकड़
इल्मे दिन सीखना उस पर अमल करना कितना जरूरी है जो इस्लामी बातों की जानकारी ना होने की वजह से अमल नहीं करते उनकी पकड़ क़यामत में होगी इल्म हासिल ना करने वाले की दूगनी पकड़ होगी, पहला इल्म हासिल ना करने की वजह से और दूसरी पकड़ अमल ना करने या गलत अमल करनेContinue reading “इल्म हासिल ना करने की पकड़”
जकात के मसायल 4 जकात कितने तरह के माल पर है
*بسم الله الرحمن الرحيم ♠ ﺍﻟﺼّﻶﺓُﻭﺍﻟﺴّﻼﻡُﻋﻠﻴﻚَ ﻳﺎَﺭﺳُﻮﻝَﺍﻟﻠّٰﻪﷺ ♠ الســـــــــــــــــــــــــلام علــــــيــــــــــــــكـــــــم ورحـــــمــــــة الله تــعـــالــــى وبــــــركـاتـــــــه 👉🏻अमवाले ज़कात 3 है मतलब ज़कात तीन किस्म के माल पर है 👇🏻 (1) सोना ,चांदी (करेंसी नोट भी इन्ही के हुक्म में है )(2)माले तिजारत (मतलब व्यापार बिज़नेस का माल )(3) साइमा मतलब (चरने वाला जानवर ) हवाला 📚फ़ैज़ाने फ़र्ज़Continue reading “जकात के मसायल 4 जकात कितने तरह के माल पर है”
एक जरुरी इस्लाह
हमे खुद की इस्लाह करनी है पैगाम हुजूर सल्लाहों अलैहि व सल्लम को आगे बढ़ना है इंशाअल्लाह इस लिए आपस अहले सुन्नत के जितने भी इख्तेतलाफ़ है जैसे माइक पर नमाज़, वीडियो, फोटो, इन पर बहस ना करे । इन मसलो पर अपने पीर रहनुमा की पैरोकारी करे । सिलसिला नसब पर भी बहस नाContinue reading “एक जरुरी इस्लाह”