
हमे खुद की इस्लाह करनी है पैगाम हुजूर सल्लाहों अलैहि व सल्लम को आगे बढ़ना है इंशाअल्लाह
इस लिए आपस अहले सुन्नत के जितने भी इख्तेतलाफ़ है जैसे माइक पर नमाज़, वीडियो, फोटो, इन पर बहस ना करे ।
इन मसलो पर अपने पीर रहनुमा की पैरोकारी करे ।
सिलसिला नसब पर भी बहस ना करे कि मैं ये मैं वो याद रखें सभी सिलसिला नसब रज़वी,अशरफी,क़ादरी,नक्शबंदी,चिश्ती,औऱ भी सभी सिलसिला नसब आपने आपने पिरो से होते हुए हज़रते गौसे आज़म तक पहुचते है
इस लिए ये बात याद रखे हम सब एक है सिलसिले की बुनियाद पर और अहम बात अक़ीदे की बुनियाद पर।