الحمداللّہ ربّ العالمین الصــلوة والسلام عليك يارسول اللهﷺ
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इल्मे दीन सीखना फ़र्ज़ है
بسم الله الرحمن الرحيم
🔮 हकिमुल उम्मत मुफ्ती अहमद यार खां नईमी फरमाते हैं 👉 सदकए वाजिब करने की दो हिकमतें है (1) रोजेदार की रोज़े की कोताहियों की माफ़ी
(2) मसाकीन (गरीबों) की रोज़ी का इंतेज़ाम
🌹 कोशिश किया करें के गरीब ज़रूरत मंद को ढूंढ कर दें,और बेहतर है के अनाज की जगह रुपया दें
📚 सवाल /1/ 👉 सदकए फित्र वाजिब है या फर्ज या नफ्ल?
🔮 जवाब 👉 सदकए फित्र वाजिब है
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📚 सवाल /2/ 👉 सदक़ए फ़ित्र कब वाजिब होता है
💚 जवाब 👉ईद के दिन सुबह सादिक तुलुअ होते ही (यानी फज्र का वक़्त होते ही) सदकए फित्र वाजिब हो जाता है, लिहाज़ा अगर बच्चा इस वक़्त से पहले पैदा हुआ तो उस की जानिब से भी सदकए फित्र निकालना वाजिब है (फतावा फैजुररसुल 1/507 । बहारे शरीअत 5/55)
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📚 सवाल /3/ 👉 सदकए फित्र किस पर वाजिब है
🔮 जवाब 👉 सदकए फित्र हर मुसलमान आज़ाद साहिबे नीसाब पर वाजिब है जिस की निसाब हाजते अस्लिया से फ़ारिग हो
🔴 सदकए फित्र और ज़कात के वाजिब होने में फ़र्क है 👉 सदकए फित्र वाजिब होने के लिए माल का नामी होना ज़रूरी नहीं यानी अगर किसी के पास सोना चांदी या माले तिजारत नहीं है लेकिन इस के सिवा हाजते अस्लिया से ज़्यादा कोई माल या सामान है मिसाल के तौर पर तांबा पीतल के बर्तन वगैरा और उन की कीमत सोना चांदी के निसाब के बराबर हो तो इन की वजह से सदकए फितर वाजिब हो जाएगा मगर ज़कात वाजिब नहीं होगी। (फतावा फैजूर्रसुल 1/506 बहारे शरीयत 5/55
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📚 सवाल /4/ 👉 सदकए फित्र की मिकदार कितनी है
💚 जवाब 👉 आला तहकीक ये है के 2 किलो करीब 47 ग्राम गेहूं है (कहीं 45 ग्राम भी आया है) फ़तावा फैजुरसुल 1/510
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📚 सवाल /5/ 👉क्या मर्द मालिके निसाब पर अपने नाबालिग छोटे बच्चे की तरफ से सदकए फित्र देना वाजिब है
🔮 जवाब 👉जी हां मर्द मालीके निसाब पर अपनी तरफ से और अपने छोटे बच्चे की तरफ से वाजिब है
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📚 सवाल /6/ 👉 सदकए फित्र ईद के दिन अदा नहीं कर पाए तो क्या बाद में अदा कर सकते हैं
🔮 जवाब 👉 सदकए फित्र का वक़्त उम्र भर है अगर अदा नहीं किया हो तो अब अदा करे और जब भी अदा करेगा अदा ही है कज़ा नहीं है ,, “हां ईद की नमाज़ से पहले अदा करना सुन्नत है” फैजुररसुल 1/510 बहारे शरीयत 5/55
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