सवाल क्या इस्लाम ने जानवरों के भी कोई हुकूक (हक) दिए हैं

दरगाह हज़रत साबिर पाक कलीयर शरीफ

अल्लाह तआला रहमान और रहीम है और सब से बढ़कर रहम करने वाला है और उस के प्यारे रसूल صلی اللہ علیہ وسلم तमाम आलम के लिए रहमत हैं इस लिए इस्लाम जो अल्लाह का भेजा हुआ और रसूल का लाया हुए दीन (मजहब) है वो रहमत वाला दीन है ,इस लिए इस्लाम में जानवरों के भी कुछ हक हैं जिन का अदा करना हर मुसलमान पर ज़रूरी है

🌹 (1) 👉 जो पाल्तू जानवर काम करते हैं उन को घास और चारा और पानी देना “फ़र्ज़” है और उन की ताकत से ज़्यादा काम उन से काम लेना या भूूका प्यासा रखना और बिना वजह ख़ासकर उन के चेहरे पर मारना गुनाह और नाजाइज है

🌹 (2) 👉 परिंदों के बच्चों को घोंसलों से निकाल लेना या परिंदों (चिड़िया वगैरा) को पिंजरे में कैद कर लेना और बिना ज़रूरत उन परिंदों के मां बाप और जोड़ें को दुख पहुंचाना बहुत बड़ी बे रहमी और ज़ुल्म है जो हर मुसलमान के लिए जाइज नहीं

🌹👉 कुछ लोग किसी जानदार को बांध कर लटका देते हैं और उस पर गुलेल या बन्दूक से निशाना लगाने की प्रैक्टिस करते हैं ये भी बहुत बड़ी बेरहमी और ज़ुल्म है और मुसलमान के लिए हराम है

🌹👉 जिन जानवरों का गोश्त खाना हराम है ,जब तक वो जानवर तकलीफ़ ना पहुंचाए बिना ज़रूरत उन को क़त्ल करना मना है🌹

👉 जिन जानवरों का गोश्त खाना जाइज है ,,, उन को भी सिर्फ खाने या फायदा उठाने के लिए क़त्ल कर सकते हैं,, सिर्फ खेल कूद के लिए बिना ज़रूरत किसी जानवर को क़त्ल करना मुसलमान के लिए जाइज नहीं

पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे मुस्लिम भाइयो और बहनों तक जरूर शेयर करे , शेयर करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों के इल्मे दिन में इज़ाफ़ा होगा अल्लाह आप को इसकी बेहतर जज़ा देगा इंशाअल्लाह

Published by husainfoundation374

सुन्नी हनफ़ी अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत

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