मज़ारों पर सज्दा करना कैसे ?? व मज़ारों के अहकाम


मज़ारों पे ताजीमी सजदा करना नाजाइज़ (हराम) है और उनको छूना चूमना मुनासिब (सही) नही ) है । औऱ ईबादती सज्दा करना कुफ्र है

ध्यान दें 👇👇👇👇
1) ख़ुदा के आलावा किसी को भी सजदा करना नाजाइज़ हैं

*2) मज़ारों में औरतों को जाने की इजाज़त नहीं हैं और ये क़ानून आपकी (औरतों) की सेफ्टी (हिफाज़त) के लिए बनाया गया हैं *
3) मर्द अगर मज़ारों पे जाए तो क़ब्र से कम से कम 4 हाथ के फासले जितनी दुरी पर खड़े हो

4) मज़ार का तवाफ़ (चक्कर) लगाना भी नाजाइज़ हैं

5) मज़ारों पे जाकर रुकू की हद तक झुकना मना हैं

6) अगर चादर चढ़ानी ही हो तो फूल की चादर पेश करें
कभी कभी ऐसा भी होता हैं की किसी मज़ार पे जाओ तो वहाँ पहले से ही बहुत सी फूल और कपड़े की चादरें मौजूद होती हैं तो अब हमको चाहिए के जितनी भी क़ीमत की हम चादर पेश करना चाहते हैं उतनी रकम हम किसी ग़रीब को दे दें उन वली के नाम से और उनके (वली) इसाले सवाब के लिए, यही तालीम हमारी शरीअत हमको देती हैं

नोट:-
मज़ार पे एक कपड़े की चादर काफी हैं

हवाला
गलत फ़हमी और उनकी इस्लाह

हमारी दीगर सोसल मीडिया लिंक :/

Published by husainfoundation374

सुन्नी हनफ़ी अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत

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