ईद मिलादुन्नबी पोस्ट 3

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🇨🇨ईद मिलाद-उन-नबी ﷺ पोस्ट नं.➪:③
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🌟 اَلصَّــلٰوةُوَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَارَسُوْلَ اللّٰهﷺ

🌸👉 सवाल 3 :- क्या सहाबा किराम रिदवानुल्लाहि अन्हुम ने भी कभी मीलाद की महफ़िल मुन्अकिद की है ..?
🌹👉 जवाब 3 : – जी हाँ ! इमाम बुखारी के उस्ताद इमाम अह़मद बिन हम्बल लिखते हैं : सय्यिदुना अमीर मुआ़विया रदियल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं : एक रोज़ रसूल सल्लल्लाहु अ़लैहि व सल्लम का अपने असहाब के ह़लके से गुज़र हुआ ,आप सल्लल्लाहु अ़लैहि व सल्लम ने फरमायाः क्यों बैठे हो ? उन्होंने कहाः हम अल्लाह तआ़ला का जिक्र करने और उसने हमें जो इस्लाम की हिदायत अ़ता फरमाई उस पर हम्द व सना ( तारीफ ) बयान करने और उसने आप सल्लल्लाहु अ़लैहि व सल्लम को भेज कर हम पर जो एहसान किया है उसका शुक्र अदा करने के लिये बैठे थे । आपने फ़रमायाः अल्लाह की क़सम ! क्या तुम इसी के लिये बैठे थे ? सहाबा ने अर्ज़ कियाः अल्लाह की क़सम ! हम सब इसी के लिये बैठे थे । इस पर आप सल्लल्लाहु अ़लैहि व सल्लम ने फ़रमायाः अभी मेरे पास जिबरईल अ़लैहिस्सलाम आए थे , उन्होंने कहा कि अल्लाह तुम्हारी वजह से फ़रिश्तों पर फख्र कर रहा है ।
📓सुनने नसई , हृदीस : 5443 , अल – मोजमुल कबीर : तिबरानी , हदीसः 16057
👉🏻इस हदीस से साबित हुआ कि सहाबा हुजूर सल्लल्लाहु अ़लैहि व सल्लम की मीलाद ( पैदाइश ) पर शुक्र अदा करते थे । यहाँ ये बात भी काबिले ज़िक्र है कि जो लोग हुजूरे अकदस सल्लल्लाहु अ़लैहि व सल्लम की मीलाद की महफ़िल सजाते हैं और उसमें शरीक होते हैं , अल्लाह ऐसे बन्दों पर फ़रिश्तों की जमाअ़त में फख्र फ़रमाता है और हाँ ! हुजूरे अक़दस सल्लल्लाहु अ़लैहि व सल्लम का ज़िक्र अल्लाह ही का जिक्र है इस पर कुर्आन और हुजूर की हदीसें गवाह हैं ।
📓ईद मिलाद-उन-नबी सवाल वह जवाब की रोशनी में , सफा 9/10

📮 पोस्ट जारी रहेगी इन्शा अल्लाह…✍🏻

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Published by husainfoundation374

सुन्नी हनफ़ी अहले सुन्नत वल जमात मसलके आला हजरत

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